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लखनऊ: CM योगी ने लगवाई कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज, बोले- 'जीत के टीके से हारेगा कोरोना'

लखनऊ: CM योगी ने लगवाई कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज

लखनऊ: CM योगी ने लगवाई कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज

स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के चलते रविवार को यूपी के (अलीगढ़, अमरोहा, एटा, फर्रुखाबाद, हाथरस, कासगंज, कौशाम्बी, महोबा, प्रतापगढ़ और श्रावस्ती) 10 जिले पूरी तरह कोरोना (Corona) से मुक्त पाए गए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सोमवार सुबह कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की दूसरी डोज लगवाई. योगी ने यह वैक्सीन लखनऊ के सिविल अस्पताल में लगवाई. सीएम योगी ने ट्वीट करके कहा, ‘आज स्वदेशी कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज प्राप्त कर मन प्रफुल्लित है. आदरणीय प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कोरोना वैक्सीन का यह ‘सुरक्षा कवच’ सभी नागरिकों को मुफ्त प्रदान किया जा रहा है. आप सब लोग भी अपना क्रम आने पर अवश्य लगवाएं ‘टीका जीत का’. तभी कोरोना हारेगा, भारत जीतेगा.’

इससे पहले सीएम योगी ने 5 अप्रैल को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी. रविवार को यूपी के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हुए कोरोना आंकड़ों में नए संक्रमितों की संख्या में मामूली बढ़त होने के साथ एक्टिव केस के मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई. जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 36 नए संक्रमितों की संख्या दर्ज की गई. वहीं, एक्टिव मरीजों की संख्या तेजी से कम होकर 664 दर्ज की गई है. इतना ही नहीं , रविवार के आंकड़ों में यूपी के 10 जिले पूरी तरह कोरोना से मुक्त पाए गए.

यूपी के एक्टिव केस का ग्राफ
राज्य में बीते 24 घंटे में 76 मरीजों को कोरोना से ठीक होने के बाद अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया. जिसके चलते यूपी के भीतर कोरोना से एक्टिव केस का ग्राफ़ 664 तक पहुंच गया है. बीते शनिवार को जारी हुए आंकड़ों में यही एक्टिव केस की संख्या 712 दर्ज की गई थी. इस लिहाज से रविवार को जारी हुए नए आंकड़ों में तेजी से गिरावट देखी गयी है.

10 जिले हुए कोरोना मुक्त
स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के चलते रविवार को यूपी के (अलीगढ़, अमरोहा, एटा, फर्रुखाबाद, हाथरस, कासगंज, कौशाम्बी, महोबा, प्रतापगढ़ और श्रावस्ती) 10 जिले पूरी तरह कोरोना से मुक्त पाए गए. वहीं, बीते 24 घंटे में यूपी के 52 जिलों से एक भी कोरोना संक्रमित की संख्या नहीं दर्ज की गई. राज्य के 23 जिले ऐसे हैं, जहां से 10 से कम होकर सिंगल डिजिट में मामले दर्ज किए गए हैं.

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Explained: पंजाब में एक दलित नेता के CM बनने पर मायावती के तेवर क्यों हुए तल्ख, जानें वजह

पंजाब में दलित सीएम बनने पर तिलमिलाईं मायावती (File photo)

BSP Leader Mayawati News: दरअसल, दलित वोट बैंक से कांग्रेस और बसपा का क्या रिश्ता रहा है. आंकड़े बताते हैं कि 1985 के बाद से कांग्रेस का ग्राफ गिरता चला गया. 1985 में यूपी में कांग्रेस का वोट शेयर 39 फीसदी था.

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लखनऊ. पंजाब (Punjab) में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने एक दलित चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) को सीएम की कुर्सी पर बैठाया और इधर यूपी में मायावती (Mayawati) ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोल दिया. कांग्रेस और बसपा का दलित वोट बैंक से रिश्ता ही ऐसा है. एक का प्लस दूसरे का माइनस बन जाता है. दलित पहले कांग्रेस के साथ थे. जैसे जैसे उसका साथ छोड़ते गये, बसपा के साथ जुड़ते गए. इसीलिए कांग्रेस खत्म होती गयी और बसपा खिलती गयी. अब मायावती सशंकित रहती हैं कि कहीं दलित फिर से न कांग्रेस की ओर रुख कर लें. कांग्रेस की यही लालसा है कि उसका घर फिर से दलित बसा दें. झगड़ा इसी का है.

पंजाब और यूपी में अगले साल एक साथ विधानसभा चुनाव होने हैं. पंजाब में तो कांग्रेस ने दलित कार्ड चल दिया है लेकिन, इसे यूपी में भी खूब प्रचारित किया जाएगा. दलित वोट बैंक की गोलबंदी के लिए कांग्रेस पार्टी यूपी की अपनी रैलियों और सभाओं में भी इसे जोर जोर से बताएगी कि उसने एक दलित को सीएम बनाया. तो क्या उसके इस कदम से दलित वोटों का उसकी ओर खिंचाव हो पाएगा?

बसपा के लिए था टर्निंग प्वाइंट
दरअसल, दलित वोट बैंक से कांग्रेस और बसपा का क्या रिश्ता रहा है. आंकड़े बताते हैं कि 1985 के बाद से कांग्रेस का ग्राफ गिरता चला गया. 1985 में यूपी में कांग्रेस का वोट शेयर 39 फीसदी था. 1989 में ये गिरकर 29 फीसदी रह गया. 1991 में तो मात्र 18 फीसदी ही बचा. 1993 में और गिरकर 15 फीसदी पर आ टिका. यही वो चुनाव था जिसमें दलित वोटबैंक पूरी तरह कांग्रेस से टूटकर बसपा के खेमे में जा खड़ा हुआ. बसपा के आंकड़े देखिए. 1989 और 1991 के चुनाव में बसपा को मात्र 10 फीसदी वोट मिले थे लेकिन, 1993 में उसका वोट शेयर बढ़ गया. पार्टी को 28 फीसदी से ज्यादा वोट मिले. बसपा के लिए यही चुनाव टर्निंग प्वाइंट था.

