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प्रधानमंत्री के सुझाव पर अयोध्या विजन 2051 में परिवर्तन, अब होगा विजन 2047

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर अयोध्या के विकास में कई नई चीजें जुड़ जाएंगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर अयोध्या के विकास में कई नई चीजें जुड़ जाएंगी.

प्रधानमंत्री के सुझाव पर अयोध्या को धार्मिक नगरी के साथ ही अब इस रूप में भी बसाया जाएगा ताकि मिनी भारत की छवि दिखे. प्रधानमंत्री की सलाह पर अयोध्या विजन 2051 को अयोध्या विजन 2047 किया जा रहा है.

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कृष्णा शुक्ला

फैजाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर अयोध्या के विकास मॉडल में राज्य सरकार बदलाव करने जा रही है. प्रधानमंत्री के सुझाव पर अयोध्या को धार्मिक नगरी के साथ ही अब इस रूप में भी बसाया जाएगा ताकि मिनी भारत की छवि दिखे. प्रधानमंत्री की सलाह पर अयोध्या विजन 2051 को अयोध्या विजन 2047 किया जा रहा है. इसको देश की आजादी के 100 वर्ष से जोड़ा जा रहा है. अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि अयोध्या को मिनी भारत के रूप में प्रोजेक्ट किया जाएगा. यहां पर पूरे देश का प्रतिनिधित्व होगा, जिससे रामायणकालीन प्रेरक प्रसंग की अनुभूति हो सकेगी. चौराहों के विकास और नामकरण में अध्यात्मिकता समावेशित कर अयोध्या की पृष्ठभूमि परिलक्षित की जाएगी.

उन्होंने बताया कि अयोध्या में चार से छह माह में पब्लिक यूटीलिटि यानी शौचालय व विश्रामस्थल की व्यवस्था की जाएगी, जिससे अभी आनेवाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके. प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया है कि अयोध्या विकास के लिए नियमों में अगर संशोधन की जरूरत हो, तो वह भी किया जाए, लेकिन पर्यटकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए. सड़कों के किनारे छोटे-छोटे होटल और धर्मशाला बनाने पर भी विचार हो. अयोध्या के लिए डिजिटल टूरिस्ट गाइड भी बनाने को कहा गया है. इससे पर्यटक अयोध्या व यहां उपलब्ध सुविधाओं, विशेष स्थलों के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. अयोध्या विकास का मॉडल अभी ढांचागत सुविधाओं पर आधारित है. इसमें आत्मा कैसे आए इस पर भी विचार करने का सुझाव दिया गया है.

वर्ष 2047 में कैसी अयोध्या होगी, इसका मॉडल प्रदर्शित किया जाए. भावना, आस्था के साथ 21वीं सदी का एक आधुनिक शहर बसाएं.108 कुंड बनाने के लिए देशव्यापी प्रतियोगिता आयोजित की जाए. इसमें देशभर के आर्किटेक्ट, छात्रों व डिजायनरों को शामिल किया जाए. बेहतर डिजायन करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाए. अलग-अलग राज्यों से फाइन आर्ट्स के छात्रों को भी बुलाया जाए. संगीत और नाट्य के क्षेत्र में भी विकास पर ध्यान दिया जाए. स्कूलों में रामायण आधारित प्रसंगों जैसे त्याग, वीरता, मातृ-पितृ भक्ति आदि नाटक का मंचन कराया जाए. अयोध्या विषय पर साल में एक बार बहुभाषी कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाए. मंदिर प्रांगण के आसपास नो वेहिकल जोन विकसित किया जाए.

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योगी आदित्यनाथ को मजबूत करेंगे शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया, ये है एक्शन प्लान

यूपी चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ के पक्ष में प्रचार करने सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज जाएंगे. (File)

BJP Plan for UP Assembly election 2022: यूपी के चुनाव के लिए एमपी भाजपा ने पूरी तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मजबूत करने के लिए प्रदेश से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उमा भारती , केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर नेता यूपी जाएंगे.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे चुनावी मोड और मूड में है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के पक्ष में प्रचार करने के लिए प्रदेश से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), उमा भारती , केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और वीरेंद्र कुमार जैसे नेता जाएंगे. इन नेताओं को मिशन यूपी (Mission UP) में जुटने का टारगेट दे दिया गया है.

यूपी विधानसभा की ऐसी सीटें जो मध्य प्रदेश की सीमा से लगी हुई हैं, वहां असर रखने वाले प्रदेश के नेताओं की ड्यूटी लगाई जाएगी. इस मामले में शिवराज सरकार के मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि पार्टी ने यूपी के चुनाव में पहले भी मध्य प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारी दी थी. अब फिर जहां पार्टी ड्यूटी लगाई जाएगी, वहां पार्टी को मजबूत किया जाएगा. यूपी के चुनाव में प्रदेश के नेता असरदार साबित होंगे और भाजपा मजबूत होगी.

सिंधिया और सीएम शिवराज को जिम्मेदारी

गौरतलब है कि, यूपी के चुनाव को लेकर बीजेपी को ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड के बड़े नेताओं पर ज्यादा भरोसा है. यही कारण है कि 2019 के कांग्रेस के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी ने यूपी के लिए चुना है. जातिगत समीकरणों को साधने के लिए केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के चेहरे का भी इस्तेमाल होगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रचार के तौर तरीकों का भी पार्टी यूपी चुनाव में इस्तेमाल करेगी.

नरोत्तम मिश्रा ने किया था कई सीटों पर प्रचार

बता दें यूपी में 2017 के चुनाव में भी प्रदेश के नेताओं ने प्रभावी भूमिका निभाई थी. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कानपुर के अलावा बुंदेलखंड की कई सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया था. पार्टी की कोशिश है कि झांसी-आगरा बेल्ट की कई सीटों पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चेहरे का इस्तेमाल किया जाए.

एमपी कांग्रेस कर रही प्रियंका गांधी को मजबूत

कांग्रेस यूपी के चुनाव में प्रियंका गांधी को मजबूत करने की तैयारी में जुटी है. इसे लेकर कमलनाथ गोपनीय तरीके से बैठक कर रहे हैं. ग्वालियर-चंबल के कांग्रेस नेताओं को प्रियंका गांधी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि यूपी के चुनाव में प्रियंका गांधी पार्टी का चेहरा होंगी और उनके साथ पूरी पार्टी खड़ी नजर आएंगी.

UPTET 2021 : यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर है ये अपडेट, जानिए कब हो सकती है आयोजित


UPTET 2021 : यूपी में युवा यूपीटेट के जल्द आयोजन की मांग कर रहे हैं.

UPTET 2021 : यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा कोरोना महामारी के चलते 2020 में नहीं हो सकी थी. इसके बाद इसके लिए आयोजन की कोशिश जुलाई महीने में की गई. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर की वजह से संभव नहीं हो सका था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 21:50 IST
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नई दिल्ली. UPTET 2021 : उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है. यूपीटेट 2021 का आयोजन 28 नवंबर को हो सकता है. परीक्षा का यह प्रस्ताव यूपी परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने सरकार को भेजा है. इससे पहले 19 दिसंबर के लिए प्रस्ताव भेजा गया था. लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने यह कहकार प्रस्ताव को लौटा दिया था कि इसे और पहले आयोजित किया जाएगा. ऐसे में नियामक प्राधिकारी ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नई तिथि प्रस्तावित की है. इस पर मुहर लगने के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय परीक्षा के आयोजन की तैयारी शुरू कर देगा.

यूपी में कोरोना महामारी के कारण टीईटी का आयोजन 2020 में नहीं हो सका था. ऐसे में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवा अब जल्द से जल्द टीईटी के आयोजन की मांग कर रहे हैं.

पहले जुलाई में होना था यूपीटेट

बता दें कि यूपीटेट के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले 18 मई से एक जून तक होनी थी. जबकि परीक्ष 25 जुलाई को होनी थी. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने इस प्रक्रिया को बाधित कर दिया था. अब यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने नई तारीख प्रस्तावित की है.

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UP Politics: सतीश मिश्रा ने कराया BSP में आजाद भारत पार्टी का विलय, कही ये बड़ी बात

सतीश मिश्रा ने आजाद भारत पार्टी का कराया बीएसपी में विलय.

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : BSP के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के लखनऊ कार्यालय पर आजाद भारत पार्टी का बहुजन समाज पार्टी में विलय हो गया. विलय के साथ ही बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज, सोनकर समाज, निषाद, कश्यप समाज के लोगों ने बीएसपी की सदस्यता ली.

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लखनऊ. बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) के लखनऊ कार्यालय पर आजाद भारत पार्टी (Azad Bharat Party) का बहुजन समाज पार्टी में विलय हो गया. इस विलय के साथ ही हजारों की संख्या में वाल्मीकि समाज, सोनकर समाज, निषाद, कश्यप समाज के साथ युवा कार्यकर्ताओं ने बसपा की सदस्यता ले ली. उन्होंने बसपा को और भी मजबूत करने के लिए पूर्व मंत्री नकुल दुबे के नेतृत्व में सतीश चंद्र मिश्र से मुलाकात कर बसपा पार्टी को 2022 में चुनाव जिताने और मायावती को पांचवी बार मुखयमंत्री बनाने का संकल्प लिया.

सतीश चंद्र मिश्रा ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि…भाजपा सरकार से हर समाज के लोग प्रताड़ित हैं. चाहे वह कश्यप समाज हो, वाल्मीकि समाज हो, निषाद समाज हो या सोनकर समाज हो. बहन मायावती की नजर में सभी समाज के लोग सर्वप्रथम हैं और सर्वप्रथम रहेंगे. उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में अगर सर्व समाज हम लोगों के साथ कंधा मिलाकर चलें तो मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती. उन्होंने कहा बहन जी कभी भी यह नहीं सोचती हैं कि हमें किस समाज ने कितना वोट दिया. बहन जी सर्व समाज का विकास करने का काम करती हैं.

2007 में बहन जी की बहुमत की सरकार बनी तो तुरंत ही 1 लाख 10 हजार लोगों को तत्काल प्रभाव से नौकरियां दी गई थीं. दलित, शोषित और वंचित समाज के मान सम्मान के लिए बहन जी ने बहुत सी बातें सुनी और मुकदमे भी झेले, लेकिन कभी पीछे नहीं हटी. उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका के वाशिंगटन में अब्राहम लिंकन का भी स्मारक देखा हूं, लेकिन हमारे प्रदेश के स्मारकों के सामने पूरे विश्व के स्मारक छोटे दिखते हैं. इन महान हस्तियों के स्मारकों का महत्व सौ दो सौ साल बाद भी लोगों को जरूर समझ में आएगा. बहन मायावती के लखनऊ में विकास करने के बाद लोग भूल भुलैया और इमामबाड़ा जाना भूल गए और अंबेडकर पार्क और बाबा साहब अम्बेडकर और कांशीराम के स्मारकों को देखने के लिए आते हैं. महान हस्तियों के स्मारकों और पार्कों के लिए मायावती ने 110 मुकदमे झेले हैं. सभी विपक्षी पार्टियों ने स्मारकों और पार्कों के लिए विरोध किया वो चाहते थे कि इन महापरूषों के स्मारक और पार्क नहीं बने.

UPPCL AO Result 2021: यूपी अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इन स्टेप्स से करें चेक

UPPCL AO Result 2021: यूपी अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है.

UPPCL AO Result 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कुल 30 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसके लिए फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस वैकेंसी के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट का आयोजन मार्च 2021 में किया था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 20:04 IST
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नई दिल्ली. UPPCL AO Result 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने आधिकारिक वेबसाइट upenergy.in पर विजिट करके अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. बता दें कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कुल 30 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसके लिए फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है.

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस वैकेंसी के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट का आयोजन मार्च 2021 में किया था. परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2020 से शुरू हुई थी जबकि आवेदन की लास्ट डेट 29 जुलाई 2020 थी. कोरोना वायरस की बढ़ते प्रभाव के चलते यूपीसीएल परीक्षा 6 महीने की देऱी से मार्च 2021 में आयोजित की गई थी. परीक्षा के 4 महीने बाद 17 अगस्त 2020 को रिजल्ट जारी किए गए थे. वहीं अब अब इस वैकेंसी के लिए फाइनल रिजल्ट घोषित किए गए हैं.

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इन स्टेप्स से देखें रिजल्ट

  • रिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थी सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upenergy.in पर विजट करें.
  • इसके बाद वेबसाइट पर दिए गए VACANCY/RESULTS के टैब पर क्लिक करें.
  • अब यहां रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.
  • यहां पर अपना यूजर आईडी और पासवर्ड सबमिट करके लॉग इन करें.
  • स्क्रीन पर आपका रिजल्ट आ जाएगा.
  • सबसे लास्ट में रिजल्ट को डाउनलोड कर लें और प्रिंट कर लें.

UP: योगी सरकार का बड़ा फैसला, शादी समारोह में अब 50 की जगह 100 लोग हो सकेंगे शामिल

UP: शादी समारोह में अब शामिल हो सकेंगे 100 मेहमान (File photo

UP News: उधर, सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू में भी 1 घंटे की छूट बढ़ाई है. अब सुबह 6 बजे से रात 11 तक की मिली छूट मिलेगी.

