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... तो भीम आर्मी के चंद्रशेखर का जवाब है मायावती का भतीजा आकाश आनंद?

भतीजे आकाश आनंद के साथ मायावती

भतीजे आकाश आनंद के साथ मायावती

आकाश आनंद को राजनीति में लाने का मन मायावती ने दो साल पहले ही बना लिया था. सहारनपुर जातीय हिंसा के दौरान जिस तरह से चंद्रशेखर का नाम आगे आया, मायावती यह समझ चुकी थीं कि आने वाले दिनों में वह उनके दलित वोट बैंक की राजनीति के लिए एक बड़ी चुनौती होंगे.

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भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाकर मायावती ने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है. आकाश आनंद को जहां एक ओर मायावती के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं वह बसपा का युवा चेहरा भी होंगे. दरअसल, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के दलित युवाओं के बीच बढ़ते कद को देखते हुए मायावती को एक युवा चेहरे की तलाश थी. उन्होंने करीब दो साल पहले ही लंदन से मैनेजमेंट की डिग्री लेकर लौटे आकाश आनंद को राजनीति का ककहरा सिखाना भी शुरू कर दिया था. लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने इस बात के संकेत भी दे दिए थे कि वह आकाश को पार्टी में अहम जिम्मेदारी देंगी.

दरअसल, आकाश आनंद को राजनीति में लाने का मन मायावती ने दो साल पहले ही बना लिया था. सहारनपुर जातीय हिंसा के दौरान जिस तरह से चंद्रशेखर का नाम आगे आया, मायावती यह समझ चुकी थीं कि आने वाले दिनों में वह उनके दलित वोट बैंक की राजनीति के लिए एक बड़ी चुनौती होंगे. यही वजह थी कि वर्ष 2017 में जब जातीय हिंसा के बाद वह शब्बीरपुर गांव पहुंचीं तो उनके साथ पहली बार आकाश आनंद भी नजर आए थे. उस वक्‍त भी आकाश आनंद को लेकर मीडिया में काफी खबरें छपी थीं.

चंद्रशेखर का बढ़ता कद मायावती के लिए खतरा
हालांकि, चंद्रशेखर बसपा प्रमुख मायावती को अपनी बुआ मानते हैं और उन्हें समर्थन की बात करते हैं. लेकिन, बसपा सुप्रीमो ऐसा नहीं मानतीं. वह लगातार चंद्रशेखर पर हमले करती रही हैं और उन्हें बीजेपी की 'बी' टीम बताती रही हैं. इतना ही नहीं मायावती ने चंद्रशेखर को समर्थन देने की जगह बसपा ज्वाइन कर कैडर के लिए काम करने की नसीहत भी दे डाली थी. राजनीति की माहिर मायावती यह भलीभांति जानती हैं कि चंद्रशेखर का जो क्रेज दलित युवाओं में देखने को मिल रहा है, उससे कहीं न कहीं बसपा के बेस वोट को ही खतरा है. अब आकाश आनंद को पार्टी में अहम जिम्मेदारी देते हुए उन्हें चंद्रशेखर की पॉपुलैरिटी को कम करने के मिशन पर लगाया गया है.

 आनंद को लाने के पीछे तीन अहम वजह
वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं कि आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक बनाने के पीछे तीन अहम वजह हैं. पहली वजह तो यह है कि युवाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता. दूसरी वजह, सपा और कांग्रेस के युवा चेहरों की विफलता और तीसरा सबसे अहम कारण है पश्चिम उत्‍तर प्रदेश में चंद्रशेखर का उदय. मायावती आकाश आनंद के रूप में शहरी युवाओं को एक फ्रेश चेहरा देने की कोशिश कर रही हैं. उनकी कोशिश है कि अखिलेश और राहुल गांधी के फेल होने के बाद आकाश आनंद अगर युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं तो यूपी में वे बीजेपी को कुछ चुनौती दे सकती हैं. उधर, पश्चिम यूपी में जाटव और मुस्लिमों में भी चंद्रशेखर के प्रभाव की निष्क्रिय करने में उन्हें मदद मिलेगी.

अहम होगी आकाश आनंद की भूमिका
राष्ट्रीय समन्वयक के तौर पर आकाश आनंद की सबसे बड़ी जिम्मेदारी पार्टी से युवाओं को जोड़ने की होगी. उन्हें राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी में ब्राह्मण चेहरा सतीश चंद्र मिश्रा और लोकसभा में बसपा के नेता व मुस्लिम चेहरा दानिश अली के साथ सभी वर्गों को पार्टी के विचारधारा से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वह भाईचारा कमेटी के माध्यम से पार्टी की विचारधार युवाओं तक पहुंचाएंगे. मायावती को लगता है कि 24 साल के आकाश आनंद पार्टी को सोशल मीडिया पर भी एक्टिव करने में महत्वपूर्ण रोल अदा करेंगे.

चंद्रशेखर दलित-मुस्लिम कॉम्बिनेशन पर बढ़ रहे हैं आगे
दरअसल, पश्चिम यूपी में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर दलित और मुस्लिम कॉम्बिनेशन पर आगे बढ़ रहे हैं. वो दलितों और मुस्लिमों से जुड़े हर मुद्दे को उठा रहे हैं. चाहे वह अलवर गैंगरेप मामला हो या फिर गाजियाबाद में मस्जिद गिराने का मामला, चंद्रशेखर अपनी राजनीति को 'डीएम' फैक्टर के इर्द-गिर्द ही समेटे हुए हैं. इसी राजनीति पर मायावती भी आगे बढ़ती दिख रही हैं. लिहाजा चंद्रशेखर को वे प्रतिद्वंदी मानकर चल रही हैं.

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प्रबुद्ध सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में बोले CM योगी आदित्यनाथ- राहुल एक्सिडेंटल हिंदू

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी को बताया एक्सिडेंटल हिंदू.

BJP's election strategy : सीएम योगी ने कहा है कि विपक्षी नेता ट्विटर पर खेल रहे हैं. बार-बार इटली भाग जाते हैं. हिन्दुतान से बाहर जाकर वे देश की निंदा करते हैं. देवी-देवताओं को नकारना उनकी प्रकृति का हिस्सा है. एक्सिडेंटल हिन्दू होने पर यही होता है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी शनिवार को प्रबुद्ध सम्मेलन के समापन के मौके पर राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें एक्सिडेंटल हिंदू बताया है. सीएम ने कहा है कि विपक्षी नेता ट्विटर पर खेल रहे हैं. बार-बार इटली भाग जाते हैं. यूपी ने उनके परिवार को प्रधानमंत्री बनाया, लेकिन हिन्दुतान से बाहर जाकर वे देश की निंदा करते हैं. देवी-देवताओं को नकारना उनकी प्रकृति का हिस्सा है. एक्सिडेंटल हिन्दू होने पर यही होता है. एक्सिडेंटल हिंदू जो लोग होते हैं, वही राम और कृष्ण को नकारते हैं.

आपको बता दें कि बीजेपी की तरफ से यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए 5 सितंबर से प्रदेश के सभी 403 सीटों पर प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, दोनों डिप्टी सीएम समेत प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं के कार्यक्रम तय किए गए हैं. 5 सितंबर से शुरू हुआ ये सम्मेलन 20 सितंबर तक होना है. लिहाजा लखनऊ के पुरनिया चौराहा स्थित पंचायती राज विभाग के निदेशालय में आयोजित प्रबुद्ध सम्मलेन को सीएम योगी ने संबोधित किया. इस सम्मेलन में सीएम योगी ने सरकार के साढ़े 4 साल की उपलब्धियों का बखान करने के साथ ही विपक्षी दलों को भी निशाने पर रखा.

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‘नेतृत्व ईमानदार तो देश एकजुट’

सीएम योगी ने कहा कि नेतृत्व जब ईमानदार और चरित्रवान होता है, तो पूरा देश एकजुट होकर उसके पीछे चल पड़ता है. मोदी जी की यही ताकत है. हर जगह मोदी जी या मैं नहीं जा सकता. लेकिन हमारे जनप्रतिनिधि एक सीमित स्थानों पर जाते हैं. ऐसे में हमारे प्रबुद्धजन समाज का नेतृत्व करते हैं. यूपी में कोरोना प्रबंधन बेहतरीन रहा और प्रदेश में एक भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं हुई. सोचिए अगर 2017 से पहले कोरोना आ गया होता तो क्या होता. आजादी के बाद से पूर्वोत्तर अशांत था, लेकिन बीते 7 वर्षों में पूर्वोत्तर की तस्वीर बदल गई. ज्यादातर अलगाववादी संगठनों ने हथियार डाल दिए हैं. जो बचे हैं, वे भी डाल देंगे. पहले बिजली नहीं आती थी, राज्य की सीमा में घुसते ही सड़कें टूटी हुई मिलती थीं, दंगे हर जिले में होते थे, बहन-बेटियों की इज्जत पर हाथ डाला जाता था. यूपी के लोगों को बाहर हेय दृष्टि से देखा जाता था. हमारी सरकार ने एक भी दंगा होने नहीं दिया है. ये हमने कोई उपकार नहीं किया, ये सरकार का काम है.

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‘मुझे सिर्फ 3 साल मिले’

हमारे साढ़े 4 सालों में डेढ़ साल कोरोना खा गया इसलिए मुझे सिर्फ 3 साल मिले. सरकार की योजनाएं माफिया और अपराधी बनाया करते थे. सपा सरकार में तत्कालीन कृषि मंत्री 6 महीने दफ्तर ही नहीं गए थे. उन्हें कृषि उत्पादन आयुक्त का नाम नहीं पता था. जब प्रदेश बाढ़ में डूबा रहता था, तब फिल्मी हस्तियां कार्यक्रम के लिए आया करते थे. डीजीपी के घर से थोड़ी दूर पर एक माफिया ने 5 इमारतें खड़ी कर दीं. शत्रु सम्पत्ति पर बनी सम्पत्तियों पर हमने बुलडोजर चलवाया. हमने यूपी को देश की नंबर 2 अर्थव्यवस्था बनाई है. अगले 6 महीने प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं. आपको प्रदेश के हित में सोचने वाली या माफियाओं को समर्थन करने वाली सरकार चाहिए, इसपर सोचना चाहिए. अयोध्या के लिए अगर हम बदनाम होते हैं तो हम बदनाम होने को तैयार हैं. मंदिर का निर्माण ऐसा हो रहा है कि 1000 साल तक मंदिर को कुछ नहीं हो सकता.

UP के चर्चित IPS त्रिवेणी सिंह पर बन रही वेब सीरीज Cyber Singham

UP: लखनऊ में आईपीएस त्रिवेणी सिंह पर वेब सीरीज साइबर सिंघम की शूटिंग शुरू हो गई है.

UP News: साइबर सिंघम वेब सीरीज आईपीएस प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के जीवन से प्रेरित है. ये उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध अधीक्षक हैं. भारत में कई जटिल साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने के पीछे प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह का हाथ रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 18:41 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के आईपीएस अफसर (IPS Officer) अब बॉलीवुड को भी लुभाने लगे हैं. ऐसे ही एक आईपीएस अफसर हैं, प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह (IPS Prof Triveni Singh). यूपी के इस चर्चित साइबर कॉप ने अभी कई बड़े अनसुलझे केस सुलझाए हैं. ये देश के पहले आईपीएस अफसर भी हैं, जिन्होंने साइबर लॉ में डॉक्टरेट की है. अब इन्हीं पर एक वेब सीरीज साइबर सिंघम (Cyber Singham) बनने जा रही हैं. पिछले दिनों इसकी शूटिंग लखनऊ में शुरू हुई. ये वेब सीरीज सच्ची साइबर अपराध की घटनाओं पर आधारित है. लखनऊ स्थित रागा पैलेस में इसकी शूटिंग शुरू हुई है.

वेब सीरीज आईपीएस प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के जीवन से प्रेरित है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध अधीक्षक हैं. भारत में कई सबसे जटिल तकनीकी साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने के पीछे प्रोफेसर सिंह का हाथ रहा है.

इसके वेब सीरीज के निर्देशक अविनाश गर्ग बॉलीवुड की कई जानी मानी फिल्में कर चुके हैं. इनमें गोविंदा और शिल्पा शेट्टी की परदेशी बाबू प्रमुख है.

वेब सीरीज में प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह का किरदार मयूर मेहता कर रहे हैं.  और उनकी टीम में दिव्य दृष्टि नाटक के कलाकार पारस मदान, कोलकाता की मॉडल युक्ति सिंह, लखनऊ से बॉलीवुड कलाकार महेश देवा और औरैया से विक्रान्त दुबे नजर आएंगे.

वेब सीरीज का पोस्टर

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वेब सीरीज साइबर सिंघम का पोस्टर

इस वेब सीरीज का उद्देश्य मनोरंजन के साथ ही लोगों में साइबर क्राइम के प्रति सचेत करना भी होगा. सीरीज के किरदार बताएंगे कि साइबर क्राइम का शिकार होने से कैसे बचा जाए?

सीरीज के निर्देशक अविनाश गर्ग ने इसमें कोई भी एडल्ट कंटेंट नहीं होगा, लोग अपने परिवार के साथ बैठकर इसका लुत्फ ले सकेंगे. जानकारी के अनुसार ये वेब सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म एपेक्स प्राइम (Apex Prime) पर लांच की जाएगी.

Record: सबसे ज्यादा राशन कार्ड को Aadhar Card से लिंक करने वाला राज्य बना UP

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत यूपी सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है.  (File Photo: सीएम योगी)

UP News: यूपी में राशन कार्ड धारकों की संख्या 3,60,12,758 हो गई है. यही नहीं यूपी अब देश का पहला ऐसा राज्य हो गया है, जिसके 99.79 राशन कार्ड अब आधार कार्ड से लिंक हैं.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के योगी सरकार (Yogi Government) ने राशन वितरण की व्यवस्था में काफी सुधार किए हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) योजना के तहत नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज किया है. बीते 6 माह में 1,61,256 लोगों के नए राशनकार्ड बनाए गए हैं. इसके साथ ही यूपी में अब एनएफएसए राशनकार्ड धारकों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 60 लाख 12,758 (3,60,12,758) हो गई है. इनमें से अधिकतर को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है. यह अपने आप में नया रिकार्ड है, क्योंकि सूबे के 99.79 फीसद राशन कार्ड अब आधार कार्ड से जुड़ गए हैं.

इतनी बड़ी संख्या में किसी अन्य राज्य में अभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा नहीं जा सका है. यूपी अब देश का पहला ऐसा राज्य हो गया है, जिसके 99.79 राशन कार्ड अब आधार कार्ड से लिंक हैं.

सरकार का मानना है कि राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने के चलते अब राशन वितरण में होने वाली धांधली पर पूरी तरह रोक लग गई है. इसके साथ ही इ-पास (प्वाइंट आफ सेल) मशीन के उपयोग से राशन वितरण में अब कोटेदार की धांधली पर अंकुश लगाया गया है. हर राशन कार्ड धारक को राशन मिल रहा है. अब उन लोगों को भी राशन देने की व्यवस्था कर ली गई है, जिनके अंगूठे का निशान का मिलान नहीं हो पा रहा था. ऐसे राशन कार्ड धारकों को मोबाइल ओटीपी के आधार पर राशन मुहैया कराया जाएगा.

अन्य राज्यों से यूपी में रोजगार करने आये लोग भी इस योजना के तहत राशन की दुकानों से राशन पा रहे हैं. उक्त व्यवस्था की चलते ही इस वर्ष कोरोना संकट में सरकार ने 15 करोड़ लोगों को जुलाई और अगस्त में फ्री राशन उपलब्ध कराया गया. सरकारी राशन दुकानों से हर कार्ड धारक को 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल वितरित किया गया.

कोरोना की पहली लहर के दौरान भी योगी सरकार ने पात्र कार्ड धारकों को 8 महीने तक मुफ्त राशन वितरण किया था. तब 5 किलो खाद्यान्न प्रति यूनिट की दर से राज्य सरकार ने सरकारी दुकानों से अप्रैल से नवंबर तक 60 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का मुफ्त वितरण किया था, जो कि देश में एक रिकॉर्ड है.

इस बार भी कार्ड धारकों को फ्री राशन

खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गरीब और जरूरतमंदों को राशन मुहैया कराने को लेकर सूबे की सरकार बेहद संवेदनशील है. जिसके चलते ही प्रदेश सरकार ने सबसे पहले मई 2020 में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू किया गया था. अब प्रदेश के सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में अन्त: जनपदीय राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू है.

वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत प्रदेश में नेशनल पोर्टेबिलिटी की सुविधा के चलते प्रदेश के 87,239 कार्डधारकों द्वारा अन्य राज्यों से और अन्य राज्यों के 8110 कार्डधारकों द्वारा उत्तर प्रदेश में राशन लिया गया है. इस योजना को लागू करने के चलते यूपी से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में कार्य करने गए श्रमिक वहां राशन की दुकानों से राशन ले रहे हैं.

यूपी से दिल्ली गए 27,585, हरियाणा गए 20,964 और महाराष्ट्र गए 11,587 लोगों ने राशन लिया है. यही नहीं अब गलत तरीके से राशन कार्ड बनवाने वाले लोगों के राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा रही हैं, ताकि जरूरतमंदों को ही फ्री और सस्ता राशन मिले. अपर मुख्य सचिव का कहना है कि यूपी में जरूरतमंद को राशन बांटने की व्यवस्था आसान की गई है. इसमें होने वाली धांधली को रोकने की व्यवस्था की गई है.

तो क्या UP विधानसभा चुनाव से पहले सस्ती हो जाएगी बिजली? जानिए पूरा मामला

UP Election 2022: यूपी में बिजली दरों में कटौती को लेकर उपभोक्ता परिषद ने अभियान तेज कर दिया है.  (File photo)

UP News: ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव पर अविलम्ब उपभोक्ता हित में कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया. साथ ही यह आश्वासन दिया कि सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली दिलाने की पक्षधर है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली दरों में कमी किए जाने को लेकर उपभोक्ता परिषद की याचिका पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. आयोग ने इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. उधर याचिका दाखिल करने वाले उपभोक्ता परिषद ने भी लामबंदी तेज कर दी है. आज राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात की और इस लोक महत्व के प्रस्ताव पर सरकार से बिजली दरों में कमी कराने के लिए सहयोग मांगा. ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन दिया है कि उपभोक्तओं को सस्ती बिजली देने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव पर प्रभावी विचार होगा, जिससे गरीब किसान आम जनता को राहत मिल सके.

बता दें कि उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में याचिका दाखिल की है. इसमें कहा है कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर निकल रहे लगभग 20596 करोड़ के एवज में बिजली दरों में अगले पांच वर्षो तक 6.8 प्रतिशत कमी की जाए. इसी को लेकर उपभोक्ता परिषद के अवधेश वर्मा ने ऊर्जा मंत्री कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार से वह सहयोग चाहती है. प्रदेश सरकार बिजली कम्पनियों व पावर कॉर्पोरेशन को निर्देश दे कि वह प्रस्ताव का सहयोग करें, जिससे बिजली दरों में कमी की जा सके.

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद जनहित में सरकार से यह भी मांग करती है कि सरकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 में लोकमहत्व का विषय मानते हुए विद्युत नियामक आयोग को भी बिजली दरों में कमी करने के लिए अपना अभिमत व निर्देश दे, जिससे प्रदेश की जनता को राहत मिल सके.

ऊर्जा मंत्री को प्रस्ताव सौंपते उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष

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UP: ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा को बिजली दरों में कमी का प्रस्ताव सौंपते उपभोक्ता परिषद के अवधेश वर्मा

अवधेश वर्मा ने ऊर्जा मंत्री के सामने ये मुद्दा भी उठाया कि पावर कॉर्पोरेशन की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे, इसलिए महंगी बिजली खरीद पर अंकुश लगाकर भी लगभग 2000 करोड़ हर वर्ष बचाया जा सकता है. इसी तरह वितरण हानियों में 1 प्रतिशत कमी होने पर लगभग 400 करोड़ बचाया जा सकता है.

बिजली कम्पनियों में फिजूल खर्ची पर भी अंकुश लगाकर लगभग 500 करोड़ हर वर्ष बच सकता है. आज बिजली कम्पनियों में सभी स्तर पर देखें तो लगभग 500 करोड़ रुपए के निजी व सरकारी कंसल्टेंट रखे गये हैं. फिर भी घाटा बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है. सभी स्तर पर छानबीन कर पारदर्शिता लागू की जाय तो हर वर्ष अतिरिक्त 3000 करोड़ की बचत की जा सकती है.

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव को अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजते हुए अविलम्ब उपभोक्ता हित में कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया. साथ ही यह आश्वासन दिया गया कि सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली दिलाने की पक्षधर है. प्रस्ताव पर प्रभावी विचार किया जायेगा, जिससे आने वाले समय में प्रदेश की गरीब आम जनता व किसान को राहत प्रदान की जा सके.

फूलन देवी के नाम बनाएंगे स्मारक-पार्क, संपत्ति हड़पने वालों को भिजवाएंगे जेल: संजय निषाद

फूलन देवी की मूर्ति लगाकर बनेंगे पार्क, संपत्ति हड़पने जाएंगे जेल: संजय निषाद

UP Election 2022 : फूलन देवी को लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि फूलन देवी के नाम से अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट न्यास का गठन किया जाएगा. न्यास के माध्यम से फूलन देवी का यहां स्मारक और पार्क बनेगा. उनकी संपत्ति हड़पने वालों के खिलाफ आंदोलन करन उन्हें जेल पहुंचाएंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 17:30 IST
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लखनऊ. फूलन देवी (Phoolan Devi) को लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि फूलन देवी के नाम से अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट न्यास का गठन किया जाएगा. न्यास के माध्यम से फूलन देवी का यहां स्मारक और पार्क बनेगा. दिल्ली में जहां उनकी हत्या की गई थी वहां उनकी मूर्ति लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हर गांव में जिस तरीके से अंबेडकर की मूर्ति लगाई गई है उसी तरह से निषाद राज और फूलन देवी वीरांगना की मूर्ति लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि फूलनदेवी किसी एक देश की नहीं बल्कि विश्व की महान महिलाओं में एक हैं.

संजय निषाद ने कहा कि फूलन देवी की संपत्ति को हड़पने वाले लोगों के खिलाफ आंदोलन करेंगे. उन्हें जेल भिजवाएंगे. साथ ही सपा के पूर्व स्थानीय विधायक के खिलाफ जांच कराकर फूलन देवी की संपत्ति की जांच कराकर उनकी मां को वापस करवाएंगे.

विजय मिश्रा को गलत फंसाया

बाहुबली विजय मिश्रा पर बोलते हुए संजय निषाद ने कहा कि विजय मिश्रा हमारे नेता और विधायक हैं. उनके खिलाफ अधिकारियों ने षड्यंत्र रचा है. सरकार से हम लोग मांग करेंगे कि इसकी जांच की जाए. जो दोषी है उस पर कार्रवाई की जाए. पहले हम बातचीत करेंगे सरकार के साथ हैं. अगर बातचीत हल नहीं होगा तो आंदोलन करेंगे.

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उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों में हमारे समाज के आरक्षण पर विधायकों को बोलने की इजाजत नहीं थी मंत्री से, लेकिन आज मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री और जेपी नड्डा से लेकर शीष नेतृत्व बैठकर बात कर रहा है. इसे 70 साल से 70 गुना उलझा रखा था, इसे सुलझाने में समय चाहिए. समय आने से पहले भाजपा से इसे पूरा करवाएंगे. उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को 25 लाख लोग रमा देवी पार्क में जाएंगे औ अपने हितों की रक्षा फैसला करेंगे.

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UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अपनी सरकार के साढ़े चार साल के काम का ब्यौरा पेश करने जा रहे हैं. (File Photo)

Yogi Government 4 and a half years: News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने कानून व्यवस्था, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, किसान, रोजगार से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) 19 सितम्बर को अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. 19 सितम्बर को सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने कानून व्यवस्था, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, किसान, रोजगार से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है.

उज्जवला योजना

(नए एलपीजी कनेक्शन यह योजना मई- 2016 से कार्यान्वित है)

अखिलेश सरकार -55.31 कनेक्शन

योगी सरकार- 1 करोड़ 67 लाख कनेक्शन

प्रदेश में पहली बार माफिया राज पर चला बुलडोजर

माफियाओं की अवैध ढंग से अर्जित 1866 रुपये करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त

वर्ष 2016 के सापेक्ष वर्ष 2020 (एफसीआर के आंकड़े) से तुलना करने पर डकैती में 70.1 फीसदी, लूट में 69.3 फीसदी, हत्या में 29.1 फीसदी, बलवा में 33.0 फीसदी, रोड होल्ड अप में 100 फीसदी, अपहरण में 35.3 फीसदी, दहेज मृत्यु में 11.6 फीसदी व बलात्कार के मामलों में 52 फीसदी की कमी आई.

150 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए, 3427 अपराधी घायल हुए, गैंगस्टर एक्ट में 44759 अभियुक्त गिरफ्तार एवं 630 अभियुक्त रासुका में निरुद्ध

11 हजार 864 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी

सीएए के विरोध प्रदर्शन में सरकारी संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वालों से वसूली

बेहतर पुलिसिंग के लिए लखनऊ, नोएडा, कानपुर नगर एवं वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू

जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक के लिए उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक की मंजूरी

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेफ सिटी परियोजना एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन

पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में एफआईआई काउंटर खोल गए

214 नए थाने की स्थापना

लखनऊ में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी का निर्माण प्रारंभ

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन एवं एसडीआरएफ और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन

प्रत्येक जनपद में साइबर सेल एवं जोन में साइबर पुलिस थाने की स्थापना

आतंकी गतिविधियों पर अंकुश के लिए स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम का गठन

एक लाख 43 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती एवं 76 हजार अराजपत्रित पुलिस कर्मियों की पदोन्नति

योगी सरकार की बुकलेट- विकास की लहर, हर गांव- हर शहर

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साढ़े 4 साल के काम को लेकर योगी सरकार की बुकलेट

प्रधानमंत्री आवास योजना

वर्ष 2007 से 2016 तक इंदिरा आवास योजना संचालित थी

मायावती सरकार-16 लाख

अखिलेश सरकार- 13 लाख

योगी सरकार- 42 लाख से अधिक का निर्माण

मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में एक लाख 8 हजार 495 आवासों का निर्माण

पहली बार मुसहर, वनटांगिया वर्ग व कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों को 50,602 आवास

वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा पहली बार

किसानों के लिए साढ़े चार वर्ष में किए कार्य

86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ के ऋण माफ

गन्ना किसानों को 1.44 लाख करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान

476 लाख मीट्रिक टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन

खांडसारी इकाइयों को निशुल्क लाइसेंस

एमएसपी में दोगुना तक वृद्धि

435 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की सरकारी खरीद, किसानों को 79 हजार करोड़ का भुगतान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में दो करोड़ 53 लाख 98 हजार किसानों को 37,388 करोड़ हस्तांतरित

2399 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को 2376 करोड़ की क्षतिपूर्ति

किसानों को 4 लाख 72 हजार करोड़ फसली ऋण का भुगतान

45 कृषि उत्पाद मंडी शुल्क से मुक्त

मंडी शुल्क एक प्रतिशत घटाया गया

220 मंडियों का आधुनिकीकरण

291 ई नाम मंडी की स्थापना

महिला सशक्तिकरण को लेकर कदम

बालिकाओं को स्नातक स्तर तक निशुल्क शिक्षा

एक करोड़ 67 लाख मातृशक्तियों को उज्ज्वला योजना में मुफ्त गैस कनेक्शन

सीएम कन्या सुमंगला योजना से 9 लाख 36 हजार बेटियों को लाभ

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 1.52 लाख से अधिक निर्धन कन्याओं का विवाह

पीएम मातृ वंदना योजना में 40 लाख माताएं लाभांवित

मुस्लिम महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात

मुस्लिम महिलाओं को बिना महरम के हज पर जाने की सुविधा

ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) वितरित, स्वामित्व अभिलेख (घरौनी) घर की महिला के नाम

प्रदेश के सभी 1535 थानों में पहली बार महिला हेल्प डेस्क की स्थापना

महिलाओं को तुरंत न्याय दिए जाने को लेकर 218 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना

81 मजिस्ट्रेट स्तरीय न्यायालय व 81 अपर सत्र की स्थापना

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में एक करोड़ 80 लाख बच्चियां लाभांवित

मनरेगा योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की 18 हजार महिला का चयन

करीब 56 हजार महिलाएं बैंकिंग सखी के रुप में कर रही हैं कार्य

10 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक करोड़ महिलाओं को रोजगार

इसके सापेक्ष वर्ष 2007 से 2012 तक प्रदेश में 2,07,543 और वर्ष 2012 से 2017 में 83,148 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ था.

वर्ष 2007 से 2012 तक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से  1,17,805 जबकि 2012 से 2017 तक 1,10,113 रोजगार दिए गए थे.

58,758 महिलाएं सामुदायिक शौचालयों में सफाई कर्मियों के रूप में चयनित

बिछा उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का जाल

पहली बार प्रदेश में हुए 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट

8 एयरपोर्ट संचालित, 13 अन्य एयरपोर्ट एवं 7 हवाईपट्टी का विकास

341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा पूरा

297 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य प्रगति पर

594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे लिए हुआ भूमि अधिग्रहण

91 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का कार्य प्रगति पर

बलिया लिंक एक्सप्रेस वे को मिली मंजूरी

सड़कों का बिछा जाल

14,471 किमी सड़कों का चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण

3,49,274 किमी सड़कों का गड्ढामुक्ति करण किया गया , जबकि वर्ष 2007 से 2012 तक 1,97,188 किमी और 2012 से 2017 तक 2,13,146 किमी था.

15,286 किमी नई सड़कों का व 925 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण

124 लांग ब्रिज, 54 रेल फ्लाइओवर का अप्रोच मार्ग पूरा, एंव 355 स्माल ब्रिजेस का निर्माण प्रगति पर

तहसील मुख्यालयों व ब्लॉक मुख्यालयों को दो लेन सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य प्रगति पर

प्रदेश की सीमा से लिंक होने वाली राष्ट्रीय सीमा व अंतरराष्ट्रीय सीमा से लिंक होने वाली 82 सड़को के लिए 1759 करोड़ रुपये की लागत से 929 किमी लंबाई का कार्य प्रगति पर.

10 महानगर, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज एवं झांसी में मेट्रो रेल परियोजना

नोएडा में एशिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी का निर्माण प्रस्तावित

कोरोना काल खंड में 56 हजार करोड़ा का विदेश निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ

पीएम सड़क योजना में 7007 किमी सड़क का निर्माण

स्वास्थ्य क्षेत्र में योगी सरकार ने किए ऐतिहासिक काम

59 जनपदों में न्यूनतम 1 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील

16 जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के स्थापना की प्रक्रिया शुरू

गोरखपुर, रायबरेली एम्स के संचालन

महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्विद्यालय गोरखपुर का निर्माण शुरू

पीएम जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) में 6 करोड़ 47 लाख लोगों को बीमा कवर

42.19 लाख लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में बीमा कवर

लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण शुरू

6 नए सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल ब्लॉक की स्थापना

गोरखपुर, भदोही में वेटरनरी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण

प्रदेश भर में 4470 एम्बुलेंस संचालित

नियमित/संविदा पर 9512 चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती

चिकित्सकों की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई

NIRF की इंडिया रैंकिंग में SGPGI 5वे, बीएचयू 7वें, केजीएमयू 9वें, AMU 15वें स्थान पर

UP JEECUP Counselling 2021: यूपी जेईई के दूसरे राउंड के शुरू हुए रजिस्‍ट्रेशन, च्‍वाइस फिलिंग में रखें इन बातों का ध्यान