दलितों के सहारे सीएम बनीं मायावती
इस चुनाव में दलित वोट बैंक कांग्रेस से पूरी तरह टूटकर बसपा के खेमे में आ चुका था. तब से लेकर आज तक बसपा गिरती हालत में भी 20 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करती रही है और कांग्रेस 10 फीसदी से कम (2012 के चुनाव को छोड़कर). बता दें कि इसी के बाद बसपा को सत्ता में आने का मौका हासिल हुआ. मायावती इसी वोट बैंक के सहारे चार बार सीएम बनीं. भले ही ये कहा जाए कि मायावती को सीएम बनाने में और भी कई समुदायों का वोट बैंक शामिल रहा है लेकिन, कोर वोट बैंक तो दलित समुदाय ही माना जाता है.

बसपा को भाजपा से ज्यादा कांग्रेस से खतरा
अब कांग्रेस बसपा से इस वोट बैंक की छीनाझपटी में लगी है. ऐसा होते देख मायावती भला चुप कैसे रह सकती हैं. उन्हें भी तो अपना घर बचाना है. लिहाजा वो भाजपा पर हमला बोलते-बोलते कांग्रेस को लपेटे में लेना नहीं भूलतीं. दलित वोट बैंक के खिसकने को लेकर उन्हें भाजपा से ज्यादा कांग्रेस से खतरा है. दलित कांग्रेस का पुराना वोट बैंक जो रहा है. यही वजह है कि पंजाब में कांग्रेस ने दलित चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया तो मायावती हमलावर हो उठीं. उन्हें डर है कि जो 1993 में हुआ कहीं उसका उल्टा न होने लगे.

लखनऊ बुलेटिन : अभी लखनऊ में और अधिक बारिश होने का अनुमान 

जबरदस्त बारिश से जलमग्न हुई राजधानी की सड़कें

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1.जबरदस्त बारिश से लखनऊ के मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर जलभराव में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई.जबकि अलीगंज में बिजली का झटका लगने से एक बच्चे की जान चली गयी है. लखनऊ का दो तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया.जानकीपुरम आकांशा परिसर के पास एक रिक्शा चालक की पानी में डूबने से मौत हो गई.

2. लखनऊ में विमान सेवा बाधित हुई, कई ट्रेनों के पहिये थम गए. रेलवे ट्रैक्स पानी में डूबे थे. बिजली व्यवस्था चरमरा गयी, कई इलाकों में घंटो तक बिजली गायब रही. बारिश के पानी के कारण तीन-स्कोर ट्रांसफार्मर में भी खराबी आ गई, जिससे शहर में लंबे समय तक बिजली बाधित रही.

3. 40 घंटे की लगातार बारिश के बाद भी लखनऊ में और अधिक बारिश की संभावना. अधिकारियों को प्रत्येक क्षेत्र में हुए नुकसान के आधार पर मुआवजे के लिए राशि भी तय करनी होगी.

4. तेज हवा और लगातार बारिश के कारण जिले भर में करीब 150 पेड़ और 300 बिजली के खंभे उखड़ गए.संपत्ति और फसलों के नुकसान के अलावा, भारी बारिश के कारण अब तक लगभग 38 लोग हताहत हुए हैं, जिससे हर तरफ चिंता बढ़ गई है.

लखनऊ बुलेटिन : ई- बसों की लोकेशन बताएगा 'चलो एप'

सिटी बसों की जानकारी अब एप पर होगी उपलब्ध

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1:सिटी बसों की लोकेशन बताएगा \’चलो एप\’. नगरीय परिवहन निदेशालय ने यात्री सुविधा के मद्देनजर चलो एप तैयार किया है. इस पर अब तक 260 सीएनजी सिटी बसों की लोकेशन देखी जा सकती थी. मगर इस एप पर 140 इलेक्ट्रिक बसों को भी लिंक किया जा रहा है.इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है.आने वाले दिनों में सिटी बसों में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा.सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी पल्लव बोस ने बताया कि स्मार्ट सिटी के मद्देनजर चलो एप पोर्टल अपडेट किया जा रहा है. इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं.नगर बसों के सभी रूट, नए बनाये जाने वाले मार्ग, समय-सारिणी, किराया, सुविधाओं के अलावा सिटी बसों से संबंधित तमाम जरूरी चीजें दैनिक यात्री चंद पलों में अपने मोबाइल से ही पता चल जाएगा.नई बसों के संचालन के लिए इस वेबसाइट को अंतिम रूप दिया जा रहा है. यह वेबसाइट एलसीटीसीएल.को.इन (lctcl.co.in) होगी. नगर बसों से जुड़ी सभी अहम जानकारी इस एप पर उपलब्ध होंगी.साथ ही इस बार बनाई जाने वाली वेबसाइट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में नगर बसों की जानकारी आम लोगों को देगी.

2. फैजुल्लागंज में जलभराव से नाराज स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को नगर निगम के इंजीनियरों को पीट दिया.फैजुल्लागंज में काफी ज्यादा जलभराव हो गया है. लोगों के घरों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है. नगर निगम में लगातार शिकायत करने के बावजूद मौके पर पहुंचे अधिकारियों को भी दौड़ा लिया. इसको लेकर काफी हंगामा हुआ. दोबारा नगर निगम के इंजीनियर व अधिकारी वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे. बाद में क्षेत्रीय विधायक के साथ लोग मौके पर पहुंचे.

3. लखनऊ-आगरा के बीच की फ्लाइट 1 अक्टूबर से चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी. यह सेवा एक बार फिर दोनों शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी.
फ्लाइट चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे से अपनी यात्रा शुरू करेगी और दोपहर 3:45 बजे आगरा के खेरिया हवाई अड्डे पर पहुंचेगी.
आगरा से विभिन्न शहरों के लिए कई उड़ानें पहले ही शुरू की जा चुकी हैं, लखनऊ-आगरा हवाई सेवा को अगले महीने तक हरी झंडी दिखाई जाएगी.

