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CM योगी बोले- उपचुनाव में हार से निराश जब मैं अमित शाह से गया था मिलने...

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 5, 2019, 2:28 PM IST
CM योगी बोले- उपचुनाव में हार से निराश जब मैं अमित शाह से गया था मिलने...
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पुस्तक 'अमित शाह और भाजपा की यात्रा' के संदर्भ में आयोजित परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धांतों से समझौता किए बिना पार्टी ने मात्र 16 साल में सरकार बनाई. उसी यात्रा से आज के दो नेता निकले हैं. पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरा अमित शाह हुए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर पुस्तक 'अमित शाह और भाजपा की यात्रा' के संदर्भ में आयोजित परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया. लोकभवन सभागार में आयोजित इस परिचर्चा में बीजेपी महामंत्री संगठन सुनील बंसल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और पुस्तक के लेखक भी उपस्थित थे. इस दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी यहां मौजूद रहे.

भारतीय जनसंघ अकेला दल जिसने कहा- दल से महत्वपूर्ण देश है

इस दौरान सीएम योगी ने पुस्तक लेखन के लिए दोनों लेखकों को ह्रदय से बधाई देते हुए कहा कि आजादी के बाद तुष्टिकरण का राजनीति में प्रवेश को देखते हुए भारतीय जनसंघ का गठन हुआ. भारतीय जनसंघ अकेला राजनीतिक दल है, जिसने कहा कि दल से महत्वपूर्ण देश है. सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 1976 में लोकतंत्र बचाने के लिए जनसंघ ने जनता पार्टी में खुद को मिला लिया. जनता पार्टी स्थिति नहीं संभाल पाई तो 1980 में वो बीजेपी के रूप में सामने आई.

'अमित शाह जी के जीवन पर 4 महापुरुषों की छाप'

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धांतों से समझौता किए बिना पार्टी ने मात्र 16 साल में सरकार बनाई. उसी यात्रा से आज के दो नेता निकले हैं. पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरा अमित शाह हुए. सीएम योगी ने बताया कि अमित शाह जी के जीवन पर चार महापुरुषों की छाप है. आदि शंकराचार्य का, आचार्य चाणक्य की नीति, वीर सावरकर का राष्ट्रवाद का भाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के प्रति निष्ठा.

उपचुनाव में हारना एक निराशाजनक स्थिति थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य की सांस्कृतिक विरासत संभालने का भाव अमित शाह में है. नंदवंश को उखाड़ फेंकने का संकल्प चाणक्य ने लिया था और अमित शाह जी ने कांग्रेस मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया था. सीएम योगी ने इस दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश में उपचुनाव में हारना एक निराशाजनक स्थिति थी. मैं अमित शाह से मिलने गया था. उन्होंने कहा था कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता. रात में दो बजे सोते थे और सुबह छह बजे प्रचार के लिए निकल जाते थे. उसका परिणाम दिखा.
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मोदीजी ने पहला भाषण दिया था- विकास सबका, तुष्टिकरण किसी का नहीं

सीएम योगी ने आगे कहा कि जेल की कोठरी में 10 वर्षों तक वीर सावरकर रहे लेकिन डिगे नहीं. हिंदुत्व राष्ट्रीयता का प्रतीक है, सांप्रदायिकता का नहीं, ये कहने की हिम्मत वीर सावरकर के पास थी. उसको अमित शाह जी ने अपनाया. पीएम मोदी का सिद्धांत सबका साथ, सबका विकास का भाव अमित शाह जी में है. 26 मई, 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहला भाषण दिया था- विकास सबका, तुष्टिकरण किसी का नहीं. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाकर पीएम मोदी और अमित शाह ने दम दिखाया है. उन्होंने दिखाया है कि दल के पहले देश है. पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) भी भारत का अंग बन गया है.

(रिपोर्ट: कुमारी रंजना)

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First published: November 5, 2019, 2:14 PM IST
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