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फर्राटा भरने को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे तैयार, 3200 KM हाई स्पीड सड़क से UP के विकास को और मिलेगी रफ्तार

फर्राटा भरने को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे तैयार, 3200 KM लंबे एक्सप्रेस-वे से यूपी में होगा बदलाव (फोटो क्रेडिट-Narendra Modi/ Twitter)

फर्राटा भरने को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे तैयार, 3200 KM लंबे एक्सप्रेस-वे से यूपी में होगा बदलाव (फोटो क्रेडिट-Narendra Modi/ Twitter)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जुलाई को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. यूपी में एक्सप्रेसवे का जाल जिस तरह बिछता जा रहा है, आने वाले समय में उत्तर प्रदेश 13 एक्सप्रेसवे वाला देश का पहला राज्य होगा. फिलहाल, उत्तर प्रदेश में 1974 किमी के सात और एक्सप्रेसवे हैं, जो निर्माणाधीन हैं या योजना के अंतिम चरण में हैं.

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नई दिल्ली: आगामी 16 जुलाई को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे तो उसके साथ ही उत्तर प्रदेश में 1,225 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का ऑपरेशनल नेटवर्क स्थापित हो जाएगा. इसके अलावा, 1974 किमी का एक्सप्रेस-वे भी तैयार हो रहा है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा जिसके पास 13 एक्सप्रेस-वे का शानदार नेटवर्क होगा. आने वाले कुछ सालों में जब यह नेटवर्क तैयार हो जाएगा, तो इसके बाद यूपी के पास 3200 किमी का एक्सप्रेस-वे नेटवर्क हो जाएगा, जो कई देशों के सड़क नेटवर्क से ज्यादा है.

इन 13 एक्सप्रेस-वे में से 6 बनकर तैयार हैं, जिनमें से एक का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जुलाई को जालौन में 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे. उत्तर प्रदेश के पास अभी 5 चालू एक्सप्रेस-वे हैं, जिनमें ग्रेटर नोएडा से आगरा (165 किमी) का यमुना एक्सप्रेस-वे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे (25 किमी), आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (302 किमी), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (92 किमी) और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, लखनऊ से गाजीपुर (341 किमी) शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश में 1974 किमी के सात और एक्सप्रेस-वे हैं, जो निर्माणाधीन हैं या योजना के अंतिम चरण में हैं. राज्य का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे जो मेरठ को प्रयागराज (794 किमी) से जोड़ेगा, उसकी नींव प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरूआत में ही रखी थी. इसके अलावा, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे (91 किमी ), लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे (63 किमी), ग़ाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस-वे (380 किमी), दिल्ल-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेस-वे (210 किमी), गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे (519 किमी) और गाजियाबाद-बलिया-मांझीघाट एक्सप्रेस-वे (117 किमी) हैं.

यूपी में चल रहीं इन परियोजनाओं में से कुछ राज्य सरकार और बाकी केंद्र के अधीन हैं. यूपी सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि राज्य में जो 3200 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क है, उतना कई देशों में भी नहीं है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने जोर देते हुए कहा है कि उनके सत्ता में आने से पहले पिछले 70 सालों में राज्य में महज 3 एक्सप्रेस-वे बने थे. कई एक्सप्रेस-वे के साथ ही औद्योगिक कॉरिडोर भी तैयार किए जा रहे हैं, जिससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

यूपी ने ज्यादा से ज्यादा फास्ट लिंक संपर्क बना रहे, इसके लिए यह सुनिश्चित किया है कि विभिन्न एक्सप्रेस-वे एक दूसरे के साथ जुड़े रहें. मसलन दिल्ली से चित्रकूट तक की 630 किमी की लंबी यात्रा को महज छह घंटे में पूरा किया जा सकता है. इसके लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे से यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर करके आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 135 किमी चलना होगा, फिर इटावा से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे लेकर यात्रा पूरी की जा सकती है.

Tags: Bundelkhand Expressway, Uttar pradesh news

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