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UPPCL में PF घोटाला: CM योगी ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

News18Hindi
Updated: November 3, 2019, 12:24 PM IST
UPPCL में PF घोटाला: CM योगी ने की सीबीआई जांच की सिफारिश
मामले में लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी. (फाइल फोटो)

इससे पहले शनिवार को UPPCL कर्मियों का पीएफ DHFL में जमा कराने वाले तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और महानिदेशक पी.के. गुप्ता के खिलाफ न सिर्फ FIR दर्ज करा दी है, बल्कि पुलिस ने दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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  • Last Updated: November 3, 2019, 12:24 PM IST
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लखनऊ. योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने अपनी भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति के तहत एक बार फिर DHFL मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इसी क्रम में रविवार को सीएम योगी ने ऊर्जा विभाग में 45000 कर्मचारियों के 2268 करोड़ रुपये के पीएफ घोटाला मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है. सीएम ने सीबीआई जांच कराने का पत्र केंद्र सरकार को भेज दिया है, साथ ही पूरे मामले की जांच डीजी ईओडब्ल्यू करेंगे. इससे पहले शनिवार को UPPCL कर्मियों का पीएफ DHFL में जमा कराने वाले तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और महानिदेशक पी.के. गुप्ता के खिलाफ न सिर्फ FIR दर्ज करा दी है, बल्कि पुलिस ने दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

वहीं विभिन्न विद्युत कर्मचारी संगठन के लोग सीएम योगी से सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे थे.  साथ ही सरकार ने DHFL में फंसे UPPCL कर्मियों के करीब 1600 करोड़ रुपये को निकालने के लिए भी अपने स्तर से हर संभव प्रयास शुरू कर दिए हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ और उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच नए सिरे से शुरू कर दी गई है. इसमें दोषी मिलने पर UPPCL के अन्य आला-अधिकारियों के खिलाफ भी जल्द कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

किसी का कोई अहित न हो सरकार यह सुनिश्चित करेगी श्रीकांत शर्मा
ऐसे में DHFL मामले पर शुरू हुई सियासत के चलते प्रियंका के ट्वीट के बाद यूपी के उर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी इस मामले पर ट्वीट किया. श्रीकांत शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘DHFL में कर्मचारियों की भविष्य निधि के निवेश का मामला गंभीर है. इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. UPPCL के सभी कार्मिक मेरे परिवार के सदस्य हैं, किसी का कोई अहित न हो सरकार यह सुनिश्चित करेगी.’

अखिलेश सरकार में किया गया था निवेश का फैसला
उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर एंप्लॉइज ट्रस्ट में जमा UPPCL कर्मियों के पीएफ का 1600 करोड़ रुपये निजी कंपनी DHFL में निवेश किए जाने से फंस गया है. UPPCL कर्मियों के पीएफ का पैसा केंद्र सरकार की गाईडलाइन को दरकिनार कर निजी कंपनी DHFL में निवेश करने का फैसला अखिलेश सरकार में किया गया था. यह फैसला 21 अप्रैल 2014 को हुई उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर एंप्लॉइज ट्रस्ट के बोर्ड आफ ट्रस्टीज की बैठक में किया गया था. इसके चलते मार्च 2017 से दिसंबर 2018 तक UPPCL कर्मियों के पीएफ के 2631.20 करोड़ रुपये DHFL में जमा किए गए. इस दौरान 1000 करोड़ रुपये तो वापस मिल गए, लेकिन इसी बीच मुम्बई हाईकोर्ट ने डीएचएफएल द्वारा किए जाने वाले सभी भुगतान पर रोक लगा दी, जिससे UPPCL कर्मियों के पीएफ के करीब 1600 करोड़ रुपये DHFL में फंस जाने से हड़कंप मच गया है.

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First published: November 3, 2019, 11:45 AM IST
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