बुलंदशहर हिंसा: जानिए यूपी में कब-कब भीड़तंत्र के हमले का शिकार हुई खाकी
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बुलंदशहर हिंसा: जानिए यूपी में कब-कब भीड़तंत्र के हमले का शिकार हुई खाकी
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बात अगर योगी सरकार की करें तो बुलंदशहर से लेकर सीएम के गृह जनपद गोरखपुर और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक पूरे प्रदेश में कई घटनाएं ऐसी सामने आई हैं, जो खाकी के इकबाल पर सवालिया निशान खड़ा करती हैं.

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  • Last Updated: December 4, 2018, 1:45 PM IST
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उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर में अवैध बूचड़खानों को लेकर हुए बवाल के दौरान चली गोली से इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह की मौत हो गई. इस घटना के बाद यूपी में सियासी तूफान खड़ा हो गया है. विपक्ष ने योगी सरकार पर हमला तेज कर दिया है. विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में भीड़तंत्र का हावी होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है. मामले में आईपीएस एसोसिएशन ने भी सवाल खड़े करते हुए कहा है कि बेकाबू भीड़ का पुलिस अधिकारियों पर हमला एक गंभीर विषय है. वैसे बात अगर यूपी में भीड़तंत्र की शिकार होती खाकी की करें तो यूपी में में कई ऐसे कांड हैं, जो यूपी पुलिस के दामन पर दाग की तरह हैं.

हाल की वर्षों की बात करें तो सबसे बड़ा मथुरा का जवाहरबाग कांड माना जाता है. इस कांड में यूपी पुलिस ने अपने एक एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और दरोगा संतोष यादव को खो दिया था. वहीं कुंडा में डीएसपी जिया उल हक की हत्या ने भी तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार की चूलें हिला दी थीं. बात अगर योगी सरकार की करें तो बुलंदशहर से लेकर सीएम के गृह जनपद गोरखपुर और  पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक पूरे प्रदेश में कई घटनाएं ऐसी सामने आई हैं, जो खाकी के इकबाल पर सवालिया निशान खड़ा करती हैं.

मथुरा का जवाहरबाग कांड



2 जून 2016 को मथुरा के जवाहर बाग को अवैध कब्जेधारियों से खाली कराने के दौरान खूनी संघर्ष हो गया था. इस दौरान कब्जाधारियों ने हमला करते हुए एसपी सिटी मुकुद द्विवेदी और दरोगा संतोष यादव की हत्या कर दी थी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जवाहर बाग को मुक्त कराया था. इस दौरान 27 कब्जाधारियों की भी मौत हुई थी. मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है.
कुंडा के डीएसपी जिया उल हक हत्याकांड

2 मार्च 2013 को प्रतापगढ़ में नन्हें यादव और सुरेश यादव की हत्या कर दी गई थी. इसे लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया. बवाल की सूचना पर डिप्टी एसपी जिया उल हक मौके पर पहुंचे. यहां हंगामे के दौरान जिया उल हक की हत्या हो गई. इसके बाद जिया उल हक की पत्नी परवीन ने तत्कालीन सपा सरकार में मंत्री राजा भैया समेत 5 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया. डीएसपी की हत्या के बाद यूपी की सियासत में भूचाल आ गया. मामले में राजा भैया को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा.

गोरखपुर: दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला, सिपाही को मारी गोली

बात अगर योगी सरकार की करें तो अभी अक्टूबर में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाश और उसके परिजनों ने हमला कर दिया. हमले में दो सिपाही समेत एक दरोगा घायल हुए. दरअसल, चौरीचौरा पुलिस टीम रउतनिया गांव में शातिर बदमाश मिथुन पासवान को पकड़ने गई थी. इसी दौरान बदमाश मिथुन और उसके परिजनों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया. बदमाशों ने सिपाही वंश नारायण गौड़ को गोली मार दी. जबकि रॉड और लाठी-डंडों से दारोगा घनश्याम वर्मा और सिपाही शैलेन्द्र सिंह की पिटाई कर दी गई. गंभीर हालत में घायल पुलिसकर्मियों के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया.

वाराणसी में पुलिसवाले को जमकर पीटा, वीडियो हुआ वायरल

पिछले दिनेां वाराणसी में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ दबंग एक खाकीधारी पुलिसवाले को पीट रहे थे. वीडियो में साफ दिख रहा था कि पहले इन दबंगों में से एक पुलिस वाले से उलझता है, फिर दर्जन भर लोग पुलिस वाले पर टूट पड़ते हैं. ये वीडियो बड़गांव थाना क्षेत्र का था. बताया गया कि घटना भारत बंद के दौरान की है. पिटाई के बाद पुलिस वाला घायल हो गया है. घायल पुलिस वाले का नाम कांस्‍टेबल का नाम विजय कुमार यादव है.

