अचानक गो आश्रय स्थल पहुंचे मुख्य सचिव तो दिखी बदहाली, कई अफसरों पर गिरी गाज

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 11, 2019, 6:20 PM IST
अचानक गो आश्रय स्थल पहुंचे मुख्य सचिव तो दिखी बदहाली, कई अफसरों पर गिरी गाज
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी अचानक लखनऊ के गौ आश्रय स्थल पहुंचे तो हड़कंप मच गया.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्य सचिव (Chief Secretary) राजेन्द्र कुमार तिवारी ने बुधवार को अचानक लखनऊ (Lucknow) के विकास खण्ड चिनहट के ग्राम फर्रुखाबाद पहुंच गए. यहां उन्होंने गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्य सचिव (Chief Secretary) राजेन्द्र कुमार तिवारी ने बुधवार को अचानक लखनऊ (Lucknow) के विकास खण्ड चिनहट के ग्राम फर्रुखाबाद पहुंच गए. यहां उन्होंने गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया. पता चला कि आश्रय स्थल से पशुओं के भागने की जानकारी मिलने के बाद भी अधिकारियों ने शिथिलता बरती, मुख्य सचिव ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. उन्होंने कहा कि यदि पशुओं के भागने/चोरी तथा वायर फेसिंग को काटने के सम्बंध में विभाग/ग्राम पंचायत द्वारा थाना मड़ियांव में सूचना दी हो या प्राथमिकी दर्ज कराने पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न की गई हो तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, लखनऊ सम्बंधित चौकी प्रभारी/उत्तरदायी पुलिस अधिकारी को निलंबित करें.

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण

उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को समय से सूचना दी ही नहीं गई हो तो ग्राम विकास अधिकारी को निलम्बित किया जाए, साथ ही पशु चिकित्साधिकारी, डॉ अनुराधा सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, लखनऊ का स्पष्टीकरण लिया जाए. दरअसल मुख्य सचिव ने जब पशु उपस्थिति रजिस्टर देखा तो पता चला कि जून के महीने में 11 पशु, 7 अगस्त को 9 पशु सहित हर महीने कुछ पशु आश्रय स्थल से गायब हो रहे हैं.

मुख्य विकास अधिकारी से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

मुख्य सचिव ने कहा कि बड़ी संख्या में पशुओं का एक साथ भाग जाना, किसी भी दशा में संतोषजनक स्थिति को नहीं दर्शाता है. उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, लखनऊ को पशुओं के भागने और अन्य कमियों के संबंध में 2 दिन के अंदर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. इसके अलावा मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण के अभाव, खराब शेड निर्माण एवं बलुई भूमि पर तालाब खोदन में हुई फिजूलखर्ची के साथ ही मौके पर भूसे का स्टॉक रजिस्टर नहीं पेश कर पाने के लिए ग्राम्य विकास अधिकारी दीपक चैधरी को निलम्बित करने का निर्देश दिया है. साथ ही पशु चिकित्साधिकारी डॉ अनुराधा सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने के भी निर्देश दिये हैं.

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औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने गौ आश्रय स्थल पर भारी अव्यवस्था और लापरवाही पकड़ीं.


मिली शिकायत- चौकीदार नहीं, तार चोरी होते हैं, पुलिस कुछ करती नहीं 
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मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव पशुधन को सभी डीएम, मुख्य विकास अधिकारियों को उनके स्तर से गो-आश्रय स्थल का वृहद् स्तर पर सतत् निरीक्षण किये जाने के निर्देश दिए. औचक निरीक्षण के समय ग्राम प्रधान ने बताया कि 50 पशुओं पर एक गो-पालक (चौकीदार) रखने की व्यवस्था है, जिसके फलस्वरूप रात्रि में चैकीदार न होने से पशुओं के भागने की सम्भावनायें बनी रहती हैं. कुछ अराजक तत्व बाउण्ड्री वॉल की सुरक्षा में लगे तार को काट ले जाते हैं. पुलिस कार्रवाई नहीं करती है. इस पर मुख्य सचिव ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को आश्रय स्थल पर रात्रि में भी चौकीदारी हेतु व्यवस्था करने के निर्देश दिये.

अफसर बोले- थाने में की शिकायत, थानेदार बोले- नहीं मिली शिकायत

पता चला कि जून में भागे पशु के मामले में थाना मड़ियांव में एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अगस्त में भी तहरीर दी गई थी. वहीं मौके पर उपस्थित थाना प्रभारी, मड़ियांव ने बताया कि कोई भी शिकायत थाने में प्राप्त नहीं हुई.

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First published: September 11, 2019, 6:20 PM IST
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