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ओवैसी के गढ़ में गरजे योगी, रहेंगे-खाएंगे हिंदुस्तान में, पर हिंदुस्तान के नाम पर शपथ लेने में संकोच

ओवैसी के गढ़ में गरजे योगी
ओवैसी के गढ़ में गरजे योगी

GHMC चुनाव के बीच प्रचार के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने हैदराबाद का नाम भाग्य नगर करने पर दिया जोर. TRS और असदुद्दीन ओवैसी पर जमकर किए हमले.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 6:42 AM IST
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हैदराबाद/लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) हैदराबाद में तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) की सरकार और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पर खूब बरसे. उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम के दो भाई हमेशा उल्टा बोलते हैं और टीआरएस को एआईएमआईएम जैसे नमूने अराजकता फैलाने के लिए मिल गए हैं. उन्होंने कहा कि जब देश के सारे नेता सो रहे थे तो प्रधानमंत्री COVID-19 वैक्सिन के लिए अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे की लैब का दौरा कर रहे थे. आपके बीच भी आए थे. टीआरएस के मुख्यमंत्री तो आज तक हैदराबाद की लैब में गए भी नहीं होंगे.

यह बातें उन्होंने शनिवार शाम को हैदराबाद के मलकजगिरि और शालीबंदा लाल दरवाजा के अलका थिएटर ग्राउंड में आयोजित जनसभा के दौरान कही. उन्होंने टीआरएस और एआईएमआईएम पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाए. हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि एआईएमआईएम के एक विधायक ने जब संविधान की शपथ लेने की बात आई, तो उन्होंने हिंदुस्तान बोलने से इनकार कर दिया. हिंदुस्तान के नाम पर शपथ नहीं ली. हिंदुस्तान में रहेंगे, हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन जब संविधान की शपथ हिंदुस्तान के नाम पर लेने की बात आएगी, तो हिंदुस्तान नाम बोलने में संकोच करेंगे, यही एआईएमआईएम की असलियत है.

योगी ने कहा कि आपके पूर्वजों ने निजामशाही के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. आज निजाम के रूप में एक परिवार फिर से आकर पूरे तेलंगाना और हैदराबाद में लूट खसोट का दुस्साहस करे, यह स्वीकार नहीं होना चाहिए.



भाग्यनगर क्यों नहीं हो सकता
सीएम योगी ने कहा कि लोग मुझसे पूछ रहे थे क्या हैदराबाद भाग्य नगर हो सकता है. मैंने कहा क्यों नहीं. उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आई, हमने फैजाबाद को अयोध्या कर दिया. इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया तो फिर हैदराबाद भाग्यनगर क्यों नहीं हो सकता? भाग्य नगर तो सम्पन्नता और विकास का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए तेलंगाना और हैदराबाद से भारी संख्या में कारसेवक गए थे. आपके पूर्वज इसके लिए लगातार आंदोलन करते रहे, लेकिन कुछ लोग थे, जो आपकी आस्था का अपमान करते रहे.
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