फतेहपुर में भैंस चोरी में दबिश देने गई पुलिस पर हमला

जुलाई 2018 में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में खागा कोतवाली क्षेत्र के नटन डेरा मजरे हरदों में भैंस चोरी के मामले को लेकर दबिश देने गई पुलिस पर गांव के लोगों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार से हमला कर दिया था. हमले में दो दरोगा व कई सिपाही घायल हो गए थे. पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की. पुलिस ने आठ आरोपियों को अवैध तमंचे, कारतूस व आधा दर्जन चोरी की बाइकों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

वृंदावन में पुलिसकर्मी को जिंदा जलाने की कोशिश

वहीं मई महीने में वृंदावन में पुलिस पर एक और हमले की घटना हुई. दरअसल गांव परखम गुर्जर में चौकीदार मोहन और अर्जुन के बीच एक भूखंड पर मालिकाना हक को लेकर मुकदमा विचाराधीन है. अर्जुन, मंजू गुर्जर अपने साथियों के साथ विवादित भूखंड पर पहुंचे और भूसे की गाड़ी को खाली कराने लगे. दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया. सूचना पर यूपी-100 डायल की टीम पहुंच गई. इसमें एचसीपी अशोक शर्मा, रामशंकर और दिनेश ने विवाद निपटाने की कोशिश की तो अर्जुन और उसके साथी भड़क गए. आरोपित लाठी-डंडे लेकर टूट पड़े और पुलिस पर पथराव किया. इसी बीच में अर्जुन और उसकी साथी मंजू राशन डीलर महिला ममता के गोदाम में घुस गए और वहां से केरोसिन की कट्टी उठा लाए.

मंजू ने एचसीपी अशोक कुमार को पकड़ लिया और ममता ने उसके ऊपर तेल उड़ेल दिया. इससे पहले कि वे आग लगाते, तभी कोतवाली और रमणरेती पुलिस चौकी की फोर्स भी पहुंच गई. फोर्स ने बल प्रयोग करके एचसीपी अशोक कुमार को उपद्रवियों के चंगुल से छुड़ाया. पुलिस ने राशन डीलर महिला ममता, दाऊजी और जाहान को हिरासत में ले लिया.

अवैध मांस कारोबारियों ने पुलिस टीम पर किया हमला

मई में ही बहराइच के दरगाह क्षेत्र के सलारगंज मुहल्ले में कबाड़ खरीदने व बेचने की आड़ में अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खाने पर पुलिस टीम ने छापामारी की. इस दौरान अवैध मांस के कारोबारियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला बोल दिया. बाद में पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर सात लोगों को दबोच लिया. मौके पर चार क्विंटल मांस व धारदार हथियार भी बरामद किया गया.

मेरठ में शराब माफिया ने पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

वहीं मेरठ में शराब माफिया और उसके गुर्गों ने दो थानों की पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. पुलिस एक घंटे तक शराब माफिया के गोदाम के बाहर बेबस खड़ी रही और माफिया अपने गुर्गों के साथ हाथ में पत्थर लिए गोदाम में मोर्चा संभाले रहा. दरअसल टीपीनगर थाना पुलिस दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी के गेट पर चेकिंग कर रही थी. रात 10.15 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कार में तस्करी की शराब लाई जा रही है. घेराबंदी करते हुए पुलिस ने कार रुकवाने की कोशिश की तो चालक ने कार दौड़ा दी. पुलिस के पीछा करने पर कार सवार चार तस्कर कार छोड़कर भाग निकले.

तस्करों की कार से करीब 30 पेटी प्रतिबंधित शराब बरामद हुई. तस्कर मुकुट महल होटल के पीछे कूड़े वाली बस्ती में जा घुसे. तस्करों का पीछा कर रहा टीपी नगर थाने का सिपाही ललित भी एक युवक की बाइक पर लिफ्ट लेकर बस्ती में जा घुसा. वहां, शराब माफिया और उसके गुर्गों ने बाइक छीनकर सिपाही व युवक को घेर लिया. युवक तो जैसे-तैसे भाग निकला, लेकिन सिपाही को पीटकर अधमरा कर दिया. जानकारी पर तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपितों ने पथराव कर दिया और दौड़ा-दौड़ाकर पीटा.

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