यूपी सरकार के 3 साल: कुछ ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे सीएम योगी, कानून व्यवस्था पर सपा सरकार से होगी तुलना
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यूपी सरकार के 3 साल: कुछ ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे सीएम योगी, कानून व्यवस्था पर सपा सरकार से होगी तुलना
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने तीन साल पूरा करने जा रही है. 18 मार्च को मुख्यमंत्री अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे. (File Photo)

अभी तक का जो खाका तैयार किया गया है, उसमें योगी सरकार (Yogi Government) की पूरी कोशिश है कि हर क्षेत्र में किए गए काम जनता के सामने वह पेश कर सके.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) 18 मार्च को अपने तीन साल का कार्यकाल (3 Year Tenure) पूरा करने जा रही है. वैसे तो योगी सरकार ने हर साल की तरह इस बार भी अपने कार्यकाल की उपलब्धियां बताने के लिए विस्तार से तैयारी की थी लेकिन कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते ऐसा नहीं हो सका. बहरहाल, मुख्यमंत्री योगी अब अपनी सरकार की उपलब्धियों को मंत्रियों के साथ जनता के सामने बुधवार को रखेंगे. सरकार के सूत्रों के अनुसार अभी तक का जो खाका तैयार किया गया है, उसमें सरकार की पूरी कोशिश है कि हर क्षेत्र में किए गए काम जनता के सामने वह पेश कर सके.

भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में यूपी में हुए काम
- प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में उत्तर प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 47 लाख नि:शुल्क गैस कनेक्शन वितरित किया जा चुका है.
- प्रधानमंत्री आवास योजना में कमजोर और गरीब लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में 3 करोड़ आवास और नगरीय क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक आवास निर्मित/ स्वीकृत किए जा चुके हैं.
- सौभाग्य योजना के तहत 1 करोड़ 24 लाख से ज्यादा घरों को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन देकर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है.
- उजाला योजना के तहत 2 करोड़ 60 लाख 80 हजार 668 एलईडी बल्बों का वितरण किया जा चुका है.


- नमामि गंगे के तहत 15 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 19 परियोजनाएं निर्माणाधीन तथा 11 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं.
- अमृत योजना से उत्तर प्रदेश के 60 हजार शहर अच्छादित किए जा चुके हैं.

कानून व्यवस्था
लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमीश्नर व्यवस्था लागू की गई है.
2016 (सपा कार्यकाल) से 2019 की तुलनात्मक रिपोर्ट
- वर्ष 2016 में जहां डकैती के 263 मामले दर्ज हुए थे. वहीं वर्ष 2019 में 106 मामले दर्ज हुए. वर्ष 2016 से वर्ष 2019 के सापेक्ष कुल 59.70 प्रतिशत की कमी आई है.
-वर्ष 2016 में जहां लूट के 4418 मामले दर्ज हुए. वहीं वर्ष 2019 में 2179 मामले दर्ज हुए. वर्ष 2016 से वर्ष 2019 के सापेक्ष कुल 47.09 प्रतिशत की कमी आई है.
- वर्ष 2016 में जहां हत्या के 4679 मामले दर्ज हुए. वहीं वर्ष 2019 में 3663 मामले दर्ज हुए. वर्ष 2016 से वर्ष 2019 के सापेक्ष कुल 21.71 प्रतिशत की कमी आई है.
- वर्ष 2016 में जहां बलवा के 7707 मामले दर्ज हुए. वहीं वर्ष 2019 में 5611 मामले दर्ज हुए. वर्ष 2016 से वर्ष 2019 के सापेक्ष कुल 27.20 प्रतिशत की कमी आई है.
- वर्ष 2016 में जहां फिरौती के लिए अपहरण के 53 मामले दर्ज हुए थे. वहीं वर्ष 2019 में 33 मामले दर्ज हुए. वर्ष 2016 से वर्ष 2019 के सापेक्ष कुल 37.74 प्रतिशत की कमी आई है.
- वर्ष 2016 में जहां बलात्कार के 3481 मामले दर्ज हुए थे. वहीं वर्ष 2019 में 2858 मामले दर्ज हुए. वर्ष 2016 से वर्ष 2019 के सापेक्ष कुल 17.90 प्रतिशत की कमी आई है.
- सभी प्रमुख त्योहार, धार्मिक जुलूस, मेले आदि सकुशल सम्पन्न.

- उत्तर प्रदेश पुलिस फॉरेन्सिक यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था.
- 10 राज्यों में लागू ई-प्रासीक्यूशन प्रणाली के उपयोग में प्रदेश का प्रथम स्थान.
- अपराधों पर नियंत्रण के लिए 75 विद्युत थाने, 4 महिला थाना और 4 आर्थिक अपराध इकाई पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं.
- पुलिस में महिलाओं की भागीदार बढ़ाने के लिए 3 महिला पीएसी वाहिनी की स्थापना की गई.
- पुलिस लाइन में 44 ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कराया गया है.
- पीएसी के लिए 200 व्यक्तियों की क्षमता वाले 31 बैरक का निर्माण कराया गया है.
- प्रदेश भर में 22 नवीन पुलिस चौकियों, 2 जल चौकियों एवं 66 नये अग्निशमन केंद्र स्थापित किए गए हैं.

कृषि
किसानों की आय को दोगुना करने के लिए तकनीकी बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है. सरकार ने पहली कैबिनेट में ही निर्णय लेकर 86 लाख से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ कर दिया.
- सभी किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देते हुए अब तक 2 करोड़ 4 लाख किसानों के खाते में कुल 11,718 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं. 17 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत 13 हजार 600 करोड़ के ऋण की व्यवस्था से कृषि निवेश में भारी वृद्धि हुई है.
- प्रदेश सरकार ने धान खरीद, गेहूं खरीद, तिलहन खरीद, दलहन खरीद में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी की है. 2 लाख 49 हजार 445 करोड़ रुपये का फसल ऋण वितरित किया गया है. 4 करोड़ से ज्यादा मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं 1.11 करोड़ किसान क्रेडित कार्ड वितरित किए गए हैं.
- गन्ना एवं चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है. तीन सालों में सरकार ने 90 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया है. मुंडेरवा, पिपराइच और रमाला चीनी मिलों का विस्तार एवं पेराई क्षमता में वृद्धि और 11 चीनी मिलों की क्षमता में विस्तार दिया गया है. ( जिसमें 9 निजी, 1 सहकारी एवं एक निगम)
- 25 सालों में पहली बार 105 नई खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस स्वीकृत किए गए, जिससे 27850 टीसीडी की अतिरिक्त पेराई क्षमता सृजित हुई है.
- उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एथेनॉल आपूर्तिकर्ता बना. उत्पादन क्षमता- 126.10 करोड़ लीटर वार्षिक.
- प्रदेश सरकार ने 46 सालों से लंबित बाण सागर परियोजना सहित पहाड़ी बांध परियोजना, पथरई बांध परियोजना, जमरार बांध परियोजना, मौदहा बांध परियोजना, पहुंज बांध परियोजना, लहचुरा बांध और गुंटा बांध सहित 8 परियोजनाओं को पूरा किया है. इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर सिंचन क्षमता में वृद्धि हुई है.
- बुंदेलखंड में 8384 खेत तालाबों का निर्माण, 3869 किमी लंबाई के 523 तटबंधों पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य पूरा किया जा चुका है. बाढ़ सुरक्षा की 149 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी है. 50 लाख किसान ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई योजना से लाभांवित हो रहे हैं.
- 2,97,477 निशुल्क बोरिंग करते हुए एक लाख 61 हजार 85 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचन क्षमता की वृद्धि हुई है. 15,800 सोलर पंप की स्थापना का कार्य प्रगति पर है.
- हर घर नल योजना से पिछल इलाकों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है. बुंदेलखंड जैसे सूखा प्रभावित इलाके में घर-घर पेयजल की व्यवस्था की गई है.
- कानपुर से 18 करोड़ लीटर गंदा पानी रोज गंगा में गिर रहा था, लेकिन अब 95 परसेंट पानी ट्रीट होकर गंगा में गिर रहा है. एशिया का 128 साल पुराना सीसामऊ नाला अब पूरी तरह से टैप होने से गंगा में जल गुणवत्ता बढ़ी है.
- 200 नवीन राजकीय नलकूपों का निर्माण कर 69050 हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन कर 67600 कृषक परिवार लाभांवित हुए हैं.
- प्रदेश सरकार ने नमामि गंगे यात्रा निकालकर लगभग 7 करोड़ 83 लोगों से जनसंपर्क कर निर्मल एवं अविरल गंगा के प्रति जागरुक किया. इस दौरान आयुष्मान कार्ड का वितरण, राशन कार्ड्स का वितरण, मनरेगा के तहत रोजगार, गंगा नर्सरी, स्वास्थ्य मेला, पशु मेला, शवदाहगृहों का निर्माण, जीरो बजट खेती का प्रशिक्षण, नवीन शौचालयों का निर्माण कार्य के साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं पॉलीथीन मुक्ति के प्रत जन जागरुकता अभियान चलाया गया.

