राज्यसभा चुनाव : UP में बसपा उम्मीदवार का पर्चा वैध, सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी को लगा झटका

बसपा प्रत्याशी रामजी लाल गौतम यूपी से 10वें उम्‍मीदवार बने. (file photo)
बसपा प्रत्याशी रामजी लाल गौतम यूपी से 10वें उम्‍मीदवार बने. (file photo)

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव (Rajyasabha Election) में बसपा प्रत्याशी रामजी लाल गौतम (Ramji Lal Gautam) का पर्चा वैध पाया गया है. वह यूपी से राज्‍यसभा के लिए 10वें उम्‍मीदवार हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 9:22 PM IST
  • Share this:
लखनऊ. उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव (Rajyasabha Election) में चुनाव आयोग पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. जबकि राज्यसभा चुनाव के लिए यूपी से 10वीं सीट पर बसपा प्रत्याशी (BSP Candidate) का नामांकन बुधवार को जांच में वैध पाया गया और सपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का पर्चा निरस्त हो गया. राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, नामांकन पत्रों की जांच में बसपा प्रत्याशी रामजी लाल गौतम (Ramji Lal Gautam) का पर्चा वैध पाया गया.

हस्ताक्षर फर्जी होने का किया था दावा
गौरतलब है कि गौतम के नामांकन में प्रस्तावक रहे चार बसपा विधायकों असलम राइनी, असलम चौधरी, मुज्तबा सिद्दीकी और हाकिम लाल बिंद ने बुधवार को ही निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गये शपथपत्र में कहा था कि राज्यसभा चुनाव के लिये बसपा प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के तौर पर किये गये उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं. उस वक्त ऐसी अटकलें लगायी जा रही थीं कि बसपा प्रत्याशी गौतम का पर्चा खारिज हो सकता है. हालांकि विधानसभा में बसपा के नेता लालजी वर्मा ने फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि हमने तीन सेट नामांकन दाखिल किये थे. उनमें से दो पर आपत्ति हुई है. हमारा एक नामांकन पत्र वैध है, जहां तक हस्ताक्षर का सवाल है तो सभी असली हैं. नामांकन के समय के फोटोग्राफ भी मौजूद हैं, इसलिए इस बारे में कोई सवाल नहीं उठता कि ये विधायक नामांकन के वक्त मौजूद नहीं थे.

सतीश चंद्र मिश्रा ने प्रकाश बजाज को लेकर कही ये बात
जबकि सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज का नामांकन अवैध पाये जाने के कारण निरस्त कर दिया गया. सूत्रों के मुताबिक अब 10 सीटों पर 10 ही उम्मीदवार मैदान में रह गये हैं और उन सभी के निर्विरोध निर्वाचित होने की सम्भावना प्रबल हो गयी हैं. इस बाबत बसपा के दिग्‍गज नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रकाश बजाज के नामांकन में एक प्रस्तावक का नाम गलत था. उन्‍होंने फॉर्म 26 प्रारूप में अपना नामांकन नहीं भरा था. प्रकाश बजाज कल हाईकोर्ट में अपील करेंगे. अगर हाईकोर्ट ने मामले में दखल नहीं दिया तो सभी प्रत्याशी निर्विरोध घोषित होंगे. आपको बताा दें कि मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले प्रकाश बजाज पेशे से वकील हैं. वो मुंबई में प्रैक्टिस करते हैं. वाराणसी में उनका घर जवाहर नगर कालोनी में है. सियासत उनको विरासत में मिली है. उनके पिता प्रदीप बजाज 1977 में जनता पार्टी से विधायक रहे हैं. वो यूपी की देवरिया सीट से विधायक बने थे. साथ ही वो पूरी दुनिया में आस्था के केंद्र श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के सदस्य भी रहे हैं. जिस समय उनके पिता न्यास परिषद के सदस्य बने थे, उस वक्त भी वो गैर ब्राह्मण होने के कारण काफी चर्चा में रहे थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज