कृषि बिल पर बसपा सुप्रीमो मायावती का Tweet, केंद्र सरकार को दी ये नसीहत

बसपा सुप्रीमो मायावती (File Photo)
बसपा सुप्रीमो मायावती (File Photo)

बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने ट्वीट किया कि बीएसपी ने यूपी में अपनी सरकार के दौरान कृषि से जुड़े अनेकों मामलों में किसानों की कई पंचायतें बुलाकर उनसे समुचित विचार-विमर्श करने के बाद ही उनके हितों में फैसले लिए थे. केन्द्र सरकार भी ऐसा करती तो यह बेहतर होता.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 9:25 PM IST
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लखनऊ. किसानों (Farmers) से जुड़े तीन अहम अध्यादेश भले ही संसद के दोनों सदनों से पास करा लिए गए हों, लेकिन इस मुद्दे पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा तीन कृषि बिलों के (Farmers Bills) खिलाफ किसानों ने आंदोलन की धार को और तेज कर दिया है. गुरुवार को पंजाब में किसानों ने राज्य में तीन दिनों का रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया है. आगे और भी मोर्चे खुलने का अंदेशा जताया जा रहा है. इस बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) भी केंद्र सरकार को अपने अंदाज में घेर रही हैं.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को ट्वीट किया, “जैसा कि विदित है कि बीएसपी ने यूपी में अपनी सरकार के दौरान कृषि से जुड़े अनेकों मामलों में किसानों की कई पंचायतें बुलाकर उनसे समुचित विचार-विमर्श करने के बाद ही उनके हितों में फैसले लिए थे. यदि केन्द्र सरकार भी किसानों को विश्वास में लेकर ही निर्णय लेती तो यह बेहतर होता.”






कौन से तीन विधेयक कराए गए पास?

बता दें केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पिछले हफ्ते पास किए गए 3 बिलों में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा करार, आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक शामिल है. पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों को आश्वासन दिया था कि इन ऐतिहासिक बिलों से किसानों को लाभ होगा. ये कानून किसानों का शोषण करने वाले बिचौलियों को उनसे दूर करेंगे और वे सीधे अपनी उपज बेच सकते हैं. इस बीच, पंजाब में कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार ने इन विधेयकों को संघीय ढांचे पर एक घातक हमला बताया है. वहीं मामले में बीजेपी शासित राज्य केंद्र के समर्थन में हैं.
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