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यूपी में गठबंधन से कांग्रेस के आउट होने पर बसपा की चुप्पी, सपा दे रही ये दलील
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 19, 2018, 1:45 PM IST

यूपी में गठबंधन को लेकर सीटों के बंटवारे के जिस फ़ॉर्मूले पर सहमति बनी है, उसके मुताबिक इस गठबंधन में अजीत सिंह की रालोद को भी शामिल किया गया है. बसपा 38, सपा 37 और रालोद तीन सीटों पर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा लेगी.

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2019 के लोकसभा चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश में गठबंधन की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है. खबर है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए बनने वाले गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखने का फैसला लगभग ले लिया है. दोनों ही दलों ने सीटों के बंटवारे का फ़ॉर्मूला भी तय कर लिया है और इसका औपचारिक ऐलान बसपा सुप्रीमो मायावती के बर्थडे यानी 15 जनवरी को किया जाएगा.

UP में सपा-बसपा गठबंधन से बाहर हुई कांग्रेस, मायावती के बर्थडे पर ऐलान संभव!

उधर बसपा की तरफ से गठबंधन को लेकर कोई बयान नहीं आया है. वहीं समाजवादी पार्टी गठबंधन की शक्ल को लेकर गोलमोल जवाब देती दिख रही है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह साजन कहते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ किया है कि हम ऐसा फॉर्मूला निकालेंगे कि देश के प्रधानमंत्री को हम बदल पाएं. देश की उस सरकार को हटा पाएं, जिसने किसानों को धोखा दिया, बेरोजगार नौजवानों को धोखा दिया. खासतौर से पिछड़े और दलितों का हक छीनने का जो काम किया है.



उस सरकार को देश की गद्दी से हटाना है. अब गठबंधन का स्वरूप क्या होगा, वह राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा. उन्होंने कहा कि गठबंधन में जो भी दल होंगे, उनका राष्ट्रीय नेतृत्व स्वरूप तय करेगा. समाजवादी पार्टी लगातार ऐसा प्रयास कर रही है कि हम ऐसा गठबंधन बनाएं, जिससे कम से कम उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का सफाया हो.



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वहीं कांग्रेस कह रही है कि अभी गठबंधन पर कोई निर्णय नहीं हुआ है लेकिन साथ ही राहुल गांधी के नेतृत्व में ही गठबंधन बनने की बात कह रही है. कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा कहती हैं कि हमारी जानकारी में अभी तक कुछ ऐसा नहीं है. महागठबंधन में कांग्रेस शामिल हो रही है या नहीं. लेकिन एक बात वह कहेंगीं कि 2017 का चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस ने लड़ा था. उपचुनाव में भी चारों पार्टियों ने एक प्रत्याशी को समर्थन दिया. राज्यों के ​चुनाव में भले ही हमने अलग-अलग एजेंडे पर चुनाव लड़ा हो. पर जो ताकतें भारतीय जनता पार्टी की सांप्रदायिक सोच के खिलाफ लड़ना चाहती हैं, वे उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में सोनिया जी और राहुल जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ें.

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उधर यूपी में गठबंधन को लेकर सीटों के बंटवारे के जिस फ़ॉर्मूले पर सहमति बनी है, उसके मुताबिक इस गठबंधन में अजीत सिंह की रालोद को भी शामिल किया गया है. बसपा 38, सपा 37 और रालोद तीन सीटों पर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा लेगी. हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद गठबंधन की गुंजाइश बनी रहे, लिहाजा गठबंधन कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में गठबंधन प्रत्याशी नहीं उतारेगा. साथ ही सपा अपने कोटे की कुछ सीटें भी अन्य छोटे दल जैसे निषाद पार्टी, पीस पार्टी को दे सकती है. कहा जा रहा है कि सीट बंटवारे के इस फ़ॉर्मूले पर दोनों ही दलों के शीर्ष नेताओं में सहमति बन चुकी है.

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First published: December 19, 2018, 1:15 PM IST
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