बिजली दरों में वृद्धि से नाराज मायावती ने कहा- फैसला जनविरोधी

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 4, 2019, 8:14 AM IST
बिजली दरों में वृद्धि से नाराज मायावती ने कहा- फैसला जनविरोधी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिजली दरें बढ़ाये जाने पर जताई नाराजगी

उधर मायावती के हमले के बाद उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रदेश को सपा बसपा के पापों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है.

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लखनऊ. बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने उत्तर प्रदेश बीजेपी सरकार (BJP Government) द्वारा बिजली की दरों में वृद्धि (Electricity Bill Hike) के फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे जनविरोधी बताया. साथ ही कहा कि सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए. बता दें प्रदेश के उपभोक्ताओं को झटका देते हुए सरकार ने बिजली दरों में 12 प्रतिशत की वृद्धि की है. सरकार के इस फैसले से पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा.

मायावती ने ट्वीट कर कहा, "उत्तर प्रदेश बीजेपी सरकार द्वारा बिजली की दरों को बढ़ाने को मंजूरी देना पूरी तरह से जनविरोधी फैसला है. इससे प्रदेश की करोड़ों खासकर मेहनतकश जनता पर महंगाई का और ज्यादा बोझ बढ़ेगा व उनका जीवन और भी अधिक त्रस्त व कष्टदायी होगा. सरकार इसपर तुरन्त पुनर्विचार करे तो यह बेहतर होगा."

सपा-बसपा के पापों का परिणाम भुगतना पड़ रहा

उधर मायावती के हमले के बाद उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रदेश को सपा बसपा के पापों का परिणाम भुगतना पड़ रहा है. सपा-बसपा सरकार की कारगुजारियों से बिजली कंपनियां भारी घाटे में पहुंच गई हैं. इन्हें घाटे से उबारना बड़ी चुनौती है. सरकार को न चाहते हुए भी बिजली दरें बढ़ानी पड़ रही है.

लगभग 12 फीसदी तक वृद्धि

दरअसल उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (Uttar Pradesh Electricity Regulatory Commission) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार शहरी और कॉमर्शियल क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली की दरों में इजाफा कर दिया है. आदेश के अनुसार शहरी क्षेत्र में जहां लगभग 12 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है, वहीं औद्योगिक क्षेत्र में ये इजाफा करीब 10 फीसदी का किया गया है. इसके अलावा सरकार ने ग्रामीण इलाकों में फिक्स चार्ज 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया है. प्रदेश में आम लोगों-किसानों के विरोध के बाद भी बिजली की दरों में 10 से 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है.

दो साल बाद ये बढ़ोत्तरी की गई है. इससे पहले 2017 में योगी सरकार बनने के बाद निकाय चुनाव समाप्त होते ही बिजली की दरों में औसतन 12.73 फीसदी का इजाफा किया गया था.

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First published: September 4, 2019, 8:14 AM IST
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