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लखनऊ. योगी सरकार (Yogi Government) ने कोरोना के घटते मामलों के देखते हुए बड़ी छूट का ऐलान किया है. शादी समारोह में अब 100 मेहमान शामिल हो सकेंगे. दरअसल अभी तक 50 लोगों के शामिल होने की थी इजाजत थी. उधर, सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू में भी 1 घंटे की छूट बढ़ाई है. अब सुबह 6 बजे से रात 11 तक की मिली छूट मिलेगी. रविवार को यूपी के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने निर्देश जारी किया है. अब किसी भी शादी समाराेह में 50 की जगह 100 लोग शामिल हो सकेंगे. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने अपील करते हुए कहा कि टीकाकरण के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें.

हालांकि, आदेश में कहा गया है कि आयोजन स्थल पर सैनिटाइजर जरूर रखा जाए साथ ही दो गज की दूरी का भी पालन किया जाए. बता दें कि इसके पहले जारी किए गए आदेशों में दुकानों व रेस्टोरेंट के रात 11 बजे तक खुलने की अनुमति दी गई थी. इसके साथ ही कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाए.

UP: ACS होम अवनीश कुमार अवस्थी ने जारी किया निर्देश

UP: ACS होम अवनीश कुमार अवस्थी ने जारी किया निर्देश

बता दें कि उत्तर प्रदेश में शनिवार को कोरोना के 9 मरीज मिले हैं. अब प्रदेश में एक्टिव केस 193 रह गए हैं. प्रदेश में कोविड मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. अब सिर्फ 41 जिलों में एक्टिव केस हैं. बाकी जिले संक्रमण मुक्त हो चुके हैं.

यह भी पढ़ें- Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन, IT की कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 3टी ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट अभियान के अभिनव प्रयास से प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रित है. इसी के चलते एक्टिव मामले 3,10,783 से घटकर मात्र 193 हो गये हैं तथा 30 अप्रैल के प्रतिदिन कोविड केस 38 हजार से घटकर 09 हो गये हैं. प्रदेश के कई जनपदों में कोई कोविड एक्टिव केस नहीं है. सर्विलांस के माध्यम से सरकारी मशीनरी द्वारा प्रदेश की 24 करोड़ की जनसंख्या में से अब तक लगभग 17.24 करोड़ से अधिक लोगों से उनका हालचाल जाना जा रहा है.

Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन, IT की कार्रवाई जारी

Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन (File photo)

Sonu Sood News: हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है.

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कानपुर. यूपी के कानपुर (Kanpur) में रिच समूह का कनेक्शन बालीवुड के मशहूर अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) से सामने आया है. 20 करोड़ की कर चोरी के मामले में इनकम टैक्स (Income Tax) की टीम ने रिच ग्रुप पर छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है. कानपुर में फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली कंपनी रिच ग्रुप और रिच उद्योग के मालिकों ने अपने कई चपरासियों को बोगस कंपनियों का डायरेक्टर बना रखा था. इस बात का खुलासा आयकर विभाग की संयुक्त टीमों के छापों के बाद चल रही जांच में हुआ है. फर्जी बिलिंग की पुष्टि के बाद विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. सूत्रों के मुताबिक, अभिनेता सोनू सूद द्वारा लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में निवेश के लिए भी रिच समूह के जरिये फर्जी बिल जारी किए गए.

सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में अभिनेता सोनू सूद ने संयुक्त उद्यम अचल संपत्ति परियोजना में निवेश किया है. यह निवेश कर चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है. हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है. ये निवेश टैक्स चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है.

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वहीं रिच समूह पर आयकर विभाग की छापे की कार्रवाई अभी जारी है, जिसमें समूह के चार ठिकाने हैं. आयकर अधिकारियों की जांच में निकला है कि इनमें से किसी कंपनी में कोई काम नहीं होता, सिर्फ फर्जी इनवाइस जारी की जाती हैं. इन कंपनियों ने अपने चपरासी व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ही निदेशक बना रखा है ताकि सभी कंपनियां अलग-अलग नजर आएं.

हरियाणवी डांसर सपना चौधरी को लखनऊ में लगा 'झटका', फैन्स को निराश करने का खामियाजा

हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की अर्जी ख़ारिज

Sapna Chaudhary Latest News: आशियाना में डांसर सपना चौधरी के एक इवेंट के टिकट 300 रुपये में बेचे गए थे. आरोप है कि टिकट बेच कर लाखों रुपए कमाए गए थे, लेकिन सपना चौधरी नहीं आईं. निराश फैन्स ने कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी.

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लखनऊ. हरियाणवी डांसर सपना चौधरी (Sapna Chaudhary) को एसीजेएम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने सपना चौधरी की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने आशियाना थाने में दर्ज मुकदमे से खुद को आरोपों से मुक्त करने की अपील की थी. दरअसल, 13 अक्टूबर 2018 को आशियाना थाने में पुलिस की ओर से एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें सपना चौधरी पर दर्शकों का पैसा हड़पने का आरोप लगा था.

आशियाना में सपना चौधरी के एक इवेंट के टिकट 300 रुपये में ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचे गए थे. आरोप है कि टिकट बेच कर लाखों रुपए कमाए गए थे. बावजूद इसके सपना चौधरी कार्यक्रम में नहीं आई थी. सपना चौधरी के न आने के चलते वहां पर दर्शकों ने काफी हंगामा और तोड़फोड़ भी किया था. आशियाना थाने की किला चौकी के सब इंस्पेक्टर फिरोज खान ने 13 अक्टूबर 2018 को सपना चौधरी, रत्नाकर उपाध्याय, अमित पांडे, पहल इंस्टीट्यूट के इबाद अली, नवीन शर्मा और जुनैद अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

टिकट बिकने के बाद भी नहीं पहुंची थीं सपना चौधरी
एफआईआर के मुताबिक 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक स्मृति उपवन में सपना चौधरी सहित अन्य कलाकारों के कार्यक्रम का आयोजन होना था, इसके लिए टिकट भी बेचे गए थे. हजारों लोग कार्यक्रम को देखने के लिए मौजूद थे, लेकिन रात 10 बजे तक सपना चौधरी नहीं आई तो दर्शकों ने काफी हंगामा किया था. विवेचना के बाद सपना चौधरी के खिलाफ 1 मार्च 2019 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई थी, जिस पर कोर्ट ने 26 जुलाई 2019 को संज्ञान भी ले लिया था. हालांकि इस मामले में सपना चौधरी समेत अन्य आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

कोर्ट ने कहा आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत
इसके बाद सपना चौधरी की ओर से खुद को इन आरोपों से मुक्त करने की अर्जी  एसीजेएम कोर्ट में डाली गई थी. अर्जी में कहा गया था कि उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया है और न ही टिकट का पैसा उन्हें मिलने के पत्रावली में कोई सबूत है. सपना चौधरी ने अर्जी में कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर आरोपी सपना चौधरी के खिलाफ आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत पत्रावली में मौजूद हैं.