UP: अखिलेश यादव का BJP पर कटाक्ष, बोले- 'गंगा मइय्या, गड्ढा, गइय्या, इनको भी छल गये ठगइय्या'

UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर दागे सवाल (File pic)

UP Assembly Election 2022: उन्होंने सरकार को दंभी बताते हुए कहा कि ये जुमलेबाज सरकार है. यही नहीं, उन्होंने कहा कि नहीं चाहिए ऐसी सरकार जिसका सच है, ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2022 में चुनाव (Uttar Pradesh Election 2022) होने हैं. ऐसे में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में सोमवार को एक ट्वीट कर बीजेपी पर कटाक्ष किया है. अखिलेश ने गंगा नदी की सफाई, सड़कों पर गड्ढे और गोवंश को लेकर सीधा हमला बोला है. अखिलेश ने तंज कसते हुए लिखा, “गंगा मइय्या, गड्ढा, गइय्या, इनको भी छल गये ठगइय्या” अखिलेश ने ट्वीट कर पूछा कि यूपी की जनता बीजेपी से पूछ रही है कि हमारी गाढ़ी कमाई से वसूले टैक्स से जो हज़ारों करोड़ गंगा जी के नाम पर खर्च किया वो कहां बह गया है. उन्होंने सरकार पर सवाल दागते हुए पूछा कि गड्ढों का बजट किसके जेब के गड्ढे में गया और गौवंश के पैसे की जुगाली किसने की?

इससे पहले रविवार को योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है. उन्होंने सरकार को दंभी बताते हुए कहा कि ये जुमलेबाज सरकार है. यही नहीं, उन्होंने कहा कि नहीं चाहिए ऐसी सरकार जिसका सच है, ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास.

 अखिलेश ने ट्वीट कर बीजेपी पर किया कटाक्ष

अखिलेश ने ट्वीट कर बीजेपी पर किया कटाक्ष

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा. उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज मेट्रो के प्रोटोटाइप का उद्घाटन किया गया. सरकार केवल हमारे कामों का ही शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है. कानपुर मेट्रो को हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ था लेकिन हमें काम नहीं करने दिया गया. लखनऊ मेट्रो को भी आगे नहीं बढ़ाया गया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में दरार आ गई, ये एक्सप्रेसवे कभी भाजपा का नहीं था. साढ़े चार साल की सरकार में केवल हमारे काम का फीता काटा है.

UP Lekhpal Recruitment 2021: इन दस्तावेजों के बिना नहीं कर सकेंगें यूपी लेखपाल भर्ती के लिए आवेदन, देखें डिटेल

UP Lekhpal Recruitment 2021: भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा

UP Lekhpal Recruitment 2021: इस भर्ती के लिए कुछ जरुरी दस्तावेज भी हैं, जिनके बिना उम्मीदवार इसके लिए आवेदन नहीं कर सकेंगें. ऐसे ही जरुरी दस्तावेजों की सूची नीचे दी जा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 14:58 IST
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नई दिल्ली. UP Lekhpal Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित UPSSSC PET 2021 संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों को लेखपाल भर्ती की तारीखों का इंतजार है. गौरतलब है कि आयोग ने प्रदेश में लेखपाल के 7,882 पदों पर भर्ती कराने की घोषणा की थी. हालांकि UPSSSC ने भर्ती को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की है, लेकिन आयोग द्वारा जारी परीक्षा कैलेंडर के अनुसार लेखपाल भर्ती परीक्षा नंवबर माह में आयोजित की जाएगी.

आयोग ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि 24 अगस्त को आयोजित प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (UPSSSC PET 2021) में सफल उम्मीदवार ही लेखपाल भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगें. इस भर्ती के लिए कुछ जरुरी दस्तावेज भी हैं, जिनके बिना उम्मीदवार इसके लिए आवेदन नहीं कर सकेंगें. ऐसे ही जरुरी दस्तावेजों की सूची नीचे दी जा रही है.

UP Lekhpal Recruitment 2021: ये दस्तावेज हैं जरुरी
12वीं पास का सर्टिफिकेट
: लेखपाल भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए 12वीं पास आवश्यक शैक्षिक योग्यता रखी जा सकती है. ऐसे में इसका सर्टिफिकेट भर्ती के लिए जरुरी दस्तावेज हो जाता है.
जाति प्रमाण पत्र: आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार भर्ती की आयु सीमा में नियमनुसार आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को छूट प्रदान की जाएगी. ऐसे में छूट का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवारों को इसका प्रमाण पत्र तैयार रखना होगा.
CCC सर्टिफिकेट: ऐसे सम्भावना है कि लेखपाल भर्ती के लिए कोर्स ऑन कंप्यूटर कांसेप्ट यानी CCC सर्टिफिकेट भी अनिवार्य किया जा सकता है. इसलिए उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट की तैयारी करके रखनी चाहिए.

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पंजाबः मायावती बोलीं- दलित समुदाय के व्यक्ति को CM बनाना चुनावी हथकंडा

मायावती ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी यहां अकाली दल और बसपा के गठबंधन से बहुत ज्यादा घबरायी हुई है.'

Punjab Congress: मायावती ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी यहां अकाली दल और बसपा के गठबंधन से बहुत ज्यादा घबरायी हुई है. मुझे पूरा भरोसा है कि पंजाब के दलित वर्ग के लोग इनके इस हथकंडे के बहकावे में कतई नहीं आयेंगे.'

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 14:41 IST
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लखनऊ. पंजाब (Punjab) में दलित समुदाय (Dalit Community) से आने वाले चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने सोमवार को इसे चुनावी हथकंडा बताते हुये कहा कि विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2022) में बसपा और अकाली दल गठबंधन से कांग्रेस बहुत ज्यादा घबरायी हुई है, इसीलिये उसने ऐसा किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुये कहा, ‘पंजाब में दलित समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाना चुनावी हथकंडा है, इसके सिवाय कुछ नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘मीडिया के जरिये पता चला है कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव गैर दलित के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, जिससे यह साफ जाहिर है कि कांग्रेस पार्टी का अभी तक दलितों पर पूरा भरोसा नहीं जमा है. किन्तु इनके इस दोहरे चाल-चरित्र और चेहरे आदि से वहां के दलित वर्ग के लोगों को सावधान रहना है. इससे यह भी स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी यहां अकाली दल और बसपा के गठबंधन से बहुत ज्यादा घबरायी हुई है. मुझे पूरा भरोसा है कि पंजाब के दलित वर्ग के लोग इनके इस हथकंडे के बहकावे में कतई नहीं आयेंगे.’

