हाथरस कांड: गवाहों को धमकी देने के मामले में मायावती बोलीं- यूपी में न्याय पाना अति-कठिन?

हाथरस कांड में गवाहों को धमकी देने के मामले में मायावती बोलीं (File photo)

हाथरस कांड में गवाहों को धमकी देने के मामले में मायावती बोलीं (File photo)

कोर्ट ने सीआरपीएफ (CRPF) को पहले की तरह पीड़िता के परिजनों और गवाहों को सुरक्षा देने का आदेश भी दिया. बसपा प्रमुख ने सरकार की कार्यशैली को लेकर उठाया सवाल.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 6:46 PM IST
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हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras Kand) में हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद पीड़ित पक्ष के वकील और गवाहों को धमकाने के मामले में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने यूपी सरकार पर निशाना साधा है. सोमवार को मायावती ने ट्वीट कर कहा, यूपी के अति-दुःखद व शर्मनाक हाथरस गैंगरेप के पीड़ित परिवार को न्याय पाने में जिन कठिनाइयों का लगातार सामना करना पड़ रहा है वह जग-जाहिर है, लेकिन इस मामले में अब कोर्ट में जो नए तथ्य उजागर हुए वे सरकार की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.'

मायावती ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि हाथरस कांड में माननीय. हाईकोर्ट से गवाहों को धमकाने की जांच का आदेश दिए जाने के बाद यूपी सरकार फिर कठघरे में है. लोग सोचने को मजबूर कि पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा? यह आम धारणा बन गई है कि यूपी में अपराधियों का राज है और यहाँ न्याय पाना अति-कठिन है?

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इससे पहले हाईकोर्ट ने हाथरस के जिला जज और सीआरपीएफ को 15 दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट के बाद इस मामले के ट्रायल को कहीं और ट्रांसफर करने पर भी विचार होगा. कोर्ट ने राज्य सरकार और हाथरस जिला प्रशासन को आदेश दिया कि पीड़िता के परिवार, गवाह और वकीलों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए.
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कोर्ट ने कहा इस मामले के ट्रायल की वीडियोग्राफी भी करवाई जाए. कोर्ट ने सीआरपीएफ को पहले की तरह पीड़िता के परिजन, गवाह को सुरक्षा देने का आदेश भी दिया. जस्टिस राजन राय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने हाथरस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया.



सख्त होगी कार्रवाई

कोर्ट ने अपने आदेश में साफ़ कहा है कि कोई भी व्यक्ति ट्रायल को प्रभावित करने की कोशिश या पीड़िता के परिजनों, गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे आरोपियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई भी चलाई जाएगी. डिवीजन बेंच ने हाथरस के एससी एसटी स्पेशल कोर्ट को इस मामले की कार्रवाई "इन कैमरा" करवाने का आदेश भी दिया. गौरतलब है कि पीड़िता के भाई ने अर्जी दी थी कि 5 मार्च को केस के ट्रायल के दौरान हाथरस में कुछ वकीलों और भीड़ ने पीड़िता के वकील को धमकाया था.
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