UP: योगी सरकार के साढ़े 4 साल पूरे होने पर मायावती और प्रियंका गांधी ने साधा निशाना, बोलीं- विज्ञापन और दावे अधिकांश हवा-हवाई

UP: प्रियंका गांधी ने कहा महंगाई रोकने में उप्र सरकार फेल (File photo)

UP Election: सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि यह पूरा कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है. पहले जब सीएम बनते थे तो हवेली बनाने की प्रतिस्पर्धा चलती थी.

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लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) के साढ़े चार साल रविवार यानी 19 सितंबर को पूरे हो गए. इसी कड़ी में रविवार को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) और कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने यूपी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है. बसपा प्रमुख ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, यूपी भाजपा सरकार द्वारा ’बदलाव के 4.5 वर्ष’ का विज्ञापन व दावे अधिकांश हवा-हवाई व जमीनी हकीकत से बहुत दूर. इनकी कथनी व करनी में अन्तर होने के कारण ख़ासकर यहां की बढ़ती ग़रीबी, बेरोज़गारी व महंगाई आदि से जनता की बदहाली जग-ज़ाहिर.

उधर, कांग्रेस की महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, उप्र सरकार को चाहिए था कि 4.5 सालों पर जनता के सवालों का जवाब दे, लेकिन नहीं. फिर झूठ, झूठ और सिर्फ झूठ. उन्होंने आगे लिखा, लाखों खाली पदों पर नौकरियां देने और लटकी भर्तियां कराने पर,नकिसान को गन्ना, गेहूं, धान, आलू के दाम देने में, बिजली के दाम कम करने में, महंगाई रोकने में उप्र सरकार फेल रही. असफलताओं का उत्सव मनाती जनविरोधी भाजपा सरकार.

भाजपा सरकार जमीनी हकीकत से बहुत दूर

भाजपा सरकार जमीनी हकीकत से बहुत दूर

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि यह पूरा कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है. पहले जब सीएम बनते थे तो हवेली बनाने की प्रतिस्पर्धा चलती थी. लेकिन उनकी सरकार जनता के लिए समर्थित रही. उन्होंने प्रदेश की 24 करोड़ की जनता को हृदय से धन्यवाद दिया.

असफलताओं का उत्सव मनाती जनविरोधी भाजपा सरकार

असफलताओं का उत्सव मनाती जनविरोधी भाजपा सरकार

यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला- CM योगी
सीएम योगी ने कहा कि हम सब आभारी हैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी का जिनके नेतृत्व में सरकार ने अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है. यूपी आबादी के लिहाज़ से सबसे बड़ा प्रदेश है. सुरक्षा सुशासन में यूपी ने जो उपलब्धियां हासिल की है उसने यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला है. इसमें सरकार और संगठन का समन्वय और शासन प्रशासन की ज़िम्मेदारी और केंद्रीय नेतृत्व में सहयोग की बड़ी भूमिका है. सभी केंद्रीय मंत्रियों और संगठनात्मक पदाधिकारियों का धन्यवाद। ये अविस्मरणीय कार्यकाल रहा.

CM योगी ने रखा सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड, कहा- 2017 से पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग में लगती थी बोली

UP: पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग में लगती थी बोली

UP News: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 2017 के पहले ट्रांसफ़र और पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए पैसा लिया गया है.

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लखनऊ. अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि, 2017 के पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए पैसा लिया गया है. लेकिन स्थिरता ने टीम वर्क का एहसास कराया.

योगी ने कहा कि केंद्र से हमें लगातार सहयोग मिला जिससे हमने सभी योजनाओं को अच्छी तरह से लागू किया. सीएम योगी ने कहा कि, पहले की सरकारों के कार्यकाल में यूपी की क्या दशा थी, ये किसी से छिपी नहीं थी. सीएम योगी ने कहा कि, पहले सरकारी योजना का हाल क्या होता था, ये सभी जानते हैं. हमारी सरकार ने सभी वर्गों तक पूरी इमानदारी के साथ सरकारी योजनाओं को पहुंचाया. आपदा के वक्त सरकार ने हर स्तर पर लोगों को सहायता पहुंचाई.

यूपी को किया दंगा मुक्त
उन्होंने कहा कि, यूपी में पहले हर तीसरे चौथे दिन दंगा हुआ करता था, लेकिन हमारी सरकार ने प्रदेश को दंगामुक्त बनाया. वहीं, उन्होंने कहा कि हमने माफिया और अपराधियों पर कानून की दायरे में कार्रवाई की. सीएम योगी ने कहा कि, हमने 1800 करोड़ की सरकारी संपति जब्त की और अवैध निर्माण पर कार्रावाई की.

यूपी में 3 लाख करोड़ का निवेश
सीएम योगी ने कहा कि, यूपी में कानून व्यवस्था ऐसी थी कि, निवेश नहीं था और इज ऑफ डुइंग के मामले में प्रदेश का 14वां स्थान था. लेकिन हमारी सरकार ने कानून-व्यवस्था में सुधार करते हुए यूपी में पहले इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया. और खास बात ये है कि, अब देश और दुनिया का उद्योगपति प्रदेश में निवेश का इच्छुक है. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि, यूपी में 3 लाख करोड़ का निवेश हुआ है. उन्होंने कहा कि यूपी अब इज ऑफ डुइंग में दूसरे स्थान पर आ गया है .मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही यूपी है जहां माफिया सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लेते थे. आपने 2012 से 2017 तक देखा होगा हर दिन एक दंगा होता था. लेकिन हमने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्यवाई की. 18 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति माफियाओं से ज़ब्त की गयी.

साढ़े चार साल के कार्यकाल का CM योगी आदित्यनाथ ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड, गिनाई सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेश की रिपोर्ट कार्ड

Yogi Government: मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब आभारी हैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी का जिनके नेतृत्व में सरकार ने अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है. यूपी आबादी के लिहाज़ से सबसे बड़ा प्रदेश है. सुरक्षा सुशासन में यूपी ने जो उपलब्धियां हासिल की है उसने यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 12:23 IST
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लखनऊ. अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और सरकार की उपलब्धियां गिनाई. उन्होंने लोकभावन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह पूरा कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है. पहले जब सीएम बनते थे तो हवेली बनाने की प्रतिस्पर्धा चलती थी. लेकिन उनकी सरकार जनता के लिए समर्थित रही. उन्होंने प्रदेश की 24 करोड़ की जनता को हृदय से धन्यवाद दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब आभारी हैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी का जिनके नेतृत्व में सरकार ने अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा किया है. यूपी आबादी के लिहाज़ से सबसे बड़ा प्रदेश है. सुरक्षा सुशासन में यूपी ने जो उपलब्धियां हासिल की है उसने यूपी के परसेप्शन को देश और दुनिया में बदला है. इसमें सरकार और संगठन का समन्वय और शासन प्रशासन की ज़िम्मेदारी और केंद्रीय नेतृत्व में सहयोग की बड़ी भूमिका है. सभी केंद्रीय मंत्रियों और संगठनात्मक पदाधिकारियों का धन्यवाद। ये अविस्मरणीय कार्यकाल रहा.