पंजाब में कांग्रेस विधायक दल के नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. चन्नी पंजाब में मुख्यमंत्री बनने वाले दलित समुदाय के पहले व्यक्ति हैं.

बसपा और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव के लिये जून माह में गठबंधन किया था.

एक करोड़ छात्रों के बाद यूपी के 2204 माध्यमिक स्कूलों के प्रिंसिपल्स को टैबलेट देगी योगी सरकार, ये होगा फायदा

यूपी के सरकारी स्कूलों को भी टैबलेट देगी योगी सरकार

UP News: हर स्कूल को प्रति टैबलेट 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, इसके लिए सरकार दो करोड़ रुपये खर्च करेगी. दरअसल, सरकार का मानना है कि इससे स्कूल प्रिंसिपल को टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बनाया जा सकेगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 13:23 IST
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लखनऊ. ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा कोर्स कर रहे एक करोड़ छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन और टैबलेट बांटने का ऐलान करने के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) अब प्रदेश के 2204 सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों (Government Schools) को भी टैबलेट (Tablet) देने की तैयारी है. यह टैबलेट स्कूल के प्रिंसिपल को दिया जाएगा. हर स्कूल को प्रति टैबलेट 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, इसके लिए सरकार दो करोड़ रुपये खर्च करेगी. दरअसल, सरकार का मानना है कि इससे स्कूल प्रिंसिपल को टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बनाया जा सकेगा.

जानकारी के मुताबिक सरकार की मंशा है कि इन टैबलेट के माध्यम से स्कूल के प्रिंसिपल्स को टेक्निकल रूप से मजबूत किया जाए. शुरू में टैबलेट के माध्यम लर्निंग आउटकम समेत यूपी बोर्ड के रिजल्ट का विश्लेषण किया जाएगा, प्रदेश के 2204 सरकारी स्कूलों से योजना शुरू की जा रही है. प्रदेश में 2285 सरकारी स्कूल हैं. टैबलेट स्कूल में होने से कई तरह के काम स्कूल स्तर पर ही किए जा सकेंगे. इससे निरीक्षण की रिपोर्ट, अवस्थापना सुविधाएं व अन्य कई तरह की जानकारियों का आदान-प्रदान मिनटों में हो जाएगा.

प्राइमरी स्कूलों में भी टैबलेट देगी सरकार
केवल हाईस्कूल और इंटर के स्कूलों को ही टैबलेट नहीं दिया जाएगा, बल्कि प्राइमरी शिक्षा में भी सभी स्कूलों में टैबलेट देने का फैसला हो चुका है. 1,59,043 सरकारी स्कूलों, 880 खण्ड शिक्षा अधिकारियों और 4400 अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को ये टैबलेट दिए जाएंगे. इसके मार्फत न सिर्फ स्कूलों की मॉनिटरिंग आसान होगी बल्कि शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमीट्रिक तरीके से ली जा सकेगी. इस टैबलेट में जो भी डाटा होगा वह राज्यस्तर पर देखा जा सके, इसके लिए क्लाउड आधारित स्टोरेज होगा. हालांकि दो वर्ष पहले ही योजना को मंजूरी मिली थी लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण टैबलेट खरीद अभी तक नहीं हो पाई है.

जेल में बंद आजम खान, मुख़्तार अंसारी और अतीक अहमद की बढ़ीं मुश्किलें, मनी लॉन्ड्रिंग और उगाही मामले में ED करेगी पूछताछ

आजम खान, मुख़्तार अंसारी और अतीक अहमद से ED करेगी पूछताछ

Lucknow News: कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ईडी इनसे जल्द ही जेल में पूछताछ करेगी. जानकारी के मुताबिक ईडी की एक टीम सोमवार को सीतापुर जेल में बंद आजम खान से पूछताछ कर सकती है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 12:37 IST
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लखनऊ. अलग-अलग जेलों में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान (Azam Khan), गैंगस्टर से विधायक बने मुख़्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) और माफिया अतीक अहमद (Ateeq Ahmad) की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. अब प्रवर्तन निदेशालय (ED मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन उगाही मामले में इन तीनों नेताओं की कुंडली खंगालेगा. कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ईडी इनसे जल्द ही जेल में पूछताछ करेगी. जानकारी के मुताबिक ईडी की एक टीम सोमवार को सीतापुर जेल में बंद आजम खान से पूछताछ कर सकती है. ईडी चार दिनों तक आजम, मुख़्तार और अतीक से पूछताछ करेगी. बता दें मुख़्तार बांदा जेल तो अतीक अहमद गुजरात के साबरमती जेल में बंद हैं.

प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि इन तीनों नेताओं के खिलाफ पूर्व में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमा दर्ज किया था. अब ईडी को कोर्ट से इन तीनों नेताओं को कस्टडी में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मिल गई है. इसके बाद ईडी की टीम जल्द ही तीनों नेताओं से पूछताछ कर सकती है. गौरतलब है कि मुख़्तार अंसारी के खिलाफ इसी साल जुलाई में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था.

आजम पर है किसानों की जमीन हड़पने का आरोप 
बता दें सीतापुर जेल में बंद आजम खान पर किसानों की जमीन हड़पने का आरोप है. आरोप यह कि राम में बनी जौहर यूनिवर्सिटी में अवैध रूप से सरकारी जमीन को भी कब्जाया गया. इसके अलावा यूनिवर्सिटी  सरकारी पैसे का भी इस्तेमाल हुआ. अब ईडी इस मामले में आजम खान से पूछताछ करेगी.

मुख़्तार अंसारी पर ये है आरोप 
बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी पर आरोप है कि उसने एक सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाया और उसे सात साल के लिए 1.7 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से एक निजी कंपनी को किराए पर दे दिया। ईडी इस रकम और कब्जा जमाने के मामले में अपनी पूछताछ करेगी.

