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राहुल, प्रियंका, अखिलेश, माया किसी को नहीं मानते चुनौती: सीएम योगी

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Updated: October 14, 2019, 12:24 PM IST
राहुल, प्रियंका, अखिलेश, माया किसी को नहीं मानते चुनौती: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

योगी ने कहा कि इन सबके कारगुजारी जनता जानती है. इन्होंने प्रदेश या देश के हित में कोई भी ऐसा काम नहीं किया है, जिसके कारण जनता इन्हें समर्थन दें. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विकास सुशासन और राष्ट्रवाद के मुद्दे को लेकर चुनाव में है और सभी 11 सीटों पर बीजेपी की बड़ी जीत होगी.

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  • Last Updated: October 14, 2019, 12:24 PM IST
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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि यूपी में राहुल गांधी प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव या मायावती में से वो किसी को भी बड़ी चुनौती नहीं मानते है. सीएम योगी ने कहा कि बीजेपी के सामने किसी से कोई चुनौती नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी के चेहरे बेनकाब हो चुके हैं, और सब अपने आप को आजमा चुके हैं. योगी कहते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश में कौन कितने पानी में है. इन सभी लोगों को प्रदेश में भी और देश में भी शासन करने का अवसर प्रदान हुआ है.

योगी ने कहा कि इन सबके कारगुजारी जनता जानती है. इन्होंने प्रदेश या देश के हित में कोई भी ऐसा काम नहीं किया है, जिसके कारण जनता इन्हें समर्थन दें. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विकास सुशासन और राष्ट्रवाद के मुद्दे को लेकर चुनाव में है और सभी 11 सीटों पर बीजेपी की बड़ी जीत होगी. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  15 अक्टूबर से तीन दिन में 11 जनसभाओं को संबोधित करेंगे. दूसरी तरफ विपक्ष महज ट्विटर तक ही सिमटा नजर आ रहा है. सपा, बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी खुद ही प्रचार की कमान संभाले हुए हैं.

अकेला विपक्ष चुनौती देता नहीं दिख रहा

राजनीतिक मामलों के जानकार वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं कि बीजेपी और बसपा को छोड़ दिया जाए तो इस चुनाव में सभी अन्य प्रमुख दल किसी एक व्यक्ति के नेतृत्व पर ही उम्मीद लगाए बैठी है. अखिलेश यादव पिछले दो महीने से सिर्फ यही संकेत देते रहे कि शिवपाल यादव पार्टी में आ रहे हैं कि नहीं. वह पार्टी संगठन को मजबूत करते नजर नहीं आए. उनकी पूरी कोशिश यही दिखी कि वह किसी दूसरे दल के नेताओं को पार्टी में ले आएं. ऐसा कुछ रमाकांत यादव को पार्टी में लेकर उन्होंने किया. अब वे पार्टी में आइसोलेट हो रहे हैं, क्योंकि पिछले तीन साल में उनके सभी फैसले गलत साबित हुए. ऐसा कुछ भी नहीं दिखा कि वे पार्टी को मजबूत कर रहे हैं. सिर्फ बसपा के नेतृत्व में एक सेंट्रल कमांड दिख रहा है.

उधर, कांग्रेस ने जरूर संगठन को लेकर फैसले लिए हैं, लेकिन इतने कम समय में वह उपचुनाव में क्या असर दिखा पाएगी यह परिणाम ही बताएंगे. लिहाजा एडवांटेज बीजेपी के पास ही होगा. कुल मिलाकर विपक्ष नंबर दो के लिए ही जूझता नजर आ रहा है. मौजूदा समय में जब विपक्ष अकेला मैदान में है तो बीजेपी को चुनौती मिलती नहीं दिख रही है.

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First published: October 14, 2019, 12:23 PM IST
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