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UP उपचुनाव 2019: मायावती बोलीं- BSP का मनोबल गिराने के लिए बीजेपी का षडयंत्र

News18Hindi
Updated: October 25, 2019, 10:08 AM IST
UP उपचुनाव 2019: मायावती बोलीं- BSP का मनोबल गिराने के लिए बीजेपी का षडयंत्र
BSP का मनोबल गिराने को बीजेपी और सपा ने की साजिश मायावती (फाइल फोटो)

आपको बता दें लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आने के बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन को मनमुताबिक सीटें न मिलने के बाद मायावती ने गठबंधन तोड़ दिया था.

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  • Last Updated: October 25, 2019, 10:08 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव (By Elections) के नतीजे आने के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) का खाता भी नहीं खुला है. इस हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर साजिश के आरोप लगाए हैं. उपचुनाव के परिणाम आने के बाद मायावती ने ट्वीट कर कहा- यूपी विधानसभा आमचुनाव से पहले बीएसपी के लोगों का मनोबल गिराने के षडयंत्र के तहत बीजेपी द्वारा इस उपचुनाव में सपा की कुछ सीटें जिताने का आरोप लगाया. मायावती आगे कहती हैं कि बीएसपी को एक भी सीट नहीं जीतने देने को पार्टी के लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं. वे इनके इस षडयंत्र को फेल करने के लिए पूरे जी-जान से जरूर जुटेंगे.

नहीं खुला बसपा का खाता

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में भाजपा ने 8 और सपा ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है. समाजवादी पार्टी ने रामपुर के अलावा जलालपुर और जैदपुर पर सीट जीतकर अपने विधायकों की संख्या में इजाफा किया है तो भाजपा और अपना दल गठबंधन को- लखनऊ कैंट, गोविन्दनगर (कानपुर), मनिकपुर, बेल्हा, इगलास, गंगोह, घोसी, प्रतापगढ़ पर जीत मिली है. वहीं बसपा और कांग्रेस का इन चुनावों में खाता नहीं खुल पाया है.


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मायावती ने लगाए थे ये आरोप

आपको बता दें लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आने के बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन को मनमुताबिक सीटें न मिलने के बाद मायावती ने गठबंधन तोड़ दिया था. इतना ही नहीं उन्होंने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि उनका अपने परंपरागत यादव वोट पर ही पकड़ कमजोर हो गई है. मायावती ने यह भी कहा था कि अखिलेश यादव ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारने का भी विरोध किया था. इन आरोपों के बावजूद अखिलेश यादव ने मायावती के खिलाफ कुछ नहीं कहा. वो खामोश रहे. उपचुनाव के परिणाम यह साबित करते हैं कि अगर गठबंधन न होता तो बीएसपी 10 सीटें भी नहीं जीत पाती.

मायावती के आरोपों पर प्रतिक्रिया न देकर खामोश रहते हुए अखिलेश यादव ने जता दिया कि वर्ष 2022 में बीजेपी का मुकाबला उनकी ही पार्टी करेगी. इतना ही नहीं 2022 में अगर गठबंधन की जरूरत पड़ी तो वो भी समाजवादी पार्टी के शर्तों पर होगी.

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First published: October 25, 2019, 9:37 AM IST
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