माफियाओं की 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही यूपी है जहां माफिया सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लेते थे. आपने 2012 से 2017 तक देखा होगा हर दिन एक दंगा होता था. लेकिन हमने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्यवाई की. 18 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति माफियाओं से ज़ब्त की गयी. पहले सीएम बनते थे तो अपनी हवेली बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा चलती थी, लेकिन हमारी सरकार जनता के लिए समर्पित थी. 42 लाख से ज़्यादा आवास जनता को समर्पित लिए गए. यूपी में कोई आपदा आती थी तो महीनों लग जाते थे, लेकिन मुआवज़ा नही मिलता था. लेकिन अब पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के अंदर सहायता दी जाती है. प्रदेश में साढ़े 4 लाख लोगों को पारदर्शी व्यवस्थ के साथ सरकारी नौकरी दी गयी. किसी का चेहरा देखकर या जाति  पूछकर नहीं दी गयी. हमारी सरकारी में अभी तक एक दलाली की शिकायत नहीं आयी और एक भी पैसे लेने की शिकायत नहीं आयी. इसका असर ये हुआ कि देश और दुनिया के सभी संस्थान यूपी में निवेश के लिए आ रहे है.

पहले ट्रांस्फेट-पोस्टिंग था व्यवसाय
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 2017 के पहले ट्रांसफ़र और पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए पैसा लिया गया है. लेकिन स्थिरता ने टीम वर्क का एहसास कराया। पीएम मोदी ने कहा था यूपी पहले विकास के लिए अवरुद्ध के तौर पर जाना जाता था. अब यूपी 44 केंद्रीय योजनाओं में नम्बर वन है. प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, मुफ़्त राशन वितरित किया गया. 15 करोड़ लोगों को हमने केंद्र के सहयोग से निशुल्क राशन उपलब्ध करवाया। 2005 -2006 में खाद्यान घोटाला हुआ था उसकी जांच आज तक चल रही है.

योजनाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हम जब सरकार में आए तो लोगों भूख से मर रहे थे, क्योंकि राशन कार्ड बने नहीं थे और जो बने थे निरस्त हो चुके थे. लेकिन हमने टेक्नोलोजी का साथ लिया और सबके कार्ड बनवाए। कोटे को ई-पाश मशीन से  जोड़ा. टेक्नोलोजी का फ़ायदा मिला. इससे सरकार को 1200 करोड़ की बचत हो रही है. हमने 1 लाख 43000 करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया। धान ख़रीद में 2020 क़ोरोना काल के बावजूद हमने 66 लाख मेट्री टन धान सीधे किसानों से ख़रीदा गया.

UP: योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए आंकड़े, 6 करोड़ 47 लाख लोगों को मिला बीमा कवर

UP: योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए आंकड़े (File photo)

UP News: दरअसल योगी सरकार ने कोरोना और अन्य बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फैसला करने की तैयारी की है. जिसके तहत डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष की जाएगी.

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लखनऊ. योगी सरकार (Yogi Government) का साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरे होने पर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को आंकड़े जारी किए है. News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है. जारी आंकड़ों के मुताबिक, 59 जनपदों में न्यूनतम एक मेडिकल कॉलेज क्रियाशील. 16 जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उधर गोरखपुर और रायबरेली एम्स का सफल संचालन किया जा रहा है.

इसी कड़ी में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्विद्यालय गोरखपुर का निर्माण शुरू हो चुका है. सरकार ने पीएम जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) में 6 करोड़ 47 लाख लोगों को बीमा कवर प्रदान किया है. जबकि 42.19 लाख लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में बीमा कवर दिया गया है.

यह भी पढ़ें- UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- ‘ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास’

लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण शुरू हो चुका है. जहां 6 नए सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल ब्लॉक की स्थापना की जाएगी. गोरखपुर, भदोही में वेटरनरी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण. आम जनमानस की लाइफ लाइन यानी प्रदेश भर में 4470 एम्बुलेंस संचालित किया गया. वहीं नियमित/संविदा पर 9512 चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती की गई है.

डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र होगी 70 वर्ष
योगी सरकार डाक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र (Doctor’s Retirement Age) बढ़ाने जा रही है. दरअसल योगी सरकार ने कोरोना और अन्य बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फैसला करने की तैयारी की है. जिसके तहत डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष की जाएगी. वहीं NIRF की इंडिया रैंकिंग में SGPGI 5वें, बीएचयू 7वें, केजीएमयू 9वें, AMU 15वें स्थान पर है.

UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- 'ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास'

UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना (File photo)

UP Politics: योगी आदित्यनाथ सरकार के साढ़े 4 साल पूरा होने पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने किया ट्वीट. दावा किया कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा.

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लखनऊ. प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के साढ़े चार साल रविवार यानी 19 सितंबर को पूरे हो गए. वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है. उन्होंने सरकार को दंभी बताते हुए कहा कि ये जुमलेबाज सरकार है. यही नहीं, उन्होंने कहा कि नहीं चाहिए ऐसी सरकार जिसका सच है, ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास.

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘चौवन गुज़रे, छह महीने बचे इस दंभी सरकार के किसान, गरीब, महिला व युवा पर अत्याचार के बेरोज़गारी, महंगाई, नफ़रत व ठप्प कारोबार के बहकावे, फुसलावेवाली, जुमलेबाज़ सरकार के नहीं चाहिए ऐसी सरकार, जिसका सच है: ठगका साथ, ठगका विकास, ठगका विश्वास, ठगका प्रयास. बता दें कि, अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर हमला कर हैं और अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं.

 पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा. उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज मेट्रो के प्रोटोटाइप का उद्घाटन किया गया. सरकार केवल हमारे कामों का ही शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है. कानपुर मेट्रो को हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ था लेकिन हमें काम नहीं करने दिया गया. लखनऊ मेट्रो को भी आगे नहीं बढ़ाया गया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में दरार आ गई, ये एक्सप्रेसवे कभी भाजपा का नहीं था. साढ़े चार साल की सरकार में केवल हमारे काम का फीता काटा है.

