UP में 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट अनिवार्य किया जाए: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अस्पतालों में आक्सीजन की व्यवस्था को लेकर अहम निर्देश दिए हैं.   (File photo- CM Yogi)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अस्पतालों में आक्सीजन की व्यवस्था को लेकर अहम निर्देश दिए हैं. (File photo- CM Yogi)

Lucknow News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि जो निजी इकाइयां ऑक्सीजन रीफिलिंग के क्षेत्र में निवेश करना चाहती हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए. ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं के लाइसेंस के स्वतः नवीनीकरण करने के संबंध में तत्काल आदेश कर दिया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 3:22 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना (COVID-19) प्रबंधन को लेकर टीम-11 की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि प्रदेश में ऑक्सीजन (Oxygen) सहित सभी मेडिकल आवश्यकताओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. लोग अफवाहों के फेर में न आएं. उन्होंने कहा कि देश में पांच नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की कार्रवाई चल रही है. भविष्य को देखते हुए 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना को अनिवार्य किया जाए. एयर सेपरेशन यूनिट जैसी आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित किया जाए. प्रदेश में इसकी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए.

सीएम योगी ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी तथा भविष्य की सम्भावित स्थिति का आंकलन करते हुए भारत सरकार को समय से ऑक्सीजन आपूर्ति की मांग भेजी जाए. कोशिश करें कि हमें मोदीनगर, पानीपत, रुड़की आदि उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती शहरों से ही आपूर्ति हो. चिकित्सा शिक्षा मंत्री ऑक्सीजन के डिमांड और सप्लाई के संतुलन को सुनिश्चित करें. किसी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता हो, तो तत्काल सूचित करें.

हर अस्पताल में 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप रहे

सीएम ने कहा कि एल-1, एल-2 और एल-3 हॉस्पिटल की अलग-अलग मॉनिटरिंग करते ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जाए. यह जरूरी है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति संस्थागत रूप से हो. प्रत्येक अस्पताल में न्यूनतम 36 घंटों का ऑक्सीजन बैकअप जरूर रहे.
ऑक्सीजन रीफिलिंग में निवेश का स्वागत है

वर्तमान समय की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश स्थित एमएसएमई सहित सभी छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में उत्पादित होने वाली ऑक्सीजन का इस्तेमाल केवल मेडिकल कार्य के लिए हो. इन ऑक्सीजन प्लांट को इनके निकटतम हॉस्पिटल से जोड़ा जाए. इस संबंध में व्यापक कार्ययोजना आज ही तैयार कर ली जाए. जो निजी इकाइयां ऑक्सीजन रीफिलिंग के क्षेत्र में निवेश करना चाहती हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए. ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं के लाइसेंस के स्वतः नवीनीकरण करने के संबंध में तत्काल आदेश कर दिया जाए.

सभी ऑक्सीजन प्लांट पर पुलिस सुरक्षा में हों. ऑक्सीजन वाले वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग की जाए. ऑक्सीजन व अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए हर संभव कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए.
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