CM योगी ने पहले कैबिनेट विस्तार से साधा क्षेत्रीय व जातिगत संतुलन, निगाहें 2022 पर

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 21, 2019, 2:18 PM IST
CM योगी ने पहले कैबिनेट विस्तार से साधा क्षेत्रीय व जातिगत संतुलन, निगाहें 2022 पर
राजभवन में हुआ योगी आदित्यनाथ का पहला कैबिनेट विस्तार.

अपने पहले कैबिनेट विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को भी साधने की कोशिश की है.

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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) को मद्देनजर रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कैबिनेट का नए सिरे से विस्तार किया है. बुधवार को हुए पहले कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion) में 18 नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि पांच को प्रमोट करके कैबिनेट रैंक दिया गया है. अपने पहले विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को भी साधने की कोशिश की है. कहा जा रहा है कि वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पूरा फेरबदल किया गया है.

पहले मंत्रिमंडल विस्तार में सभी क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है. साथ ही युवा और वरिष्ठ चेहरों को भी तवज्जो दी गई है. इतना ही नहीं, जाति के आधार पर भी सबको प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है. बीजेपी प्रवक्ता समीर सिंह ने बताया कि आज हुए मंत्रिमंडल विस्तार में सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. युवा और वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल कर संतुलन बनाया गया है. इस विस्तार से संतुलित कैबिनेट तैयार हुई है.

सभी क्षेत्रों की हिस्सेदारी

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बावजूद सभी क्षेत्रों को हिस्सेदारी नहीं मिल सकी थी. पहले कैबिनेट विस्तार में मुख्यमंत्री ने इसे भी संतुलित करने की कोशिश की है. आगरा, बुंदेलखंड, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, बस्ती और कानपुर मंडलों में भारी जीत मिलने के बावजूद इन क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व नहीं मिला था. लिहाजा, पश्चिम यूपी के मुजफ्फरनगर से कपिलदेव अग्रवाल और चरथावल से विधायक विजय कश्यप, बुलंदशहर से अनिल शर्मा, आगरा कैंट से जीएस धर्मेश और फतेहपुर से विधायक चौधरी उदयभान सिंह, मैनपुरी से रामनरेश अग्निहोत्री को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. इसी तरह बुंदेलखंड से स्वतंत्र देव के इस्तीफे के बाद चित्रकूट से विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. कानपुर मंडल से नीलिमा कटियार और कमल रानी वरुण को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. बस्ती मंडल से सतीश द्विवेदी और वाराणसी मंडल से रवीन्द्र जायसवाल को शामिल किया गया है.

जातिगत समीकरण को भी साधने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने इस कैबिनेट विस्तार से जातिगत समीकरणों को भी साधने की कोशिश की है. 23 मंत्रियों में से 6 ब्राह्मण, 4 क्षत्रिय, 4 वैश्य, एक गूजर, एक जाट, एक लोधी और एक मंत्री कश्यप बिरादरी से है. नीलकंठ तिवारी, सतीश द्विवेदी, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, आनंद स्वरुप शुक्ला, अनिल शर्मा और रामनरेश अग्निहोत्री ब्राहमण विरादरी से हैं. पहली बार मंत्री बनीं कमल रानी वरुण भी एससी कोटे से हैं. इसके अलावा मंत्री श्रीराम चौहान और आगरा कैंट के विधायक गिराज सिंह धर्मेश एससी कोटे से हैं. वाराणसी के रवीन्द्र जायसवाल, कपिल देव अग्रवाल, महेश गुप्ता वैश्य बिरादरी से हैं. अनिल राजभर, नीलिमा कटियार पिछड़ा वर्ग से हैं. जीएस धर्मेश जाटव विरादरी से हैं तो उदयभान सिंह जाट विरादरी से हैं.

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First published: August 21, 2019, 12:23 PM IST
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