प्रदेश सरकार ने राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लागू. इसके साथ ही नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की समस्त उचित दर की दुकानों में ई-पॉस माध्यम से लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण किया गया है.
प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 13 लाख 75 हजार 237 आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ग्रामीण क्षेत्रों में दो करोड़ 61 लाख परिवार शौचालयों से आच्छादित किया गया है.

- सरकार ने मुसहर, कोल, थारू एवं वनटांगिया समुदाय के 38 ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करते हुए आवास, चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, बिजली एवं राशन कार्ड आदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई.

शिक्षा- बेसिक, उच्च, माध्यमिक, व्यवसायिक
- शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं. बेसिक शिक्षा में स्कूल चलो अभियान के तहत तीन सालों में 4 करोड़ 71 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया. पहली बार सरकारी स्कूलों में स्वेटर, जूता-मोजे का वितरण किया गया.
- आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्हांकन एवं नामांकन के लिए शारदा स्कूल हर दिन आएं कार्यक्रम संचालित हुआ.
- ऑपरेशन कायाकल्य के तहत 1.2 लाख से अधिक विद्यालयों का कायाकल्प किया गया. 731 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय निर्मित एवं 13 विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है.
- माध्यमिक शिक्षा में अध्यापकों के 5 हजार 987 नवीन पदों का सृजन किया गया है. इसके साथ ही 193 नए इंटर कॉलेज का संचालन और 55 नए इंटर कॉलेजों को स्वीकृति दी गई है.
- यूपी बोर्ड में नकलवीहीन परीक्षाएं और एनसीआरटी पाठ्यक्रम को लागू किया गया.
- श्रमिकों के बच्चों के लिए सभी 18 मंडलों में अटल आवास विद्यालय की स्थापना की गई. यूपी बोर्ड के मेधावी विद्यार्थियों के निज ग्राम तक गौरव पथ का निर्माण हो रहा है.
- उच्च शिक्षा में बालिकाओं को स्नातक तक निशुल्क शिक्षा. जनपद सहारनपुर, अलीगढ़ एवं आजमगढ़ में नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की कार्यवाही की गई. 49 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की कार्य प्रगति पर है.
- पंडित दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ की स्थापना प्रक्रियाधीन है.
- प्रदेश में 147 राजकीय पॉलीटेक्निक संचालित है. 26 नवीन पॉलीटेक्निक संस्थानों का निर्माण कार्य शुरु हो चुका है.
- व्यावसायिक शिक्षा के तहत प्रदेश में राजकीय आईटीआई की संख्या 260 से बढ़ाकर 305 की गई है. प्रदेश में राजकीय आईटीआई में एक लाख 72 हजार सीटें उपलब्ध कराई गई है.
- प्रदेश सरकार ने तीन सालों में स्टार्ट अप, स्टैंड अप संस्कृति को बढ़ावा दिया है. प्रदेश में स्टार्ट अप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 13 इन्क्यूबेटर्स कार्यरत है.