पूर्वांचल में कितना हुआ विकास? खुद जाकर देखेंगे CM योगी, आज से 4 जिलों का करेंगे दौरा

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज से शुरू होगा 4 जिलों का दौरा (File photo)

CM Yogi Poorvanchal Visit: यूपी में भाजपा सरकार के साढ़े 4 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से पूर्वांचल के 4 जिलों के दौरे पर निकल रहे हैं. वे आज अयोध्या और वाराणसी जाएंगे, कल गाजीपुर व जौनपुर में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रविवार से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे. सीएम योगी आज लोकभवन में अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक प्रेस ब्रीफिंग के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या में वे पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे. अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे. वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

सीएम वाराणसी में ब्लड डोनेशन कैंप की शुरुआत भी कर सकते है. वाराणसी में ही रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद सोमवार को पूर्वांचल के दो जिलों का दौरा करेंगे. सीएम सोमवार को गाजीपुर और जौनपुर का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे. इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे.

यह भी पढे़ं- यूपी में दंगे और साम्प्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में आई कमी, जानिए क्या कह रहे NCRB के आंकड़े

बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

पिछड़ों को साधने में जुटी BJP
उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछड़ों को एकजुट करने का निर्णय लिया है. जिसके बाद प्रदेश भर में सितंबर और अक्टूबर में भारतीय जनता पार्टी एक बड़े स्तर पर ओबीसी सम्मेलन करने जा रही है. जिससे कि आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से पिछड़ों की राजनीति कर बीजेपी सत्ता पर फिर से काबिज हो सके.

UP News Live Updates: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से 4 जिलों के दौरे पर

आज से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Uttar Pradesh News Live, September 19, 2021: अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे। वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 09:02 IST
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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) आज रविवार से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे. सीएम योगी आज लोकभवन में अपने सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक प्रेस ब्रिफिंग के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या में सीएम योगी पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे. अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे। वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे. सीएम वाराणसी में ब्लड डोनेशन कैम्प की शुरुआत भी कर सकते है. वाराणसी में ही रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद सोमवार को पूर्वांचल के दो जिलों का दौरा करेंगे. सीएम सोमवार को गाजीपुर और जौनपुर का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे. इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे.

बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस वे एक दिन UP के लिए बनेंगी लाइफ लाइन- सुनील बंसल

Prayagraj: पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए देनी पड़ती थी

Yogi Government News: उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है.

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प्रयागराज. योगी सरकार (Yogi Government) का साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन महामंत्री सुनील बंसल (Sunil Bansal) ने कहा है कि यूपी हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी में कहीं पर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बन रहा है. कहीं पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस और कहीं पर गंगा एक्सप्रेस वे बनने की शुरुआत हो रही है. भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि ये एक्सप्रेस वे ही एक दिन चलकर भविष्य में यूपी की लाइफ लाइन बनेंगे. क्योंकि सड़कें बनने के बाद कनेक्टिविटी बढ़ती है और कनेक्टिविटी से विकास के रास्ते भी खुलते हैं. उन्होंने कहा है कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार दोनों मिलकर शहर के साथ गांवों का भी तेजी से विकास कर रहे हैं.

बीजेपी संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि हाइवे के साथ ही डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है, बड़े-बड़े उद्योग लगेंगे. जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा और उनके जीवन में भी खुशहाली आएगी. उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है. जिसके बाद उद्योगों ने करोड़ों का यूपी में निवेश किया है. पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी और अपराधियों को रंगदारी भी देनी पड़ती थी. लेकिन योगी सरकार में माफियाराज पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और कानून का राज है.

यह भी पढ़ें- सीएम योगी का सपा पर तंज, कहा- जब एक समय उत्तर प्रदेश बेहाल था और सैफई में होता था नाच-गाना!

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के बाहर नौकरी कर रहे लाखों श्रमिक घर वापस आये और लौटकर दोबारा नहीं गए. बंसल के मुताबिक 2017 के पहले सपा और बसपा की 15 सालों की सरकारों में 80 लाख लोगों ने रोजगार की तलाश में प्रदेश छोड़ा था. लेकिन योगी सरकार में श्रमिकों का केवल पलायन ही नहीं रुका है, बल्कि प्रदेश के बाहर रोजगार की तलाश मे गए लाखों युवा कामगार लौटकर यूपी आये हैं और उन्हें अब यहीं पर काम मिल रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी की योगी सरकार चाहे कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर ईमानदार और पारदर्शी सरकार देने की बात रही हो हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है.

यूपी में दंगे और साम्प्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में आई कमी, जानिए क्या कह रहे NCRB के आंकड़े

सोशल मीडिया पर सख्ती से यूपी में दंगे और सांप्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में आई कमी

UP Crime Report: नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़े बता रहे है कि यूपी सांप्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में खासा कमी आयी है, लेकिन इसमें बड़ी भूमिका सोशल मीडिया ने निभाई है.

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लखनऊ. चुनाव नजदीक आते ही सोशल मीडिया (Social Media) पर शिकायतों, झूठी सूचनाओं और अफवाहों पर पुलिस (Police) की पैनी नजर है. ऐसे मामलों में पुलिस ने एक हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए हैं और 35 हजार से ज्यादा पोस्ट के खिलाफ संबंधित कंपनी को कार्यवाई के लिए रिपोर्ट किया है. इतना ही नहीं सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सोशल मीडिया पर लगाम और सख्त पुलिसिंग की वजह से पिछले तीन सालों में कोई दंगा या सांप्रदायिक तनाव नहीं हुआ है.

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़े बता रहे है कि यूपी सांप्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में खासा कमी आयी है, लेकिन इसमें बड़ी भूमिका सोशल मीडिया ने निभाई है. सीएम योगी के निर्देश पर सोशल मीडिया पर झूठ या अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती से कार्यवाई की जा रही है. जिस वजह से कानून-व्यवस्था को चुस्त करने में पुलिस को काफी मदद मिली है. नवम्बर 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा श्रीराम जन्मभूमि के फैसले के बाद सिर्फ पांच दिनों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले पर 78 मुकदमे दर्ज किए गए. साथ ही 14,380 सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्यवाई के लिए संबंधित कम्पनी को रिपोर्ट किया गया.

CAA प्रोटेस्ट के दौरान इतने मामले आए सामने
प्रदेश में सीएए को लेकर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर किए गए आपत्तिजनक, भ्रामक, पोस्ट, मैसेज और वीडियो आदि को लेकर 2019 में 10 से 27 दिसंबर के बीच कुल 95 मुकदमे दर्ज कर 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान कुल 21,388 सोशल मीडिया पोस्ट के ऊपर कार्यवाई के लिए संबंधित कम्पनी को रिपोर्ट किया गया. पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर 889 मुकदमे दर्ज किए गए, इनमें से 225 मुकदमे अफवाह या भ्रामक सूचना से संबंधित टिप्पणी, 454 मुकदमे सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने वाली टिप्पणी और 210 मुकदमे अन्य विभिन्न प्रकार की टिप्पणियों के बारे में भी किए गए.

सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतों का भी हुआ निस्तारण
पुलिस ने सोशल मीडिया पर शिकायत करने वालों की भी मदद की है. सोशल मीडिया पर चार सालों में 29 लाख 25 हजार शिकायतें मिलीं हैं, जिनमें से छह लाख 25 हजार 160 शिकायतें कार्यवाई योग्य मिलीं और कार्यवाई भी की गई. इसके अलावा थानों में शिकायतों की हीलाहवाली करने पर 14,462 मुकदमे सोशल मीडिया के माध्यम से दर्ज कराया गया है. सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस ने लोगों की मदद भी की है. पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सिर्फ अप्रैल में करीब एक लाख 70 हजार ट्वीट पुलिस को मिले, जिनमें से अधिकांश आपातकालीन संचलन की अनुमति, भोजन-खाद्य पदार्थ की आपात व्यवस्था, चिकित्सीय सहायता, कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना और लॉकडाउन के उल्लंघन से संबंधित थे.

सीएम योगी का सपा पर तंज, कहा- जब एक समय उत्तर प्रदेश बेहाल था और सैफई में होता था नाच-गाना!

UP: जब एक समय उत्तर प्रदेश बेहाल था और सैफई में होता था नाच-गाना! (File Photo)

UP Politics: पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश द्वारा की गयी प्रगति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोग व अधिकारी कहते थे कि राम मंदिर पर फैसला आएगा ऐसा हो जाएगा, वैसा हो जाएगा. मैंने कहा कि देखना एक मच्छर भी नहीं मरेगा, मैं सब संभाल लूंगा.

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लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) के साढ़े चार साल रविवार यानी 19 सितंबर को पूरा हो गया. इससे पहले प्रदेश में पिछली सरकार का गुंडाराज समाप्त करके कानून का राज स्थापित होने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि प्रदेश में अब कोई माफिया किसी सरकारी या गरीब की जमीन पर कब्जा नहीं कर पा रहा है. प्रयागराज में 100 एकड़ भूमि हमारे सुपुर्द की गई है और गुंडे और अपराधी पस्त हो चुके हैं. बीते साढ़े चार वर्षों में यूपी में एक भी दंगा नहीं हुआ है. जनता ने हमें समर्थन दिया और हमने उन्हें सुरक्षा दी. समाजवादी सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा एक वह भी समय था जब उत्तर प्रदेश बेहाल रहता था और सैफई में नाच-गाना होता रहता था.

मुख्यमंत्री ने बीजेपी प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किये. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के भरपूर परिश्रम से ही हम देश और प्रदेश में जन कल्याण का शासन दे रहे हैं. भाजपा जिन मूल्यों और आदर्शों को लेकर राजनीति में आई, लगातार उन्हीं का पालन किया जो हमारे का विषय होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे लिए व्यक्ति से बड़ा दल है और दल से बड़ा देश है. इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं का एकमात्र लक्ष्य सत्ता प्राप्ति और शासन करना नहीं है. सेवा समर्पण का भाव ही इस पार्टी को सबसे अलग करता है.

उन्होंने कहा कि जब हम 2017 में सरकार में आए तब प्रदेश के 75 जनपदों में से मात्र 12 जनपदों में मेडिकल कॉलेज थे और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव था. अगर तब कोरोना महामारी आ गई होती तो प्रदेश की क्या हालत होती? उत्तर प्रदेश ने कोरोना प्रबंधन का मॉडल सेट किया और इतने कम समय में जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाएं. कांग्रेस का नाम लिए बगैर उन्होंने तंज किया कि इसके विपरीत देश में जब आपदा आती है तो एक पार्टी के लोग इटली भाग जाते हैं. उन्होंने कहा कि यूपी ने जिन लोगों को प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचाया, वे लोग यूपी से बाहर जाते हैं तो यूपी की बुराई करते हैं. देश से बाहर देश पर टिप्पणी करते हैं, देवी-देवताओं पर टिप्पणी करना, राम और कृष्ण को नकारना उनकी प्रवृत्ति का हिस्सा है.

एक मच्छर भी नहीं मरेगा
पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश द्वारा की गयी प्रगति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोग व अधिकारी कहते थे कि राम मंदिर पर फैसला आएगा ऐसा हो जाएगा, वैसा हो जाएगा. मैंने कहा कि देखना एक मच्छर भी नहीं मरेगा, मैं सब संभाल लूंगा और जब राम जन्म भूमि का फैसला आया तो उस दिन प्रदेश में राम राज्य था. सीएम योगी ने कहा की हमें गर्व होना चाहिए कि अयोध्या, मथुरा, काशी व गंगा, यमुना और सरस्वती, त्रिवेणी का संगम, प्रयागराज उत्तर प्रदेश में है. हमें इन आस्था केन्द्रों पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए.

UP : बीजेपी सरकार के साढ़े चार साल पूरे, आज सीएम योगी आदित्यनाथ पेश करेंगे रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज पेश करेंगे अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड

UP Political News: बुकलेट में विकास की ढेर सारी बातें है, लेकिन उन सब पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की भगवान श्रीराम के साथ के साथ छपी तस्वीर है.

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लखनऊ. आज यानी 19 सितंबर को प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) के साढ़े चार साल पूरे हो गए. इस मौके पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) एक प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. चुनाव से पहले सरकार जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी. इसके लिए योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक बुकलेट भी छपवाई गई है. बुकलेट में विकास की ढेर सारी बातें है, लेकिन उन सब पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की भगवान श्रीराम के साथ के साथ छपी तस्वीर है. बीजेपी विकास के नारे तो लगा रही है लेकिन सहारा राम का ही है.

बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक इससे बुल्कुल इनकार करते हैं. उनका कहना है कि राम उनके लिए कभी राजनीतिक मुद्दा नहीं रहे. बीजेपी आस्था का सम्मान करती है. यही कारण है कि योगी सरकार अयोध्या में दिवाली मनाती है, तो मथुरा में कृष्ण जन्मोत्सव मनाती है. बरसाने में होली मनाती है वहीं काशी में देव दीपावली मनाती है. आस्था से जुड़े हुए हर आयोजन को विस्तार देती है.

जबकि वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि बीजेपी आस्था के सम्मान के बहाने ये कहने में कहीं पीछे नहीं है कि मंदिर निर्माण हमने करवाया है, जबकि अन्य दल अब इस बात की सफाई दे रहे हैं कि हम राम विरोधी नहीं हैं, जिससे लोग उनसे नाराज न हों. वे कहते हैं कि हाल ही में कल्याण सिंह के निधन के बाद राम मंदिर जाने वाले एक मुख्य मार्ग का नाम कल्याण सिंह के नाम पर रख कर बीजेपी ने इस बात से एक बार फिर खुद को जोड़ा है.

संदेश देने में सफल है बीजेपी
एक समय था कि बीजेपी को रोकने के लिए एक नारा दिया गया था ‘मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम’  लेकिन अब वक्त बदल चुका है. समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम, शिवसेना और छोटे दलों के नेताओं ने भी रामलला के दर्शन कर मैसेज देने की कोशिश की है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूपी की सियासत में बुकलेट में छपी पहली फोटो का क्या संदेश है.

