कर्नाटक: इकलौते बसपा MLA ने भी नहीं सुनी मायावती की बात, पार्टी से निकाला

कर्नाटक विधानसभा में बहुमत का गणित ये था कि 224 का बहुमत चाहिए था. लेकिन 19 विधायक गैर हाजिर रहे लिहाजा बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा बीजेपी के पास था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 23, 2019, 9:03 PM IST
कर्नाटक: इकलौते बसपा MLA ने भी नहीं सुनी मायावती की बात, पार्टी से निकाला
बसपा प्रमुख मायावती (File Photo)
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Updated: July 23, 2019, 9:03 PM IST
पिछले दो सफ्ताह से चल रहा कर्नाटक का ड्रामा आखिर मंगलवार की शाम खत्म हो गया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद लगातार विश्वास मत को टालने की कोशिश नाकाम हुई. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की सरकार फ्लोर टेस्ट के दौरान 99 बनाम 105 के मुकाबले गिर गई. लेकिन पूरी कवायद के दौरान बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक एन महेश गैर हाजिर रहे. इस पर कार्रवाई करते हुए मायावती ने एन महेश को पार्टी से निष्कासित कर दिया.

इस बात की जानकारी देते हुए मायावती ने ट्वीट किया, 'कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के समर्थन में वोट देने के पार्टी हाईकमान के निर्देश का उल्लंघन करके बीएसपी विधायक एन महेश आज विश्वास मत में अनुपस्थित रहे, जो अनुशासनहीनता है. जिसे पार्टी ने अति गंभीरता से लिया है और इसलिए विधायक महेश को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.'

मायावती का ट्वीट


इससे पहले रविवार को बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि विधायक महेश, कुमारास्वामी सरकार के पक्ष में वोट देंगे. मायावती ने रविवार को ट्वीट किया था, 'बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कर्नाटक में अपने बसपा के विधायक को सीएम कुमार स्वामी की सरकार के समर्थन में वोट देने हेतु निर्देशित किया है.'

मायावती का ट्वीट


224 का बहुमत चाहिए था
कर्नाटक विधानसभा में बहुमत का गणित ये था कि 224 का बहुमत चाहिए था. लेकिन 19 विधायक गैर हाजिर रहे लिहाजा बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा बीजेपी के पास था. बीजेपी ने 99 के खिलाफ 105 मतों से विश्वास मत हासिल कर लिया. फिलहाल कुमारास्वामी इस्तीफा देने पहुंचे हैं. बीजेपी बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश करेगी.
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14 महीने चली गठबंधन सरकार
बता दें,  कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने 14 महीने 116 विधायकों के साथ सरकार चलाई. 1 जुलाई को कांग्रेस के दो विधायकों के इस्तीफे के बाद पिछले 23 दिन से राज्य में सियासी उठा-पटक का माहौल था. राज्य में कुल 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद 18 जुलाई को फ्लोर टेस्ट की तारीख तय हुई थी. लेकिन बार-बार हंगामे के कारण फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका.

कुमारस्वामी ने सदन में मांगी माफी
फ्लोर टेस्ट में फेल होने पर कुमारस्वामी ने माफी मांगी. कुमारस्वामी ने कहा, 'मैं विधानसभाध्यक्ष और राज्य की जनता से माफी मांगता हूं.'

बता दें, मई 15, 2018 को घोषित परिणाम के मुताबिक, बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें हासिल हुई थीं. इसके बाद हुए उपचुनाव में दो सीटें कांग्रेस के खाते में गयी थीं. लिहाजा कांग्रेस के विधानसभा में 80 विधायक थे. तीन अन्य के खाते में सीटें थीं, जिसमें एक विधायक बसपा का था.

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First published: July 23, 2019, 8:45 PM IST
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