सीएम योगी ने भ्रष्टाचार मामले में लखनऊ के अधीक्षण अभियंता एमएम हुसैन को किया सस्पेंड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File Photo)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File Photo)

अधीक्षण अभियंता एमएम हुसैन पर आरोप था कि जनपद लखनऊ (Lucknow) और हरदोई में करीब आधा दर्जन निर्माण कार्यों के लिए निविदा आवंटन में अनियमितता की गई है. ज्यादातर काम सड़क निर्माण से जुड़े थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 6:14 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखी है. इसी क्रम में बुधवार को भ्रष्टाचार के आरोप में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लखनऊ परिमंडल निलंबित कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेंडर कार्यों में अनियमितता के आरोपों में एमएम हुसैन तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लखनऊ परिमंडल (संप्रति कानपुर परिमंडल) को निलंबित करने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करके इस कार्रवाई की जानकारी दी है.

अधीक्षण अभियंता एमएम हुसैन पर आरोप था कि जनपद लखनऊ और हरदोई में करीब आधा दर्जन निर्माण कार्यों के लिए निविदा आवंटन में अनियमितता की गई है. ज्यादातर काम सड़क निर्माण से जुड़े थे. यही नहीं टेंडर में नियमों की अवहेलना होने की आपत्तियों का भी संज्ञान नहीं लिया और नियमों को दरकिनार कर टेंडर आवंटन कर दिया. विभागीय जांच में गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई नतीजतन अब मुख्यमंत्री ने अधीक्षण अभियंता एमएम हुसैन को निलंबित करने का आदेश दिया है.





बनेगी मॉनिटरिंग एंड ऑडिटर अथॉरिटी 
बता दें भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत अब निर्माण योजनाओं में होने वाली कमीशनखोरी और भ्रष्टचार पर अंकुश लगाने की तैयारी है. राज्य में निर्माण योजनाओं के लिए अब मॉनिटरिंग एंड ऑडिटर अथॉरिटी का गठन किया जाएगा. यह प्रदेश की निर्माण परियोजनाओं और निर्माण की गुणवत्ता की जांच करेगी. इसके साथ ही यह अथॉरिटी विभागों में टेंडर में घोटाले व जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार पर निगरानी करेगी.

बता दें की निर्माण परियोजनाओं में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थी, जिसके बाद मॉनिटरिंग एंड ऑडिटर अथॉरिटी के गठन का निर्णय लिया गया है. कुछ दिन पहले ही इसका प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किया गया था. मॉनिटरिंग एंड ऑडिटर अथॉरिटी के गठन के लिए सहमति भी बन चुकी है और जल्द ही इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा.
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