स्वास्थ्य
प्रदेश सरकार ने तीन सालों में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं. आयुष्मान योजना में एक करोड़ 18 लाख गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा कवर. 90 लाख 22 हजार 145 गोल्डन कार्ड्स बने हैं.

• 10 लाख 56 हजार छूटे हुए परिवार मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के आच्छादित हुए हैं. यही नहीं सरकार ने प्रत्येक रविवार को प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का आयोजन किया जा रहा है.

• जेई/ एईएस की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रयास से इंसेफ्लाइटिस के मामलों में 75 प्रतिशत व मृत्यु के आंकड़ों में 90 प्रतिशत कमी आई है.

• प्रदेश सरकार ने लखनऊ में अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया है. गोरखपुर और रायबरेली में एम्स की स्थापना विगत तीन सालों में की गई है.

• प्रदेश सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए 13 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की स्वीकृति दी है. इसके अलावा एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर और मिर्जापुर में 8 नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

• सरकार ने 250 एडवांस लाइफ सपोर्ट सेवाएं संचालित की। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा के तहत 4470 एंबुलेंस संचालित की. प्रदेश में 853 सीएचसी और 3620 पीएचसी संचालित की गई है. 80 नए पीएचसी निर्माणाधीन तथा 105 नए सीएचसी स्वीकृत किए गए हैं.

• प्रदेश सरकार ने मिशन इंद्रधनुष के तहत शत-प्रतिशत बच्चों का प्रतिरक्षण. सरकार ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने का कार्य भी किया है.

• गरीबों के निशुल्क इलाज के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष का गठन भी किया गया. 44 जनपदों में निशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध. 68 जनपद चिकित्सालयों में निशुल्क सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.

• एसजीपीजीआई लखनऊ में स्टेम सेल रिसर्च सेंटर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर, लीवर ट्रांसप्लांट सेंटर एवं 60 बेड का ट्रामा सेंटर क्रियाशील. रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत, इमरजेंसी मेडिसिन एवं रीनल ट्रांसप्लांट सेंटर निर्माणाधीन है.

यूपी में निवेश
• प्रदेश सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू की और निवेश फ्रेंडली 21 नई नीतियां बनाई.

• लखनऊ में फरवरी 2018 में इंवेस्टर्स समिट में 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू साइन हुए. प्रथम ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी एवं द्वितीय ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजनों के माध्यम से लगभग 2 करोड़ रुपये के निवेश की 371 परियोजनाएं क्रियान्वित हुई और लगभग 5 लाख लोगों को रोजगार मिला.

• बुंदेलखंड में डिफेंस इंडस्ट्रियल मैन्यूफैक्चरिंग कॉरीडोर का शिलान्यास हो चुका है. 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले इस कॉरीडोर के जरिए 5 लाख लोगों का रोजगार सृजन होगा.

• सरकार ने निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से उद्यमियों को 97849 एनओसी निर्गत की है.

• ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) सेक्टर में सरकार ने 8,875 करोड़ से अधिक के ऋण वितरित किए। इसके अलावा 6000 कारीगरों/ हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण एवं निशुल्क टूल किट वितरित की. अभी तक प्रदेश सरकार 5 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे चुकी है.

• प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 7500 कारीगरों को प्रशिक्षणोपारांत निशुल्क टूल किट वितरित की है. 20 हजार करीगरों को प्रशिक्षण एवं टूल किट वितरण की कार्यवाही गतिमान है.

• प्रदेश में लगभग 90 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयां हैं। इस प्रकार संख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है.

• सरकार ने एमएसएमई सेक्टर में 5 लाख से अधिक उद्यमियों, हस्तशिल्पियों, कारीगरों को 33 हजार करोड़ से अधिक का ऋण वितरित किया है.

• प्रदेश से एक लाख 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है, जो विगत वर्षों से 25 करोड़ रुपये से अधिक है.

डिफेंस एक्सपो
• देश का सबसे बड़ा डिफेंस एक्सपो 2020 लखनऊ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. 71 एमओयू, 13 प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग, 18 तकनीक अंतरण समझौते, 6 महत्वपूर्ण घोषणाओं सहित 100 से अधिक करार हुए हैं.

• यूपीडा द्वारा उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर में निवेश के लिए विभिन्न उद्यमों के साथ 23 एमओयू साइन किये गए हैं. इससे 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

• डिफेंस एक्सपो 2020 के दौरान 200 से ज्यादा एमओयू साइन किए गए हैं.

स्वच्छता
• उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपद खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किए गए हैं.

• प्रदेश सरकार ने 8 लाख 87 हजार 906 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय निर्मित कराए हैं. 652 नगर निकाय खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हुए हैं.

• नगरों में 62 हजार 818 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण और 652 पिंक शौचालयों का निर्माण विगत तीन सालों में सरकार ने किया है.

• स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, सहारनपुर, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, अलीगढ़ में 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया है.

• प्रदेश सरकार ने कानपुर के सीसामऊ नाले को 140 एमएलडी सीवेज को टैप कर 80 एमएलडी बिनगवां एसटीपी में और 60 एमएलडी जाजमऊ एसटीपी में शोधित किया जा रहा है.

• बिजनौर से बलिया तक 155 नालों का शोधन कार्य भी किया जा रहा है.

पर्यटन
• अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में कृष्णोत्सव, वाराणसी में देव दीपावली तथा बरसाना में रंगोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जा रहा है.

• 133 करोड़ रुपये से अयोध्या का समेकित पर्यटन विकास किया जा रहा है.

• वाराणसी में सांस्कृतिक केंद्र तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म स्थल बटेश्वर का विकास किया जा रहा है.

• गोरखपुर के रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स, पीलीभीत टाइगर रिजर्व तथा चन्दौली में देवदरी राजदरी वाटरफॉल का विकास किया गया.

• विगत तीन वर्षों में प्रदेश में पर्यटकों का रिकॉर्ड आगमन हुआ है.

• अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन, लगातार दो वर्ष गिनीज बुक आफ वर्ल्ड में रिकॉर्ड बनाया गया.

• काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान करने के साथ ही वाराणसी में क्रूज संचालन हेतु 10.71 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.

• रामायण सर्किट के अन्तर्गत 69.45 करोड़ रुपये से चित्रकूट एवं श्रृंगवेरपुर का पर्यटन विकास किया जा रहा है.

• बुद्धिस्ट सर्किट में 99.97 करोड़ रुपये की लागत से श्रावस्ती, कपिलवस्तु एवं कुशीनगर का पर्यटन विकास किया जा रहा है.

• 39.73 करोड़ रुपये से गोवर्धन (मथुरा) का पर्यटन विकास किया जा रहा है.

• दुधवा टाईगर रिजर्व तथा पीलीभीत टाईगर रिजर्व स्थलों का विकास किया जा रहा है.

इंफ्रास्ट्रक्चर
• प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 341 किमी. लम्बे 6 लेन चौड़े पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण जारी. दीपावली 2020 तक लोकार्पण किया जाएगा.

• एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश/निकासी हेतु 11 इंटरचेंज का प्रावधान.

• पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए लगभग 92 किमी. लम्बे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रगति पर है.

• बुंदेलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए 14 हजार 849 करोड़ रुपये से लगभग 297 किमी. लम्बे बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण काराया जा रहा है, जो बुंदेलखण्ड क्षेत्र को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्ली से जोड़ेगा.

• जनपद मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे बनाने का निर्णय लिया गया है.

• वर्ष 2017 के पहले तक प्रदेश के सिर्फ दो शहर एयर कनेक्टिविटी से जुड़े थे. इस समय 12 नये एयरपोर्टस पर काम चल रहा है.

• नोएडा में एशिया के सबसे बड़े जेवर इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पर तेजी के साथ काम चल रहा है. ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी इसका निर्माण कर रही है.

• कानपुर, झाँसी, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर और मेरठ शहरों के लिए मेट्रो या रैपिड अर्बन ट्रांसपोर्ट कार्य योजना प्रगति पर है.

• लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के तहत 23 कि.मी. कारीडोर (अमौसी से मुन्शी पुलिया) पर संचालन प्रारम्भ हो चुका है. लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1 बी की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें चारबाग से बसंतकुंज तक मेट्रो चलेगी.

• कानपुर मेट्रो रेल परियोजना तेजी के साथ शुरू हुई है. इस पर 11076.48 करोड़ की लागत आएगी. इसमें दो कारीडोर होंगे, पहला आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक तथा दूसरा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से बर्रा तक.

• आगरा मेट्रो रेल परियोजना पर 8379.62 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसमें दो कारीडोर होंगे. पहला सिंकदरा से ताज ईस्ट गेट तक और दूसरा आगरा कैंट से कालिंदी बिहार तक.

• गोरखपुर में मेट्रो चलाने पर तेजी से काम चल रहा है। यहां भी दो कारीडोर बनाए जाएंगे.

युवा कल्याण
• योगी सरकार ने 2020-21 का बजट युवा शक्ति को समर्पित किया हैण् युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं मुख्यमंत्री शिक्षुता (Apprenticeship) प्रोत्साहन योजना तथा युवा उद्यमिता विकास अभियान (YUVA शुरू किया है.

• मुख्यमंत्री शिक्षुता (Apprenticeship) प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन से युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ 2500 रुपये का मासिक प्रशिक्षण भत्ता प्रदान किया जाएगा. इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था है.

• युवा उद्यमिता विकास अभियान के तहत प्रत्येक जनपद में ‘युवा हब’ स्थापित किया जाएगा. यह हब इच्छुक युवाओं को परियोजना, परिकल्पना से लेकर 1 वर्ष तक परियोजनाओं को वित्तीय मदद के साथ संचालन में सहायता करेगा। प्रत्येक जिले में ‘युवा हब’ की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.

• स्वामी विवेकानन्द की जयंती के अवसर पर 12 से 16 जनवरी 2020 तक लखनऊ में राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें 7000 युवाओं ने प्रतिभाग किया.

• रियो ओलम्पिक गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सुश्री पीवी सिन्धु, सुश्री साक्षी मलिक, सुश्री दीपा करमाकर को 1-1 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया.

• आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप-2017 लन्दन में रजत पदक प्राप्त करने वाली भारतीय टीम की सदस्य सुश्री दीप्ति शर्मा एवं पूनम यादव को 8-8 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया.

• 21वें कामनवेल्थ गेम्स में 18 पदक जीतने के लिए 18 खिलाड़ियों को पुरस्कार स्वरूप 2 करोड़ 60 लाख रुपये प्रदान किए गए.

• ‘’खूब खेलो-खूब पढ़ो’’ पखवाड़े में कुल 186 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया.

• खेल किट हेतु धनराशि रुपये 1000 से बढ़ाकर 2500 की गई.

• खेलो इंडिया योजना के अन्तर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अवस्थापना सुविधाओं का सृजन किया गया.

