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बजट सत्र: सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधायक निधि बढ़ाकर तीन करोड़ करने का दिया प्रस्ताव
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 28, 2020, 11:09 PM IST
बजट सत्र: सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधायक निधि बढ़ाकर तीन करोड़ करने का दिया प्रस्ताव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) ने कहा यह बजट सेशन है और बजट तक ही सत्र सीमित होता है. 15 वर्षों का रिकॉर्ड उठा कर देखिए सबसे ज्यादा सदन हम लोगों ने चलाया है.

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लखनऊ. बजट सत्र (Budget session) के दौरान शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) ने विधायक निधि और विधायकों को वेतन भत्तों को तीन करोड़ तक किए जाने को लेकर बयान दिया. सीएम ने कहा कि विधायक निधि को तीन करोड़ कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसको लेकर संसदीय कार्यमंत्री की अध्यक्षता में कमेटी बननी चाहिए.

सबसे ज्यादा सदन हम लोगों ने चलाया है: सीएम योगी
साथ ही उन्होंने वेतन और भत्तों की बढ़ोतरी को लेकर भी वित्त मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी बनाने को कहा. विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए सीएम ने कहा कि सदन नहीं चलाये जाने को लेकर विपक्ष आरोप लगा रहा है, लेकिन सदन को कौन लोग बाधित कर रहे हैं यह दिख रहा है. उन्होंने कहा कि गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) के 150 वर्ष पूरे होने के समय पर तमाम जरुरी मुद्दों को लेकर 48 घंटे लगातार सदन चलाने का काम किया था. उस वक्त सभी दलों के नेताओं ने सहमति दी थी लेकिन बाद में कोई भी सदन में नहीं आया. विपक्ष नहीं चाहता कि गरीबों, किसानों, वंचितों, महिलाओं पर चर्चा हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद की तर्ज पर विधानसभा की कार्यवाही को कैसे समृद्ध बनाया जाए इस पर विपक्ष को भी विचार करना चाहिए. दलीय नेता तो बोलते हैं लेकिन नए सदस्यों को मौका नहीं मिल पाता उनके अंदर कुछ कर गुजरने की तमन्ना होती है. उन्होंने कहा यह बजट सेशन है और बजट तक ही सत्र सीमित होता है. 15 वर्षों का रिकॉर्ड उठा कर देखिए सबसे ज्यादा सदन हम लोगों ने चलाया है.

इस मौके पर सीएम ने विधानसभा के अधिकारी और कर्मचारियों को बजट सत्र में बढ़िया काम और सहयोग के लिए 11,500 रुपए की पुरस्कार राशि देने को भी कहा. शुक्रवार को बजट सत्र का सत्रावसान निर्धारित समय से पहले ही कर दिया गया. 13 फरवरी को सत्र की शुरुआत हुई थी वैसे तो सत्र का सोलहवां दिन था, लेकिन कार्यदिवस का दसवां दिन था. कार्यमंत्रणा की पहली बैठक में 7 मार्च तक सदन चलाने का फैसला किया गया था. इस वजह से विपक्ष जल्दी सत्र खत्म करने को मुद्दा बनाए हुए था, वहीं मुख्यमंत्री ने सत्रावसान से पहले विधानसभा को संबोधित किया और विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया.



 

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First published: February 28, 2020, 8:46 PM IST
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