नीति आयोग की बैठक में CM योगी ने बताया यूपी के विकास का प्लान

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा प्रदेश सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की अवधारणा को केन्द्र सरकार के पूर्ण सहयोग से प्रदेश को सर्वोत्तम एवं समृद्ध बनाने के लिये कृत संकल्पित है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 15, 2019, 10:45 PM IST
नीति आयोग की बैठक में CM योगी ने बताया यूपी के विकास का प्लान
नीति आयोगी की बैठक में ये बोले सीएम योगी
News18 Uttar Pradesh
Updated: June 15, 2019, 10:45 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में शनिवार को नीति आयोग (Niti Aayog) की संचालन परिषद की पांचवीं बैठक हुई. बैठक का मुख्य एजेंडा सूखे की स्थिति, कृषि क्षेत्र का संकट और नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा को लेकर चिंता है. राष्ट्रपति भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री कर रहे हैं. नई मोदी सरकार के कार्यकाल में यह संचालन परिषद की पहली बैठक है.

इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा प्रदेश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की अवधारणा को केन्द्र सरकार के पूर्ण सहयोग से प्रदेश को सर्वोत्तम एवं समृद्ध बनाने के लिए कृत संकल्पित है. प्रदेश सरकार सभी वर्गों के लिए विशेष रूप से किसानों, नौजवानों, महिलाओं, गरीबों, वंचितों, शोषितों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के लोगों के लिए काम कर रही है. सरकार के इस कदम से इन वर्गों में आत्मसम्मान व स्वाभिमान की भावना जागृत हुई है और उनका विश्वास प्रगाढ़ हुआ है कि विकास की दौड़ में बराबरी का दर्जा प्राप्त कर सकेंगे.



साथ ही सीएम योगी ने प्रदेश में ई-ट्रेडिंग की व्यवस्था को लेकर कहा कि प्रदेश में लागू है और मण्डियों को ई-मण्डी के रूप में परिवर्तित करते हुए, डिज़िटल भुगतान की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा मण्डी शुल्क को 1 लाख से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है. वहीं कोल्ड स्टोरेज, साइलो, वेयरहाउस आदि स्थानीय मार्केट को सब मार्केट यार्ड घोषित किया जा चुका है.

शिक्षा एवं अंकगणित में सभी जिलों ने प्रगति प्राप्त की है, इसका नतीजा ये है हुआ कि जनपदों में बच्चों में भाषा से 17 प्रतिशत तथा गणित में 15 प्रतिशत की वृद्धि पाई गयी है. बच्चों के अनुकूल पुस्तकालय बनवाए जा रहे हैं. इसके अलावा कई जिलों में बीते वित्तीय वर्ष में 10 हजार से अधिक नये शिक्षकों की तैनाती की गयी है. दो वर्षों में 50 लाख से अधिक किसानों को डीबीटी के माध्यम से 1200 करोड से अधिक की धनराशि सीधे उनके खाते में भुगतान की गयी है.

प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की मदद के लिए पूरी तरह से तत्पर है. इससाल और पिछला बकाया मिलाकर अब तक कुल 68 हजार 463 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को किया जा चुका है. गत दो वर्षों में प्रदेश में 2 हजार लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ने की रिकार्ड पेराई की गई जो पहेल की दो वर्षों की कुल पेराई 1 हजार 473 लाख मीट्रिक टन से 45 प्रतिशत अधिक है.

बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचन क्षमता बढ़ाने के लिए वर्ष 2017-18 से मार्च, 2019 तक 8384 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया. इस वर्ष बुन्देलखण्ड के जनपदों में 6558 खेत तालाबों का निर्माण कराया जायेगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सुझाव दिया कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिये सूखा घोषित क्षेत्रों में फसल क्षति की सीमा को 33 प्रतिशत की सीमा से कम करते हुए 20 प्रतिशत कर दिया जाए.
Loading...

ये भी पढ़ें: 

पीने का पानी नहीं, बेटियों के साथ पिता ने मांगी इच्छा मृत्यु 

जब तक राम मंदिर बन नहीं जाता तब तक चर्चा नहीं रुकेगी: मौर्य
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...