अतीक के पास मिली थी 16 बेनामी कंपनियां 
उधर माफिया अतीक अहमद के खिलाफ भी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था. आरोप है कि  पिछले साल पुलिस ने अतीक की कुल 16 कंपनियां चिह्नित की थीं जिसमें से कई बेनामी थीं. इन कंपनियों में नाम तो किसी और का है लेकिन परोक्ष रूप से इनमें पैसा अतीक का लगा है. इनमें से ज्यादातर कंपनियों का कारोबार रियल इस्टेट से संबंधित है. यह भी जानकारी मिली है कि इन कंपनियों का लेनदेन करोड़ों में है.

UPSSSC PET 2021: अगर परीक्षा में की है ये गलती तो होगा बड़ा नुकसान, देखें पूरी जानकारी

UPSSSC PET Result 2021: 24 अगस्त को राज्य भर में परीक्षा आयोजित की गई थी.

UPSSSC PET 2021: ताजा जानकारी के अनुसार आयोग ने इस परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. ऐसे में इस बात की प्रबल सम्भावना है कि आयोग जल्द ही परिणाम के तारीखों की घोषणा कर देगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 12:33 IST
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नई दिल्ली. UPSSSC PET Result 2021: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (UPSSSC PET 2021) का रिजल्ट सितम्बर माह के अंत तक जारी किए जाने की उम्मीद है. UPSSSC द्वारा भविष्य में निकाली जाने वाली ग्रुप सी भर्तियों में शामिल होने के लिए इस परीक्षा में पास होना अनिवार्य है. ताजा जानकारी के अनुसार आयोग ने इस परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. ऐसे में इस बात की प्रबल सम्भावना है कि आयोग जल्द ही परिणाम के तारीखों की घोषणा कर देगा.

गौरतलब है कि UPSSSC PET 2021 का आयोजन 24 अगस्त को कराया गया था. परीक्षा से जुड़ी एक अहम जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

UPSSSC PET Result 2021: उम्मीदवारों को उठाना पड़ सकता है नुकसान
आयोग द्वारा आयोजित यूपी पीईटी में उम्मीदवारों से 100 प्रश्न पूछे गए थे. दरअसल परीक्षा में कई उम्मीदवारों ने सभी 100 प्रश्नों के उत्तर दिए हैं. जबकि उन्हें सभी प्रश्नों के सही उत्तर नहीं पता थे. ऐसे छात्रों को परिणामों में बड़ा नुकसान हो सकता है. जैसा की आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग की जाएगी. जिसके तहत प्रति गलत उत्तर पर उम्मीदवारों के एक चौथाई अंक काटे जाएंगे. ऐसे में सभी प्रश्नों के उत्तर देने वाले उम्मीदवारों को इससे बड़ा नुकसान हो सकता है.

इसलिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि वे परीक्षाओं में केवल उन्हीं सवालों का जवाब दें, जिसका जवाब उन्हें आता हो और उसे लेकर वे पूरी तरह सुनिश्चित हों.

UP News: पहली बार अल्टीमेट कराटे लीग हुई मुंबई से लखनऊ शिफ्ट, देश-विदेश के खिलाड़ी होंगे शामिल

UP News: पहली बार अल्टीमेट कराटे लीग हुई मुंबई से लखनऊ शिफ्ट

Sports News: विश्व भर में सभी कॉम्बैट स्पोर्ट्स जैसे बॉक्सिंग, कुश्ती जैसे खेलों में सिर्फ व्यक्तिगत मैच ही होते हैं, लेकिन UKL एक अनूठा मैच प्रारूप है जिसने व्यक्तिगत खेल को टीम स्पोर्ट में बदल दिया है.

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लखनऊ. अल्टीमेट कराटे लीग (UKL) जो पहले मुंबई में होने वाली थी, उसे पहली बार यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में स्थानांतरित कर दिया गया है. यह लीग प्रतियोगिता 3 दिसंबर से 12 दिसंबर तक लखनऊ में बाबू बनारसी दास बैडमिंटन अकादमी में आयोजित की जाएगी. आईपीकेसी के अध्यक्ष सेंसाई राजीव सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में हो रहे बदलाव की वजह से ही लीग को मुंबई से लखनऊ स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया. उनमें यूपी रेबल, दिल्ली ब्रेव हाइट्स, मुंबई निंजा, पंजाब फाइटर, बेंगलुरु किंग और पुणे समुराई शामिल है. सभी मैचों का प्रसारण दुनिया भर के कई प्लेटफार्म पर रोजाना 2 घंटे शाम 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि UKL यूकेएल एक अनूठा मैच प्रारूप है जिसने व्यक्तिगत खेल को टीम स्पोर्ट में बदल दिया है जहां एक खिलाड़ी को तीन विरोधियों का एक साथ सामना करना पड़ता है. मैचों के तीन सेट 45 मिनट में पूरे होते हैं, जिसमें स्लो-मोशन और कमर्शियल ब्रेक शामिल हैं. केवल नॉकडाउन तकनीक ही स्कोर दर्ज करता है. प्रत्येक टीम में 5 पुरुष और 1 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. ड्रा की स्थिति में महिला व्यक्तिगत मैच अंतिम परिणाम तय करता है. उन्होंने बताया कि यूकेएल में छह (6) फ्रैंचाइज़ आधारित टीमें हैं, जिनमें प्रत्येक टीम में विश्व चैंपियन और यूरोपीय चैंपियन मार्की खिलाड़ी हैं. प्रत्येक टीम में पांच पुरुष और एक महिल खिलाड़ी शामिल हैं.

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विश्व भर में सभी कॉम्बैट स्पोर्ट्स जैसे बॉक्सिंग, कुश्ती जैसे खेलों में सिर्फ व्यक्तिगत मैच ही होते हैं, लेकिन UKL एक अनूठा मैच प्रारूप है जिसने व्यक्तिगत खेल को टीम स्पोर्ट में बदल दिया है. जहां एक खिलाड़ी को तीन विरोधियों का एक साथ सामना करना पड़ता है. मैचों के तीन सेट 45 मिनट में पूरे होते हैं, जिसमें स्लो-मोशन और कमर्शियल ब्रेक शामिल हैं. केवल नॉकडाउन तकनीक ही स्कोर दर्ज़ करता है. इस समय देश में 4 करोड़ से ज़्यादा कराटे अभ्यासी हैं.

