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चित्रकूट जेल हत्याकांड: जानिए कौन था अंशु दीक्षित, लखनऊ के CMO हत्याकांड में भी आया था नाम

चित्रकूट जेल कांड में मारा गया अपराधी अंशू दीक्षित (File Photo)

Lucknow News: सीतापुर के एक विधायक से दुश्मनी के चलते अंशु दीक्षित अपराध की दुनिया में आया. अंशू दीक्षित ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र नेता विनोद त्रिपाठी और गौरव सिंह की हत्या की. इसके बाद लखनऊ के चर्चित एनआरएचएम घोटाले में 2 सीएमओ की हत्या में भी अंशु दीक्षित का नाम सामने आया.

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लखनऊ. चित्रकूट की जेल में हत्याकांड (Chitrakoot Jail Murder Case) के बाद से यूपी शासन तक हड़कंप मचा हुआ है. मामले में कई जेल अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिरी है, वहीं कई ट्रांसफर किए गए हैं. घटना में मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला की हत्या के बाद पुलिस की गोली से मारा गया अंशु दीक्षित (Anshu Dikshit) के बारे में कई जानकारियां सामने आई हैं.

पता चला है कि सीतापुर के एक विधायक से दुश्मनी के चलते अंशु दीक्षित अपराध की दुनिया में आया था. अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद अंशु दीक्षित ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र नेता विनोद त्रिपाठी और गौरव सिंह की हत्या की. इसके बाद लखनऊ के चर्चित एनआरएचएम घोटाले में दो सीएमओ की हत्या में भी अंशु दीक्षित का नाम सामने आया. कई बड़े मामलों को अंजाम देकर अंशु दीक्षित सुर्खियों में आ गया था.

2013 में पुलिस गिरफ्त से हो गया था फरार

2013 में अंशु दीक्षित एक बार जब उसे सीतापुर से लखनऊ पेशी पर लाया जा रहा था तो जीआरपी के सिपाहियों को नशीली गोलियां खिलाकर फरार हो गया था. उसके बाद से ही अंशु फरार चल रहा था. 27 सितंबर 2014 को अंशु दीक्षित की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ लखनऊ यूनिट के सब इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा, भोपाल के हबीबगंज इलाके में पहुंचे. उसके साथ भोपाल एसओजी के दो सिपाही भी थे. रात 10:30 बजे जब इस टीम ने अंशु को पकड़ने की कोशिश की तो टीम पर फायरिंग कर अंशु फरार हो गया. इसमें एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा और भोपाल पुलिस के दो सिपाही भी घायल हुए थे.

गोरखपुर में गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद था

इसके दो महीने बाद दिसंबर 2014 को यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी की टीम ने अंशु दीक्षित को गोरखपुर में गिरफ्तार किया था. तब अंशु के कब्जे से एक पिस्तौल, एक तमंचा और कारतूस मिले थे. वह पूर्वांचल में नाम बदल कर किसी बड़ी वारदात की फिराक में बताया जा रहा था. गोरखपुर में गिरफ्तारी के बाद से ही अंशु दीक्षित जेल में बंद था. जानकारी के अनुसार बीकॉम तक पढ़ा अंशु बढ़िया अंग्रेजी बोलता था.
Published by:Ajayendra Rajan Shukla
First published: