CAA Protest: इंटरनेट ठप होने के Side effects- मरीज, छात्र, आम आदमी हलकान, व्यापार में भी अरबों का घाटा...

अलीगढ़ में 5 दिनों बाद इंटरनेट सेवाएं बहाल (file photo)
अलीगढ़ में 5 दिनों बाद इंटरनेट सेवाएं बहाल (file photo)

यूपी पुलिस (UP Police) के मुताबिक 10 दिसंबर से अब तक विरोध-प्रदर्शनों (protesters) के दौरान हुई आगजनी, पथराव और फायरिंग (stone pelting and firing) में 15 लोगों की मौत हो चुकी है. जिसके चलते अब तक 213 मुकदमे दर्ज कर 925 लोगों को गिरफ्तार करने के साथ 5,558 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship amendment Act ) के विरोध (CAA Protest) के नाम पर हो रहा प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिसके चलते यूपी के हिंसा (violence) प्रभावित करीब 21 जिलो में अफवाहों पर रोक लगाने के लिए इंटरनेट सेवा (Internet service) बंद कर भारी संख्या में सुरक्षा बलों (Security forces) की तैनाती कर दी गई थी. फिलहाल अधिकांश जिलों में स्थित नियंत्रण में होने के चलते इंटरनेट सेवा (Internet service) बहाल कर दी गई है. लेकिन राजधानी लखनऊ (Lucknow) और मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में अभी भी इंटरनेट सेवा पर रोक जारी है. जिसके चलते बीते 4 दिनों से इंटरनेट पर लगी रोक से जहां अरबों के नुकसान का दावा किया जा रहा है. वहीं इटंरनेट पर लगी रोक से व्यापारियों के साथ ही छात्रों, मरीजों और महिलाओं के साथ विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों को भी खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

कल पीएम मोदी आ रहे हैं लखनऊ
यूपी पुलिस के मुताबिक 10 दिसंबर से अब तक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई आगजनी, पथराव और फायरिंग में 15 लोगों की मौत हो चुकी है. जिसके चलते अब तक 213 मुकदमे दर्ज कर 925 लोगों को गिरफ्तार करने के साथ 5,558 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. सूत्रों के मुताबिक मुजफ्फरनगर में जहां अभी भी स्थित तनावपूर्ण बने होने और राजधानी लखनऊ में 25 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दौरे के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट सेवा पर अभी भी रोक जारी है.

मरीज परेशान नहीं मिल रहा कैश
हालांकि लखनऊ और मुजफ्फरनगर में बीते 19 दिसंबर से इंटरनेट सेवा पर लगाई गई रोक के चलते आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इंटरनेट पर रोक के चलते जहां एक ओर अधिकतर बैंको के ए़टीएम से कैश नहीं निकल रहा है तो वहीं दूसरी ओर कैश की किल्लत के चलते न सिर्फ अस्पतालों में मरीजों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि कैश के अभाव में रोजमर्रा की आवश्यक चीजों को भी खरीदने में आम लोगों को खासा परेशानी हो रही है. क्योंकि अधिकतर अस्पतालों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों ने स्वाइप मशीन न चलने के चलते कैश ही दिए जाने की नोटिस चस्पा कर दी है.



राजधानी लखनऊ के एक निजी असपताल में अपनी पत्नी का इलाज कराने पहुचे सुधीर शर्मा बताते है कि 'इंटरनेट सेवा पर लगी रोक से बहुत परेशानी हो रही है. मैं अपनी पत्नी का इलाज कराने यहां आया हूं. लेकिन अस्पताल में स्वाइप मशीन के न चलने के चलते इलाज के लिए कैश देने की नोटिस लगा दी गई है. जिसके चलते कैश निकालने के लिए मैं कई बैंको के एटीएम में प्रयास कर चुका हूं लेकिन कैश भी नहीं निकल रहा है. ऐसे में अब मेरे पास बिना इलाज घर वापस जाने के कोई विकल्प नही बचा है.'

व्यापार भी ठप
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता कहते हैं कि इंटरनेट पर रोक से रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है. जीएसटी व्यवस्था के तहत कंपनियों को अगले महीने की 20 तारीख तक पिछले महीने का रिटर्न (Return) दाखिल करना होता है. लेकिन नेट बंद होने से रिटर्न नही दाखिल हो पाया है. जिसके चलते व्यापारियों को अब पेनाल्टी (penalty) देनी पडेगी. ई-वे बिल (E-Way Bill)
न जनरेट हो पाने से माल से लदी गाड़ियां खड़ी हैं. इधर से उधर नहीं जा पा रही हैं. डेबिट-क्रेडिट कार्ड (Debit-credit card) स्वैपिंग मशीन ठप हैं. ऑनलाइन होटलों की बुकिंग (Online hotel booking) और swiggy, zomato जैसी ऑनलाइन फूड डीलिवरी साइट्स के साथ ओला-उबर (Ola-Uber Taxi Services) जैसी कैब सर्विसेज भी ठप हो गई हैं. लोगों को तो आवाजाही में दिक्कत हो ही रही है इन कंपनियों को भी करोड़ों का नुकसान हो रहा है.

स्टूडेंट्स परेशान
जबकि दूसरी ओर इंटरनेट पर लगी रोक से प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल छात्र-छात्राओं को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारियों को हासिल करने में तो दिक्कत हो ही रही है. ऑनलाइन कोचिंग भी बंद हैं साथ ही परीक्षाओं में शामिल होने के लिए आवश्यक प्रवेश पत्र तक डाउनलोड नहीं हो पा रहे हैं. जिसके चलते इस बीच होने वाली टीईटी (TET) और UPSSSC की विभिन्न परीक्षाओं के साथ स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालयों की भी परीक्षाओं को न सिर्फ स्थगित कर दिया है. बल्कि अधिकांश शैक्षणिक संस्थानों में 26 दिसंबर तक छुट्टी भी कर दी गई है.

news 18 से बातचीत में परीक्षार्थी शालिनी कहती हैं कि उन्होंने इस बार टीईटी परीक्षा के लिए काफी अच्छी तैयारी की थी. लेकिन लखनऊ का महौल अचानक खराब हो जाने के चलते परीक्षा रद्द कर दी गई. वो कहती हैं कि वो और उनके जैसे हजारों परीक्षार्थी इग्जाम टलने से काफी दुखी हैं. अब परीक्षा को पास करने के लिए और इंतजार करना होगा. स्टूडेंट्स का कहना है कि तैयारी के बाद परीक्षा रद्द होने से मानसिक तनाव बढ जाता है. लखनऊ प्रशासन के मुताबिक लखनऊ में 25 दिसंबर की रात 8 बजे तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है. जिसके बाद लखनऊ में इटंरनेट सेवा बहाल हो जाने की उम्मीद है.

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