यूपी सरकार के साढे चार साल: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा बेमिसाल, विपक्ष ने कहा, झूठ का पुलिंदा.

UP: पहले ट्रांसफर और पोस्टिंग में लगती थी बोली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कैसे यूपी की बीजेपी सरकार पहले की सभी सरकारो ने ना सिर्फ बेहतर काम कर रही है बल्कि उनके कार्यकाल मे प्रदेश की पहले वाली छवि पूरी तरह से बदल चुकी है।

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उत्तर प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करना शुरू किया तो उनका मकसद साफ था। सरकार की उपलब्धियों के साथ उनके निशाने पर था विपक्ष. जिसके कार्यकाल से तुलना करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कैसे यूपी की बीजेपी सरकार पहले की सभी सरकारो ने ना सिर्फ बेहतर काम कर रही है बल्कि उनके कार्यकाल मे प्रदेश की पहले वाली छवि पूरी तरह से बदल चुकी है।

लखनऊ के लोकभावन (Lokbhawan) में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में योगी ने शुरूआत सरकार और संगठन के नेताओं को धन्यवाद देने  का साथ शुरू की। योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की जनता को भी धन्यवाद दिया और कहा कि जनता की सेवा के लिये ये सरकार लगातार काम कर रही है.

विपक्षियों को बनाया निशाना, दंगे और भृष्टाचार रहा सबसे बडा मुद्दा.

योगी सरकार की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ज्यादातर निशाने पर विपक्षी पार्टी की सरकारों के दौरान की कमियां रही जिसके बारे मे बात करते हुये योगी ने  कहा कि पहले की सरकार में माफिया को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ था. साल 2012 से 2017 यानि कि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की सरकार तक ऐसा माहौल था कि हर रोज एक दंगा होता था, लेकिन हमारी सरकार के साढे चार साल मे एक भी दंगा नही हुआ। माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्यवाई की गयी. करोडों की संपत्ति माफियाओं से ज़ब्त की गयी. योगी आदित्यनाथ ने पहले के मुख्यमंत्रियों पर हमला बोलते हुये कहा कि पहले जो लोग सीएम बनते थे तो अपनी हवेली बनाने के लिए जुट जाते थे, लेकिन हमारी सरकार जनता के लिए समर्पित थी इसलिये 42 लाख से ज़्यादा आवास जनता के लिए बनाये गये।.

पहले उत्तर प्रदेश मे कोई आपदा आती थी तो महीनों लग जाते थे लेकिन मुआवज़ा नही मिलता था. अब पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के अंदर राहत का भुगतान मिल जाता है. प्रदेश में साढ़े 4 लाख लोगों को पारदर्शी व्यवस्था के साथ सरकारी नौकरी दी गयी है. किसी का चेहरा देखकर या जाति  पूछकर नौकरी नहीं दी गयी. योगी ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश की इमेज सुधरी है जिसका नतीजा ये है कि प्रदेश मे हजारो करोड़ रूपयों का पूंजी निवेश हुआ है।

अयोध्या में दीपोत्सव और कांवड यात्रा पर विपक्ष की मंशा पर उठाये सवाल
विपक्ष पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, कि यूपी ने अपनी सांस्कृतिक पहचान देश और दुनिया के सामने रखी. पहले की सरकारें अयोध्या मे किसी भी तरह के आयोजन से घबराती थी लेकिन इस सरकार ने अयोध्या की धार्मिक गरिमा को बढाने का काम  किया है, अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन, काशी का देव दीपावली का आयोजन हो या फिर मथुरा-बरसाना का रंगोत्सव। विपक्षी कभी ये आयोजन नहीं कर सकते थे, वे हमेशा इस बात के लिए सशंकित रहते थे कि अयोध्या में दीपोत्सव का कार्यक्रम करेंगे तो हम पर सांप्रदायिकता का लेबल लगेगा, लेकिन हमारी सरकार के लिए यह प्रदेश के परसेप्शन को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का बेहतरीन तरीका था। आज प्रदेश सरकार तेजी के साथ इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी तरह जब हमारी सरकार आयी तो कांवड यात्रा पर प्रतिबंध था. लेकिन हमने साफ किया कि कांवड यात्रा ना सिर्फ पूरे सम्मान के साथ शुरू की जायेगी बल्कि उनका पूरा ख्याल भी रखा जायेगा। हमने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये कि कांवडियों को कोई भी समस्या नही होनी चाहिए और उन पर पुष्पवर्षा भी होनी चाहिए. पिछले चार सालों से कांवड यात्रा निकल रही है लेकिन कोई भी विवाद नही हुआ.
अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण शुरू कराया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हमारी सरकार ने तेजी से राम मंदिर का कार्य शुरू कराया है. पहले लोग हमारी पार्टी के नारे ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ पर मजाकिया लहजे में कहते थे कि ‘पर, तारीख नहीं बताएंगे।’ आज हमने तारीख भी बता दी है और अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण की शुरुआत भी हो चुकी है। बहुत जल्द मंदिर का काम तय समय से भी पहले पूरा होगा.

