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चिन्मयानंद को झटका, हाईकोर्ट के पीड़िता के बयान की कॉपी देने के आदेश पर SC ने लगाई रोक

चिन्मयानंद को झटका, हाईकोर्ट के पीड़िता के बयान की कॉपी देने के आदेश पर SC ने लगाई रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नया हलफनामा दाखिल करने के लिए दो दिन का वक्त दे दिया है (File Photo)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नया हलफनामा दाखिल करने के लिए दो दिन का वक्त दे दिया है (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की न्यायमूर्ति यू यू ललित (Justice U U Lalit) और न्यायमूर्ति विनीत शरण (Justice Vineet Sharan) की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया है.

    नई दिल्ली. लॉ स्टूडेंट यौन शोषण मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चिन्मयानंद (Chinmayananda) को पीड़ित छात्रा के बयान की सत्यापित प्रति मुहैया कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के आदेश पर रोक लगा दी है. उच्चतम न्यायालय ने सात नवंबर को निचली अदालत को आदेश दिया था कि वो पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को पीड़ित महिला के बयान की प्रति मुहैया कराए जिसमें उसने चिन्मयानंद पर रेप के आरोप लगाए थे.

    हाईकोर्ट के आदेश को छात्रा ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यू.यू ललित और जस्टिस विनीत शरण की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया.

    9 दिसंबर तक देना होगा नोटिस का जवाब
    पीठ ने नोटिस का जवाब नौ दिसंबर तक देने का आदेश देते हुए कहा कि मामला आगे के लिए विचाराधीन है इसलिए तब तक आदेश का क्रियान्वयन स्थगित रहेगा. छात्रा की ओर से पेश वकील शोभा ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान की प्रमाणित प्रति चिन्मयानंद को देने का आदेश देकर हाईकोर्ट ने गलती की है.

    बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले यूपी सरकार को पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित कर छात्रा के आरोपों की जांच करने को कहा था. 21 सितंबर को विशेष जांच टीम ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था. छात्रा पर भी फिरौती का मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले भोपाल स्थित फोरेंसिक लैब ने चिन्मयानंद के मोबाइल से डिलीट हुआ डाटा रिकवर कर लिया है. इस डाटा को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जाएगा. मामले की जांच कर रही एसआईटी 22 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसकी स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी.

    चिन्मयानंद के मोबाइल पर भेजा गया था रंगदारी मांगने का मैसेज
    बता दें कि छात्रा और चिन्मयानंद के बयानों और साक्ष्यों (सबूतों) की रिपोर्ट एसआईटी 23 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल कर चुकी है. 22 अगस्त को पांच करोड़ की रंगदारी मांगे जाने का धमकी भरा व्हाट्एस मैसेज चिन्मयानंद के मोबाइल पर भेजा गया था. कॉलेज में विधिक कार्य देख रहे वकील ओम सिंह के मोबाइल पर चिन्मयानंद ने यह मैसेज भेज दिया था.

    (भाषा से इनपुट)

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    Tags: Allahabad high court, Police, Supreme Court, Supreme court of india, Up news in hindi, UP police, Uttar pradesh news

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