अपना वजूद बचाने की कोशिश है सपा-बसपा का गठबंधन: CM योगी

योगी ने कहा कि जनता सच्चाई जानती है और वक्त आने पर इसका जवाब देगी. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यूपी में जातिवाद की राजनीति और लूट-खसोट पर लगाम लगने के बाद यह गठबंधन उसी की एक बौखलाहट है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 11, 2019, 4:03 PM IST
अपना वजूद बचाने की कोशिश है सपा-बसपा का गठबंधन: CM योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ
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Updated: January 11, 2019, 4:03 PM IST
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी गठबंधन को लेकर जबरदस्त हमला बोला. उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन के पीछे अपना वजूद बचाने की कोशिश है और कुछ नहीं. योगी ने कहा कि जनता सच्चाई जानती है और वक्त आने पर इसका जवाब देगी. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यूपी में जातिवाद की राजनीति और लूट-खसोट पर लगाम लगने के बाद यह गठबंधन उसी की एक बौखलाहट है. 2014 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि 2019 में उससे ज्यादा सीटें आएंगी. देश की जनता जानती है कि दोनों पार्टियां अपने स्वार्थ की लड़ाई लड़ रही हैं.

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यूपी में सपा- बसपा गठबंधन अब तय हो गया है. बसपा सुप्रीमो मायावती व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 जनवरी यानी शनिवार को इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे. सूत्रों के मुताबिक यूपी में गठबंधन का फार्मूला तय हो चुका है. पीएम मोदी की संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर गठबंधन संयुक्त प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारेगा. सूत्रों के हवाले से खबर है कि सपा और बसपा 37-37 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करेंगे. वहीं 2 सीटों पर राष्ट्रीय लोकदल का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा.


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गठबंधन के तहत राहुल गांधी के लिए अमेठी और सोनिया गांधी के लिए रायबरेली सीट छोड़ी जाएंगी. इसी कड़ी में अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल की सीट पर भी गठबंधन प्रत्याशी नहीं उतारेगा. ओमप्रकाश राजभर के सुहेलदेव पार्टी के लिए भी एक सीट छोड़ेगी सपा-बसपा गठबंधन. शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में सीटों के बंटवारे की भी घोषणा हो सकती है. अभी कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों पार्टियां 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. रायबरेली और अमेठी के सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी जा सकती है. जबकि रालोद को तीन सीटे दी जा सकती हैं.

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सूत्रों ने बताया कि अन्य साथियों के महागठबंधन में नहीं जुड़ने की स्थिति में 1-1 सीटें सपा और बसपा आपस में बांट लेंगी. कांग्रेस पार्टी को फिलहाल दो से ज्यादा सीटें देने से दोनों नेताओं ने इनकार कर दिया है. माना जा रहा है कि सपा-बसपा के साथ रालोद का जुड़ना तय है. हालांकि कांग्रेस पर संशय बना हुआ है. जानकारी के अनुसार, कांग्रेस सीटें बढ़ाने की मांग कर रही है लेकिन दोनों दल इस पर राजी नहीं है. मायावती कांग्रेस को ज्‍यादा भाव नहीं दे रही हैं.

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