ट्रांसफर पोस्टिंग मे होता था पैसों का खेल, नौकरियों मे होती थी धांधली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि प्रदेश मे साल 2017 के पहले ट्रांसफ़र-पोस्टिंग एक व्यवसाय था, बोली लगायी जाती थी, लेकिन पिछले साढ़े 4 साल में कोई ये आरोप नहीं लगा सकता कि पोस्टिंग के लिए किसी से कोई पैसा लिया गया है. अब सभी विभागो में तय नियमों के आधार पर ही अधिकारियों की पोस्टिंग की जाती है और नौकरियों के लिये भी आरक्षण नियमों का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन करते हुये लोगो को नौकरियां दी गयी हैं। 

केंद्र सरकार की 44 योजनाओं में उत्तर प्रदेश सबसे आगे

योगी ने प्रधानमंत्री पीएम मोदी की बातों का हवाला देते हुये कहा यूपी पहले देश के विकास के लिए अवरोध के तौर पर जाना जाता था. योजनाओं में यूपी का स्थान 17 वें से 27वें स्थान के बीच था। आज भारत सरकार की 44 योजनाओं में यूपी पहले पायदान पर है। उनकी सरकार आने से पहले प्रदेश में भूख से लोगों की मौतें हो रही थीं। सरकार ने 40 लाख फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए। 80 हजार दुकानों को ई-पॉज मशीनों से जोड़ा। कोरोना काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया। आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर सरकार 1200 करोड़ रुपये साल बचा भी रहे हैं। योगी ने कहा कि जब हम जब सरकार में आए तो भुखमरी की हालत थी क्योंकि गरीब लोगों के राशन कार्ड बने नहीं थे और जो बने थे निरस्त हो चुके थे. लेकिन हमने टेक्नोलॉजी का सहारा लिया और सबके राशन कार्ड बनवाए। राशन कोटे को ई-पॉज मशीन से जोड़ा गया. टेक्ननालॉजी का फ़ायदा मिला.यूपी में धान ख़रीद में पिछले साल क़ोरोना काल के बावजूद हमने 66 लाख मेट्री टन धान सीधे किसानों से ख़रीदा गया.
शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों को करेंगे लीड
शिक्षा के क्षेत्र में हम 2022 में अग्रणी राज्यों को लीड करते हुए दिखेंगे। 7 नए विश्वविद्यालय और 50 महाविद्यालय बना रहे हैं। पुलिस फोरेंसिंक इंस्टीट्यूट की स्थापना स्थापना लखनऊ में हो रही है। मंडल स्तर फोरेंसिक लैब और साइबर थाने स्थापित किए जा रहे हैं। 30 हजार महिला आरक्षी भर्ती की गई हैं। 1.26 लाख से अधिक बेसिक शिक्षा में भर्तियां हुई हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से एक करोड़ बहनें स्वावलंबी बनी हैं। यह सब संगठन व सरकार के बेहतर समन्वय और केंद्रीय नेतृत्व से मिले सहयोग का नतीजा है। मीडिया ने भी हमारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए सेतु का काम किया है।

सरकार के कार्यकाल को विपक्ष ने कहा झूठ का पुलिंदा

योगी सरकार की उपलब्धियों पर प्रेस कांफ्रेंस के फौरन बाद ही विपक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे सरकार के झूठ का पुलिंदा बताया. अखिलेश ने ये भी कहा कि ये सरकार झूठी, जुमलेबाज, नफरत फैलानेवाली और दंभी है. कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके योगी सरकार पर निशान साधा और कहा कि उत्तर प्रदेश को क्या बनाया भाजपा सरकार ने : कुपोषण में नम्बर-1, महिलाओं के खिलाफ अपराध मे नम्बर-1, अपहरण के मामले में नम्बर-1, दलितों के खिलाफ अपराध के मामले मे नंम्बर-1. सरकार के दावों पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी पलटवार किया. संजय सिंह ने कहा कि असल में योगी सरकार ने प्रदेश का बंटाधार किया है. सरकार के दावों से अलग हकीकत कुछ और ही है. कोरोना काल में ये सच सारी दुनिया ने देखा है. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भी सरकार को आडे हाथो लेते हुये ट्वीट किया. मायावती ने कहा कि योगी सरकार दावे हवा हवाई है व ये जमीनी हकीकत से दूर हैं. प्रदेश मे गरीवों की बढती बदहाली से जनता परेशान है.

बहरहाल विपक्ष के हमलों से बेअसर बीजेपी के नेता लगातार सरकार की सफलता के दावे कर रहे है और मुख्यमंती ने फिर से दोहराया है कि बीजेपी इस बार 350 सीटे जीतकर एक बार फिर से सत्ता मे वापसी करेगी.

...जब आम और इमली बने दूल्हा-दुल्हन, बैलगाड़ी पर निकली धूमधाम से बारात

Sitapur: जब आम और इमली बने दूल्हा-दुल्हन (File photo)

UP News: प्रभारी डीएम और सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी को बचाने के लिए इस अनोखे विवाह की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी. आम और इमली की शादी कराने के लिए मंडप भी लगाया गया.

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सीतापुर. उत्तर प्रदेश के सीतापुर (Sitapur) में अनंत चतुर्दशी के शुभ अवसर पर रविवार को एक अनोखी शादी (Wedding) देखने को मिली है. जहां आम और इमली की शादी का कार्ड छपा कर दोनों का विवाह संपन्न कराया गया. कार्ड पर चिरंजीव रसाल (आम) और आयुष्मति (इमली) का विवाह कराया गया. विवाह के लिए बाकायदा कार्ड भी बांटे गए थे. इस कार्ड में दर्शनाभिलाषी सरकारी विभाग है, और स्वागत के लिए कठिना संरक्षण समिति का नाम छपवाया गया था.

कठिना नदी को बचाने के लिए एक मुहिम के तहत वैदिक रीति रिवाज से होने वाली यह शादी संस्कृति सभ्यता और विज्ञान का अद्भुत संगम साबित होगी. कठिना नदी को पुनर्जीवित करने के मकसद से शुरू हुआ यह अभियान अब अपने पड़ाव पर पहुंच चुका है. बता दें कि सीतापुर के पिसावा इलाके के मुल्लाभीरी बाबा स्मृति वाटिका मुस्तफाबाद में आम और इमली के विवाह संग 51 बाग स्थापित किए गए.

कार्ड छपवाकर धूमधाम से हुआ विवाह

कार्ड छपवाकर धूमधाम से हुआ विवाह

इस बारात में 400 जानती बराती बैल गाड़ियों से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचें. 51 दंपत्ति ने विवाह की रस्में पूरी की. वहीं, मनोरंजन के लिए भी इंतजामात किए गए. अंत में इमली को विदा कर बाग में रोपा गया. उपहार में खुरपा खाद के अलावा स्प्रेयर मशीन दी गयी.