महिला कल्याण
• महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा देने के लिए बनाए गए एंटी रोमियो स्क्वॉएड का गठन किया गया. यह स्कवॉएड अब तक 1 लाख 87 हजार 362 स्थानों पर 55 लाख 7 हजार 589 व्यक्तियों की चेकिंग कर चुकी है. इस कार्रवाई के तहत प्रदेश भर में 3,431 मामले दर्ज किए गए हैं.

• वर्ष 2016 तक प्रदेश के 6 जनपदों में लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत से काफी कम था. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत इन जिलों में अच्छा कार्य हुआ. जिसका परिणाम है कि इन 6 जिलों में इटावा और फिरोजाबाद में लिंगानुपात कम हुआ है और केंद्र की तरफ से दोनों को जिलों को पुरस्कार भी मिला है.

• मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत इस बार के बजट में इसके लिए 1200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. इसके तहत प्रदेश की बेटियों को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे.

• 1 अप्रैल 2019 से शुरू हुई इस योजना के तहत 2 लाख 60 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं.

• मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत निर्धन परिवारों की 1 लाख से अधिक गरीब कन्याओं का विवाह कराया जा चुका है.

• इस बार के बजट में इस योजना की धनराशि 35 हजार से रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया गया है.

• तीन तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं और परित्यक्ता हिंदू महिलाओं के पुनर्वास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 6000 हजार रुपये सालाना मदद दे रही है. इतना ही नहीं सरकार ने इन महिलाओं का मुकदमा भी निशुल्क लड़ने की व्यवस्था की है. पिछली सरकारों में पेंशन के लिए विधाओं के उम्र का मानक तय किया गया था, जिसे वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया गया है.

• अब पति की मृत्यु के बाद बेसहारा महिला को ‘’निराश्रित महिला पेंशन योजना’’ के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 में कुल 1936714, तो वित्तीय वर्ष 2018-19 में 2169898 लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान किया गया.

• प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का अधिक आभास हो इसके लिए मुख्यमंत्री योगी चाहते हैं कि पुलिस एवं पीएसी में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़े.

• इसी के दृष्टिगत लखनऊ, बदायूं व गोरखपुर जिले में पीएसी की एक-एक महिला बटालियन गठित करने जा रही है. इसके तहत गोरखपुर में महिला बटालियन परिसर का शिलान्यास किया जा चुका है.

• इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षित यात्रों को ध्यान में रखते हुए पिंक बस सेवा की शुरुआत की है. इस बस में महिला कंडक्टर एवं सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा यह बस सीसीटीवी कैमरे से लैस और यूपी-112 से लिंक है.

रोजगार
• प्रथम एवं द्वितीय ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी व अन्य माध्यमों से लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश आने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 33 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है.

• योगी सरकार ने तीन वर्षों में तीन लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है. हर वर्ष एक लाख युवाओं को सेवायोजित किया गया है.

• अकेले पुलिस विभाग में डेढ़ लाख से ज्यादा पुलिस के जवानों को भर्ती हुई है.

• कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत 10 लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण, 8.48 लाख से अधिक युवा प्रशिक्षित तथा 3 लाख से अधिक युवा सेवायोजित हुए हैं.

• एसौचैम द्वारा कौशल विकास में सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में स्वर्ण पदक उत्तर प्रदेश को मिला है.

• प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्ड-अप इण्डिया योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 18 हजार 490 रोजगार सृजित.

• प्रथामिक विद्यालयों में 45,383 अध्यापकों की भर्ती पूर्ण, 69 हजार भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

• माध्यमिक शिक्षा में 5 हजार 987 नवीन पदों का सृजन किया गया है.

• ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) सेक्टर में रुपये 8,875 करोड़ से अधिक के ऋण वितरित. 6000 कारीगरों/हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण एवं नि:शुल्क टूल किट वितरित. 20 हजार कारीगरों/हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण एवं टूल किट वितरण की कार्यवाही चल रही है. अभी तक 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है.

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