माफिया मुख्तार अंसारी पर पोटा लगाने वाले पूर्व डिप्टी SP शैलेन्द्र सिंह पर दर्ज सभी केस वापस, CM योगी का जताया आभार

पूर्व डिप्टी एसपी शैलेन्द्र सिंह

पूर्व डिप्टी एसपी शैलेन्द्र सिंह

Lucknow News:मुख़्तार अंसारी के खिलाफ करवाए से तत्कालीन सरकार में हड़कंप मच गया और शैलेन्द्र सिंह पर राजनैतिक दबाव पड़ने लगा. जिसके बाद नाराज़ होकर उन्होंने डिप्टी एसपी के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

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  • Last Updated: March 31, 2021, 10:59 AM IST
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लखनऊ. यूपी के माफिया और विधायक मुख़्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) के पास से वर्ष 2004 में सेना की चोरी हुई एलएमजी बरामद करने पर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने वाले पूर्व डिप्टी एसपी शैलेन्द्र सिंह के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों  लिया गया हैं. सीजेएम कोर्ट ने यह आदेश दिया. शैलेंद्र सिंह ने कोर्ट के आदेश की कॉपी फेसबुक पर साझा करते हुए यह जानकारी दी.

दरअसल, सेना के एक भगोड़े जवान ने सेना से चुराई गई एलएमजी मुख़्तार को बेच दी थी. इस मामले में यूपी एसटीएफ के वाराणसी यूनिट में तैनात तत्कालीन डिप्टी एसपी शैलेंद्र सिंह मुख़्तार के खिलाफ पोटा के तहत कार्रवाई की थी. इसके बाद तत्कालीन सरकार द्वारा शैलेन्द्र सिंह पर राजनैतिक दबाव पड़ने लगा तो नाराज़ होकर उन्होंने डिप्टी एसपी के पद से इस्तीफ़ा दे दिया. बाद में तत्कालीन सरकार ने उनके ख़िलाफ़ कई मुकदमे लगा दिए थे. दिसम्बर 2017 में योगी सरकार ने शैलेन्द्र सिंह के ख़िलाफ़ लगे मामलों को हटाने का फ़ैसला किया था. सरकार के इस फ़ैसले को अब कोर्ट की मंजूरी मिल गई है.

तत्कालीन सरकार पर लगाया आरोप

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, "2004 में जब मैंने माफिया मुख्तार अंसारी पर LMG केस में POTA लगा दिया था, तो मुख्तार को बचाने के लिए तत्कालीन सरकार ने मेरे ऊपर केस खत्म करने का दबाव बनाया. जिसे न मानने के फलस्वरूप मुझे डिप्टी एसपी पद से त्यागपत्र देना पड़ा था. इस घटना के कुछ महीने बाद ही तत्कालीन सरकार के इशारे पर, राजनीति से प्रेरित होकर मेरे ऊपर वाराणसी में आपराधिक मुकदमा लिखा गया और मुझे जेल में डाल दिया गया. लेकिन जब योगी जी की सरकार बनी तो, उक्त मुकदमे को प्राथमिकता के साथ वापस लेने का आदेश पारित किया गया, जिसे सीजेएम न्यायालय द्वारा 6 मार्च, 2021 को स्वीकृति प्रदान की गई. न्यायालय के आदेश की नकल आज ही प्राप्त हुई. मैं और मेरा परिवार योगी जी की इस सहृदयता का आजीवन ऋणी रहेगा. संघर्ष के दौरान मेरा साथ देने वाले सभी शुभेक्षुओं का, हृदय से आभार व्यक्त करता हूं."
जेल भी गए थे शैलेंद्र सिंह

शैलेंद्र सिंह के इस्तीफा देने के कुछ ही महीने बाद वाराणसी के कैंट थाने में डीएम कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लालजी की तरफ से डीएम दफ्तर के रेस्टरूम में तोड़फोड़ और हंगामे की एफआईआर दर्ज कराई गई. इस मामले में शैलेंद्र सिंह को जेल भी जाना पड़ा था.
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