CM योगी के 'ट्रिपल टी' मॉडल का असर, पिछले 24 घंटे में 4000 से कम मिले केस, 3.26 लाख टेस्ट

मेरठ में कोविड मरीजों की जानकारी लेने व जनपद के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर सीएम योगी आदित्‍यनाथ रविवार को मेरठ पहुंचे.

मेरठ में कोविड मरीजों की जानकारी लेने व जनपद के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर सीएम योगी आदित्‍यनाथ रविवार को मेरठ पहुंचे.

UP Corona Cases Update: रविवार की तुलना में सोमवार को 900 केस उत्तर प्रदेश में घटे. इसी तरह पिछले 23 दिन में 234000 केस कम हुए. जबकि उत्तर प्रदेश से आधी आबादी के महाराष्ट्र में 26000 केस आए. बेहद छोटे राज्यों में जम्मू कश्मीर में 3600 और उत्तराखंड में 3800 केस आए.

  • Share this:

लखनऊ. प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Corona Infection Rate) की दर को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का ट्रिपल टी मॉडल (Triple T Model) यानी ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट का असर दिखने लगा है. लगभग 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 3981 पॉजिटिव केस आए. जबकि कोरोना को मात देकर 11918 मरीज घर पहुंचे। प्रदेश में फ़िलहाल एक्टिव मरीजों की संख्या 76700. उधर देश में सर्वाधिक टेस्ट का सिलसिला उत्तर प्रदेश में जारी रहा. पिछले 24 घंटे में 3.26 लाख कोरोना टेस्ट हुए.

रविवार की तुलना में सोमवार को 900 केस उत्तर प्रदेश में घटे. इसी तरह पिछले 23 दिन में 234000 केस कम हुए. जबकि उत्तर प्रदेश से आधी आबादी के महाराष्ट्र में 26000 केस आए. बेहद छोटे राज्यों में जम्मू कश्मीर में 3600 और उत्तराखंड में 3800 केस आए.  मुख्यमंत्री एक बार फिर कोविड-19 समीक्षा बैठकों के लिए मंडलीय दौरे पर निकले. वे दो दिन के दौरे पर गोंडा, आजमगढ़, मिर्जापुर, बनारस और गोरखपुर जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने ऐसे किया काम

दरअसल, 22 अप्रैल को नीति आयोग के सदस्य वीके पाल ने आशंका जाहिर की थी कि उत्तर प्रदेश में 10 मई से रोज एक लाख से अधिक केस आएंगे. अन्य विशेषज्ञों ने भी आशंका जाहिर की थी कि यूपी दुनिया का सबसे बड़ा कोविड-19 हॉटस्पॉट बनेगा. लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना नेगेटिव होने के दिन से ही ग्राउंड पर जाना शुरू कर दिया. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मंडल स्तर की समीक्षा बैठकें की. गांव के लोगों से उनके घर, अस्पताल जाकर संवाद किया. एक लाख गांवों में निगरानी समितियों को सक्रिय करके संक्रमितों की पहचान और 24 घंटे में टेस्ट कराकर मेडिसिन किट पहुंचाने की व्यवस्था की. जरूरत के अनुसार लोगों को आइसोलेट और अस्पताल में भर्ती कराया गया और इन्फेक्शन की चैन को ब्रेक कर दिया. उसका नतीजा आज उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते टेस्ट और घटते केस के रूप में दिख रहा है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज