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Goodbye Year 2020: कोरोना काल में राम जन्मभूमि पूजन नए युग की शुरुआत या फिर...

अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन करते पीएम नरेंद्र मोदी

अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन करते पीएम नरेंद्र मोदी

Bye-Bye 2020: आखिर में वह घड़ी भी आ गयी जब कोरोना महामारी के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने दुनिया भर की मीडिया में सुर्ख़ियों में रहा. वह घड़ी, थी 5 अगस्त 2020 जब देश के प्रधानमंत्री ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर का भूमि पूजन किया.

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    लखनऊ. वैसे तो साल 2020 (Year 2020) इस पीढ़ी के हर वर्ग चाहे वह बच्चा हो, जवान हो या बुजुर्ग हर किसी को याद रहेगा. वजह कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) जिसने भारत ही नहीं दुनिया के लगभग हर देश को झंकझोर कर रख दिया. क्या विश्व की महाशक्ति और अविकसित देश इन महामारी ने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया. चीन से फैले इस वायरस के विश्व के तमाम देशों को घुटनों पर ला दिया. इसका व्यापक असर भारत में भी देखने को मिला. महामारी संग जंग के बीच कुछ ऐसी चीजें भी हुईं जिसे देश ही नहीं विश्व की मीडिया में भी जगह मिली. वह थी 500 वर्ष पुराने राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद से जुड़े हिंदू राम मंदिर (Ram Temple)के निर्माण की आधारशिला. 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद सभी की निगाहें अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर की आधारशीला पर थी. उम्मीद थी की चैत्र के नवरात्र में इसका मुहूर्त होगा लेकिन कोरोना की वजह से देश में लागू लॉकडाउन की वजह से यह संभव नहीं हो सका.

    आखिर में वह घड़ी भी आ गयी जब इस महामारी के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने दुनिया भर की मीडिया में सुर्ख़ियों में रहा. वह घड़ी, थी 5 अगस्त 2020 जब देश के प्रधानमंत्री ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर का भूमि पूजन किया. यह न सिर्फ भारतीय राजनीति को बदलने वाला पल था बल्कि एक ऐसे विवाद का भी अंत था जिसकी धुरी पर पिछले कई दशकों से देश की राजनीति घूम रही थी.

    दुनियाभर की मीडिया ने इस घटना को अपनी-अपनी नजरों से देखा. हालांकि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने इसे नए युग की शुरुआत की संज्ञा दी. अमित शाह ने अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन को देश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन बताया. उन्होंने कहा यह भारतीय संस्कृति और सभ्यता के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय और एक नए युग की शुरुआत है. हालांकि फैसला सुप्रीम कोर्ट से आया, लेकिन अमित शाह ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत और निर्णायक नेतृत्व को श्री दिया. उन्होंने कहा मोदी सरकार भारतीय संस्कृति और उसके मूल्यों की रक्षा व संरक्षण के लिए हमेशा कटिबद्ध रहा.

    हिंदुत्व की पहचान की ओर भारत!
    हालांकि ग्लोबल मीडिया ने इस घटनाक्रम को अपने ही अंदाज में देखा. अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा ‘कई वर्षों से राम मंदिर का सपना संजोने वालो हिंदुओं के लिए आज का दिन विजय दिवस जैसा है’. पीएम मोदी ने अयोध्या में मस्जिद के विध्वंस ढ़ाचे के पास राम मंदिर की आधारशिाला रखी. पीएम मोदी ने हिंदू साधु संतों के बीच मंत्रोच्चारण कर हिंदुओं से किए अपने वादे को पूरा किया. इसी के साथ वो धर्मनिर्पेक्षता के साथ हिंदुत्व की पहचान की ओर भी भारत को ले गए हैं.."

    बीबीसी ने कही ये बात

    बीबीसी ने लिखा "कोरोना महामारी की तेजी के बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी’. हिंदूओं की भीड़ में मध्यकालीन मस्जिद को 1992 में गिरा दिया था. कहा गया था कि मस्जिद का निर्माण राममंदिर के ढांचे पर किया गया था. हिंदू और मुस्लिम पक्ष दशकों से हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे. भूमिपूजन के बाद मोदी ने बोलने की शुरुआत ‘जय सिया राम’ के नारे के उद्घोष से की."

    अगर 2020 में किसी एक घटना की बात पूरे विश्व में की जा सकती है तो वह अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास. क्योंकि इस घटना पर सभी की निगाहें टिकीं थी. यह इसलिए भी था क्योंकि बीजेपी के लिए यह मुद्दा काफी अहम था. जहां बीजेपी ने यह सन्देश देने की कोशिश की कि वह अपने सभी वादे पूरे करने को कृत संकल्प है वहीं विपक्ष को भी घेरने में कामयाब रही.

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