Black Fungus Scare: ब्लैक फंगस पर सीएम योगी का 'प्रहार', टीम 12 का गठन, ऐसे करेगी काम

ब्लैक फंगस के मामले यूपी में लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

ब्लैक फंगस के मामले यूपी में लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

Black Fungus in UP: सीएम योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने यूपी में ब्लैक फंगस से बचाव एवं उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए टीम 12 का गठन किया है. यही नहीं, उन्‍होंने ब्‍लैक फंगस संक्रमण के मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने का आदेश भी दिया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि को देखते हुए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बचाव एवं उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं. वहीं, इसकी चुनौतियों को दूर करने के लिए सरकार ने संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान की 12 सदस्यीय म्यूकोर्मियोकोसिस (सीएएम) प्रबंधन टीम का गठन किया है.

शनिवार को जारी एक सरकारी बयान में सीएम योगी ने कहा कि कोविड संक्रमण के मुक्त हो जाने के बाद कुछ लोगों में 'ब्लैक फंगस' की बीमारी के मामले प्रकाश में आए हैं, इसे ध्यान में रखते हुए इस संक्रमण के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए.

सीएम ने दिया ये आदेश

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देशित किया कि सभी जिलों में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और उन्होंने मुख्य सचिव को इस सम्बन्ध में भारत सरकार एवं चिकित्सा संस्थानों से आवश्यक समन्वय किए जाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि 'ब्लैक फंगस' के कारणों, बचाव के उपायों तथा उपचार के सम्बन्ध में परामर्श जारी कर व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए. यही नहीं, ब्लैक फंगस के उपचार के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को मेडिकल विशेषज्ञों की सलाहकार समिति से विचार-विमर्श करते हुए लाइन ऑफ ट्रीटमेंट तय करने तथा संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में परामर्श जारी करने के निर्देश दिए गए थे. 'ब्लैक फंगस' के उपचार हेतु लाइन ऑफ ट्रीटमेंट तय कर दिशानिर्देश जारी कर दी गयी है और इस सम्बन्ध में परामर्श भी जारी कर दिया गया है.
सीएम योगी की ये है टीम 12

सीएम योगी के निर्देशानुसार ब्लैक फंगस के उपचार आदि के सम्बन्ध में संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा जिलों एवं मेडिकल कॉलेजों के सम्बन्धित चिकित्सकों का डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण भी कराया गया. एक बयान के अनुसार विशेषज्ञों की टीम में डॉ आमिर केसरी नोडल अधिकारी और सदस्य प्रोफेसर आलोक नाथ, प्रोफेसर शांतनु पांडे, प्रो विकास कन्नौजिया, प्रोफेसर रूंगमी मारक, डॉ सुभाष यादव, डॉ अरुण श्रीवास्तव, डॉ पवन कुमार वर्मा, डॉ सुजीत कुमार गौतम, डॉ चेतना शमशेरी, डॉ विनीता मणि और डॉ कुलदीप विश्वकर्मा को शामिल किया गया है.

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