UP JEECUP Counselling 2021: यूपी जेईई के दूसरे राउंड के रजिस्‍ट्रेशन शुरू हो गए हैं

UP JEECUP Counselling 2021: भ्यर्थी अपने जिले में ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. आवेदन करने के लिए जरूरी डॉक्‍यूमेंट का वेरिफिकेशन सभी जिलों में स्थापित सहायता केंद्रों पर किया जाएगा. 18 सितंबर को यूपी जेईई के लिए दूसरे राउंड के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 16:09 IST
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नई दिल्ली. UP JEECUP Counselling 2021: उत्तर प्रदेश संयुक्त पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2021 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब प्रदेश भर के जिलों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है. आज यानी 18 सितंबर को यूपी जेईई के लिए दूसरे राउंड के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं. रजिस्ट्रेशन कराने वाले अभ्यर्थियों की सीट अलॉटमेंट लिस्‍ट 20 सितंबर को जारी कर दी जाएगी. उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट jeecup.nic पर उपलब्ध जानकारी के माध्यम से अपना रजिस्‍ट्रेशन पूरा करना होगा.

बता दें कि अभ्यर्थी अपने जिले में ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. आवेदन करने के लिए जरूरी डॉक्‍यूमेंट का वेरिफिकेशन सभी जिलों में स्थापित सहायता केंद्रों पर किया जाएगा. आवेदन के दौरान सबसे आवश्यक बात यह है कि अभ्यर्थी ध्यानपूर्वक च्‍वाइस फिलिंग के लिए विकल्प चुने क्योंकि चुने गए विकल्पों के आधार पर ही सीट अलॉटमेंट किया जाएगा.

UP JEECUP Counselling Round: इन स्टेप्स से करें रजिस्ट्रेशन

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeecup.nic.in पर विजिट करें.
  • यहां होमपेज पर दिख रहे कैंडिडेट लॉगिन लिंक पर जाएं.
  • लॉगिन के लिए एक नया पेज खुलेगा.
  • यहां नये पेज पर लॉग-इन करने के लिए रोल नंबर, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन डालें.
  • इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर कॉलेज विकल्प चुनें.
  • आवेदन शुल्क का भुगतान करें और इसका एक प्रिंट ले लें.

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बता दें कि 14 सितंबर से ग्रेजुएट पॉलिटेक्निक कार्यक्रमों में एडमिशन के लिए पहले दौर की काउंसलिंग शुरू हुई थी. जिसके लिए सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जा चुकी है. वहीं दूसरे राउंड के लिए सीट अलॉटमेंट लिस्ट 20 सितंबर को जारी की जाएगी. इसी प्रकारी दूसरे राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने का बाद 23 सितंबर को तीसरे राउंड के लिए सीट अलॉलमेंट लिस्ट जारी की जाएगी. काउंसलिंग निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवार को विकल्प का चयन करते समय 3000 रुपये की फीस जमा करनी होगी. निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, दूसरे राउंड के माध्यम से अलॉटेड सीट लॉक करने की लास्‍ट डेट 22 सितंबर है. तीसरे राउंड का नया रजिस्‍ट्रेशन, रजिस्‍ट्रेशन फीस का भुगतान और अन्य प्रक्रियाएं 21 सितंबर से शुरू होंगी.

BJP है पिछड़ा वर्ग की दुश्मन, साढ़े 4 साल में केवल हमारे काम का फीता काटा: अखिलेश यादव

UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी को पिछड़ा वर्ग का दुश्मन बताया है.  (File pic)

UP News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा कि देश में जब 2.5 करोड़ प्रतिदिन वैक्सीन लगाने के क्षमता है तो रोज़ लगती क्यों नहीं? इस दशहरा तक रावण के साथ कोरोना को जलाकर खत्म करने की योजना पर काम करना चाहिए.

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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को लखनऊ में कहा कि देश में जब 2.5 करोड़ प्रतिदिन वैक्सीन (Vaccine) लगाने के क्षमता है तो रोज़ लगती क्यों नहीं? इस दशहरा (Dussehra) तक रावण के साथ कोरोना (COVID-19) को जलाकर खत्म करने की योजना पर काम करना चाहिए. बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन पर अखिलेश ने कहा कि बीजेपी पिछड़ों की दुश्मन है.

उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज मेट्रो के प्रोटोटाइप का उद्घाटन किया गया. सरकार केवल हमारे कामों का ही शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है. कानपुर मेट्रो को हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ था लेकिन हमें काम नहीं करने दिया गया. लखनऊ मेट्रो को भी आगे नहीं बढ़ाया गया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में दरार आ गई, ये एक्सप्रेसवे कभी भाजपा का नहीं था. साढ़े चार साल की सरकार में केवल हमारे काम का फीता काटा है.

वहीं बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को अखिलेश यादव ने दिखावा बताते हुए पिछड़ों की दुश्मन बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ों की कभी नहीं रही. इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि पत्रकार जानते हैं कि आने वाले समय मे भविष्य का रास्ता कहां से निकलेगा? लखनऊ नवाबों का शहर है और यहां हर क्षेत्र में नवाब हैं. पत्रकारिता को तथ्यों से जोड़कर आप जिम्मेदारी से काम करते हैं. आज पूरा का पूरा कम्युनिकेशन का दौर बदल गया है. स्मार्ट फोन की वजह से हर व्यक्ति पत्रकार बन गया है. प्रिंट का रेवेन्यू नीचे और डिजिटल का रेवेन्यू ऊपर जा रहा है.

लखनऊ के विकास तो बहुत हुआ लेकिन विकास पर राजनीति नहीं हो रही है. विकास हमें जोड़ता है. अगर इकॉनमी पर बात होगी तो यूपी की जनता के सामने बहुत कठिन समय है. पत्रकारिता मजबूत है तो हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा. इस बार यूपी में जनता हमें 400 सीटें भी जिता सकती है.

UP सरकार के साढ़े 4 साल पर ताबड़तोड़ प्रेस कांफ्रेंस, CM योगी लखनऊ और मंत्री जिलों में गिनाएंगे काम

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को सरकार के साढ़े 4 साल के कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे. (File Photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ 19 सितम्बर को खुद लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 14:34 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल 19 सितम्बर को पूरा कर रही है. यूपी विधानसभा चुनाव-2022 (UP Assembly Election-2022) की तैयारियों में लगी बीजेपी ने इसे बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की है. दरअसल सरकार की मंशा है कि उसके किए गए काम की जानकारी प्रदेश के हर नागरिक को हो. इसी को देखते हुए बीजेपी सरकार ने अपनी उपलब्धियां बताने के लिए राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. 19 सितम्बर को सीएम योगी आदित्यनाथ खुद लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

इस बार आजादी के अमृत महोत्सव की तर्ज पर सरकार साढ़े 4 साल का काम काज – विकास की लहर, हर गांव, हर शहर होगा नारा.

लखनऊ के अलावा मंत्री सरकार के साढ़े 4 साल की उपलब्धियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बताएंगे. दोपहर 1 बजे प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी.

जानिए कौन माननीय किस जिले में करेगा प्रेस कांफ्रेंस

केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी- महाराजगंज

केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान- मुजफ्फरनगर

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल- आगरा

सांसद संगम लाल गुप्ता- प्रतापगढ़

सांसद अरुण सागर- शाहजहांपुर

सांसद अजय कुमार मिश्रा- लखीमपुर

सांसद प्रवीण निषाद- संत कबीर नगर

एमएलसी विद्यासागर सोनकर- रायबरेली

सांसद रामशंकर कठेरिया- इटावा

सांसद वरुण गांधी- पीलीभीत

सांसद उपेंद्र रावत- बाराबंकी

सांसद जयप्रकाश निषाद- अंबेडकरनगर

सांसद महेश शर्मा- गौतम बुद्ध नगर

सांसद संतोष कुमार गंगवार- बरेली

सांसद चंद्र सेन जादौन- फिरोजाबाद

सांसद विजय दुबे- कुशीनगर

राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम- मुरादाबाद

सांसद सुब्रत पाठक- कन्नौज

सांसद अक्षयवरलाल गोंड- बहराइच

सांसद अनुराग शर्मा- झांसी

मंत्री गुलाब देवी- अमरोहा

मंत्री उदय भान सिंह- मैनपुरी

मंत्री मनोहर लाल कोरी- बलरामपुर

सांसद सुरेंद्र नागर- आजमगढ़

सांसद विजयपाल तोमर- मेरठ

सांसद साक्षी महाराज- उन्नाव

सांसद सत्यदेव पचौरी- कानपुर

इनपुट: अनामिका सिंह/अजीत सिंह

Lucknow university UGET 2021 Result: लखनऊ विवि की अंडरग्रेजुएट प्रवेश परीक्षा का की मेरिट लिस्ट जारी

Lucknow university Result : लखनऊ विवि की प्रवेश परीक्षा अगस्त में हुई थी.

Lucknow university UGET 2021 Result : लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंडरग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट 2021 का रिजल्ट जारी कर दिया है. भ्यर्थियों को अब कटऑफ के अनुसार काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 14:30 IST
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नई दिल्ली. Lucknow university UGET 2021 Result : लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए हुई प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी हो गया है. यह अब लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है. अभ्यर्थी लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट lkouniv.ac.in पर चेक कर सकते हैं. लखनऊ विवि ने प्रवेश परीक्षा के स्कोर कॉर्ड के साथ कट ऑफ भी जारी कर दिया है. विभिन्न अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा अगस्त में हुई थी. प्रवेश परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों को अब कटऑफ के अनुसार काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा.

लखनऊ विवि के नोटिस के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय 12वीं के मार्क्स दर्ज नहीं किए थे उनको रैंक यूजीईटी 2021 और 10वीं के मार्क्स के आधार पर आवंटित की जाएगी. अभ्यर्थियों के लिए ध्यान देने वाली बात यह भी है कि वेरीफिकेशन के समय डॉक्यूमेंट्स वैलिड नहीं होंगे तो चयन रद्द कर दिया जाएगा.

लखनऊ विवि प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट ऐसे चेक करें
– सबसे पहले लखनऊ विवि की वेबसाइट lkouniv.ac.in पर जाएं
– अब एक विंडो UG Courses 2021 Provisional Merit List’ पॉप अप होगा
– इस विंडो पर क्लिक करें
– अब एक नए पेज पर रिडायरेक्ट कर दिया जाएगा
– यहां अपना कोर्स सेलेक्ट करें
– एक पीडीएफ फाइल ओपन होगी
– इसमें अपना नाम और रोल नंबर सर्च करें
– इसके लिए CTRL+F शॉर्टकट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं

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