UP Assembly Election: कांग्रेस को लगा सकता है बड़ा झटका, ललितेशपति त्रिपाठी के इस्तीफे की चर्चा

कांग्रेस नेता ललितेशपति ने दिया इस्तीफा, सपा में हो सकते हैं शामिल

UP Political News: कांग्रेस से विधायक रहे ललितेशपति त्रिपाठी पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र है. ललितेशपति त्रिपाठी की चार पीढ़ियों का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है. जिसके चलते ललितेशपति त्रिपाठी भी गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते थे.

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Sलखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) की तैयारियों में जुटी कांग्रेस (Congress) को एक बड़ा झटका लग सकता है. बीते दिनों कांग्रेस के दिग्गज ब्राह्मण नेता जितिन प्रसाद के बाद अब कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ललितेशपति त्रिपाठी (Laliteshpati Tripathi) के भी इस्तीफा की चर्चा है. कहा जा रहा है कि वे कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थम सकते हैं. कांग्रेस से विधायक रहे ललितेशपति त्रिपाठी पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र हैं. ललितेशपति त्रिपाठी की चार पीढ़ियों का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है. जिसके चलते ललितेशपति त्रिपाठी भी न सिर्फ गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते थे, बल्कि ललितेशपति त्रिपाठी कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी के यूपी दौरे पर अक़्सर उनके साथ नजर आते थे. हालांकि इस दौरान अब तक ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने कांग्रेस से इस्तीफे का ऐलान खुद से तो नहीं किया है, लेकिन ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने ट्विटर एकाउंट से कांग्रेस का नाम हटाकर अपने कांग्रेस से इस्तीफे की पुष्टि कर दी है.

दरअसल, पूर्व सीएम कमलापति त्रिपाठी परिवार के राजनैतिक वारिस ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने राजनैतिक कॅरियर की शुरुआत 2012 में कांग्रेस के टिकट पर मिर्जापुर के मड़िहान विधानसभा से चुनाव जीतकर की थी. जिसके बाद कांग्रेस ने ललितेशपति त्रिपाठी को 2014 में मिर्जापुर से लोकसभा का चुनाव लड़ाया, लेकिन ललितेशपति त्रिपाठी चुनाव हार गए. फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में भी ललितेशपति त्रिपाठी के मड़िहान विधानसभा से चुनाव हार जाने के बावजूद उन्हें 2019 में एक बार फिर मिर्जापुर से लोकसभा का चुनाव लड़ाया गया. लेकिन ललितेशपति त्रिपाठी ये चुनाव भी हार जाने के बाद उन्हें संगठन से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारी देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाया गया था. जिसके चलते कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी के सोनभद्र दौरे समेत कई कार्यक्रमों के जरिये कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में ललितेशपति त्रिपाठी ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी.

सपा में हो सकते हैं शामिल
सूत्रों के मुताबिक,  प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह और उनकी टीम के चलते पार्टी शीर्ष नेतृत्व और प्रियंका गांधी से बढ़ी दूरियों और उनकी अनदेखी से ललितेशपति त्रिपाठी खासा आहत थे. कई बार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने के बावजूद उन्हें कोई खास तवज्जो न मिलने से उनकी नजदीकियां समाजवादी पार्टी से बढ़ने लगी थी. लेकिन इसके बावजूद बीते दिनों अपने लखनऊ दौरे पर कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने के लिए समीक्षा बैठक करने पहुची प्रियंका गांधी से बात-मुलाकात के बावजूद ललितेशपति त्रिपाठी को कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला. जिसके चलते ही अब ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने सभी पदों के साथ कांग्रेस पार्टी से ही इस्तीफा दे दिया है. अब ये उम्मीद जताई जा रही है कि ललितेशपति त्रिपाठी जल्द ही समाजवादी पार्टी का दामन थाम 2022 विधानसभा चुनाव मिर्जापुर के मझवां सीट से लड़ते नजर आएंगे.

लखनऊ: गायत्री प्रजापति की डिस्चार्ज अर्जी खारिज, 29 सितंबर को तय होंगे आरोप, ये है मामला

अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में गायत्री प्रजापति की अर्जी खारिज, 29 को तय होंगे आरोप .

Uttar Pradesh News : MP MLA कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति व आशीष शुक्ला की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी. दोनों को 29 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 29 को दोनों पर आरोप तय होंगे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) की डिस्चार्ज अर्जी एमपीएमएलए कोर्ट से खारिज हो गई. MP MLA कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में मुल्जिम गायत्री प्रसाद प्रजापति व आशीष शुक्ला की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर 29 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 29 सितंबर को उनके खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे. गायत्री प्रजापति के खिलाफ अपहरण और छेड़छाड़ का मामला दर्ज है. यह मामला 26 अक्टूबर 2016 को गोमतीनगर थाने में दर्ज कराया गया था. इस मामले में गायत्री प्रजापति और आशीष शुक्ला पर आरोप तय किए जाएंगे.

गौरतलब है कि गायत्री प्रजापति यूपी की अखिलेश सरकार में मंत्री रहे हैं. वह शुरू से ही विवादों से घिरे रहे. प्रजापति की डिस्चार्ज अर्जी एमपीएमएलए कोर्ट से खारिज होने के बाद बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन पर 29 सितंबर को आरोप तय किए जाने हैं. इसको लेकर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 29 सितंबर को पेश करने का आदेश जारी कर दिया है. यह मामला 26 अक्टूबर 2016 का है, जिसमें चित्रकूट की एक महिला ने थाना गोमती नगर में आईपीसी की धारा 294 504 व 506 में बबलू सिंह व आशीष शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. विवेचना के दौरान इस मामले में गायत्री प्रजापति का भी नाम आया था. जांच में इस मामले में मुलाजिमों के खिलाफ अपहरण व छेड़छाड़ का भी आरोप पाया गया. 27 जुलाई 2017 को पुलिस ने अपहरण व छेड़छाड़ के आरोपों की बढ़ोतरी करते हुए आशीष के साथ ही गायत्री प्रजापति के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ए, 11, 364, 511, 504, 506 व 120 बी के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था.

कोर्ट में नहीं हो पाई अंशु गौड़ की गवाही

गोमतीनगर थाने में दर्ज मामले में कोर्ट में गवाही होनी थी, लेकिन वह नहीं हो पाई. मामले के गवाह अंशु गौड़ को इस मामले में गवाही देनी थी. गायत्री प्रजापति के कोर्ट में न आने से अंशु गौड़ की गवाही नहीं हो पाई. अब 20 सितंबर को अंशु गौड़ की गवाही कराई जाएगी.

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