बारातियों को परोसे गए लजीज व्यंजन
प्रभारी डीएम और सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि कठिना नदी को बचाने के लिए इस अनोखे विवाह की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी. आम और इमली की शादी कराने के लिए मंडप भी लगाया गया. बारातियों के भोजन की व्यवस्था सुबह से ही शुरू हो गई थी. जिसमें तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए जैसे कि दही बड़ा, चावल, उड़द की धुली दाल, पूड़ी बूंदी परोसी गई सहित अन्य व्यंजन भी बारातियों को दिए गए.

बजाए गए पुराने वाद यंत्र
जिला संयोजक लोकभारती कमलेश सिंह ने बताया कि कठिना नदी के किनारे फल पट्टी विकसित होने से कई फायदे होंगे. बाग लगने से पानी का खर्च कम होगा, फलदार पेड़ों से किसान समृद्ध और कठिना नदी पुनर्जीवित हो जाएगी. इस शादी समारोह में पुराने वाद यंत्र भी लोग बजाते हुए दिखाई दिए. इस शादी में 400 लोग गवाह बने.

योगी सरकार ने शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी और चेहल्लुम को लेकर जारी की गाइडलाइंस, दिए ये निर्देश

UP: विजयादशमी और चेहल्लुम को लेकर जारी हुई गाइडलाइंस (File Photo)

UP Police: मूर्ति विसर्जन आदि के समय निर्धारित सीमा से अधिक लोग न हो तथा शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के नियमों का पालन अवश्य किया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल पर क्षमता से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र न होने पाए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कोविड-19 की समीक्षा बैठक के दौरान इस वर्ष शारदीय नवरात्रि विजयादशमी, दशहरा तथा चेहल्लुम के दृष्टिगत कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु गाइडलाइंस जारी की गई हैं. नवरात्रि दुर्गा पूजा एवं विजयदशमी, दशहरा पर्व एवं रामलीला मंचन तथा चेहल्लुम के अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम हेतु दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं.

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि दुर्गा पूजा पंडाल व रामलीला मंच के स्थापना की अनुमति प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि सार्वजनिक आवागमन प्रभावित न हो. मूर्तियों की स्थापना पारंपरिक परंतु खाली स्थान पर की जाए, उनका आकार यथासंभव छोटा रखा जाए. मैदान की क्षमता से अधिक लोग न रहे. मूर्तियों के विसर्जन में यथासंभव छोटे वाहनों का प्रयोग किया जाए तथा मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में न्यूनतम व्यक्ति ही शामिल हो.

संदिग्ध वाहनों की चेकिंग
मूर्ति विसर्जन आदि के समय निर्धारित सीमा से अधिक लोग न हो तथा शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के नियमों का पालन अवश्य किया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल पर क्षमता से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र न होने पाए. निर्देशों में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यातायात कदापि बाधित न हो एवं बैरियर व पुलिस चेक पोस्ट लगाकर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कराई जाए तथा मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. साथ ही जन सुविधाएं यथा बिजली पेयजल एवं साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है.

सांप्रदायिक सौहार्द बनाने के आदेश
जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि इस अवसर पर सामाजिक एवं सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे तथा सुरक्षा व्यवस्था इस प्रकार सुनिश्चित की जाए कि किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न होने पाए. संवेदनशील क्षेत्रों व अन्य स्थानों पर भी मोबाइल पेट्रोलिंग कराई जाए. शासन द्वारा चेहल्लुम के अवसर पर भी कानून व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने हेतु तथा कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं. जिला प्रशासन से यह भी अपेक्षा की गई है कि अनुमति इस शर्त के साथ दी जाए कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए.

पहले CM बनने पर अपनी हवेलियां बनाने की मचती थी होड़, हमने 42 लाख गरीबों के लिए बनाए आवास: योगी

UP: हर दूसरे-तीसरे दिन हुआ करते थे साम्प्रदायिक दंगे (File photo)

UP News: उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि "मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे".

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा है कि यह वही यूपी है जहां 2017 के पहले अपराधी और माफिया सत्ता के शागिर्द बनकर राज्य में भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल खड़ा कर रहे थे. हर दूसरे-तीसरे दिन साम्प्रदायिक दंगे हुआ करते थे, लेकिन आज इनके खिलाफ हो रही कार्रवाइयों ने पूरे देश में एक मॉडल पेश किया है. पहले मुख्यमंत्रियों में अपनी हवेलियां बनाने की होड़ मचती थी, लेकिन इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में हमने 42 लाख गरीबों के आवास बनाये हैं. जनता, संगठन और सरकार के एकजुट प्रयास से राष्ट्रीय पटल पर यूपी को लेकर परसेप्शन बदला है. शासन के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है और अब यही विश्वास 2022 के चुनाव में 350 सीटों के भारी बहुमत के साथ एक बार फिर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

4 साल में एक भी दंगा नहीं
शासन की तमाम उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही उत्तर प्रदेश है, जहां कोई भी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण सम्पन्न नहीं हो पाता था लेकिन आज बीते चार साल में एक भी दंगा नहीं हुआ. नतीजतन, लोगों की धारणा बदली. आज निवेशकों को भय नहीं है. इसीलिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है.

“मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”
कोविड की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी के कोरोना प्रबंधन के मॉडल को हर ओर सराहा जा रहा है. कोरोना काल में ही देश की पहली मोबाइल डिस्प्ले यूनिट यूपी में लगी और चीन से कारोबार खत्म कर भारत आई इस कम्पनी के भारत में यूपी को चुना. उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद है तो पर्यटकों के मन की चाह भी है. उन्होंने कहा, कि पहले कुत्सित विचारों वाले विपक्षी दल अयोध्या जाने से डरते थे और हम पर तंज करते थे कि “मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे”. आज पूरी दुनिया अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण देख रही है.

NEET 2021: पटना से लेकर छपरा तक यूपी-बिहार पुलिस की छापेमारी, फरार हुआ सॉल्वर गैंग का सरगना PK

NEET सॉल्वर गैंग का सरगना पीके उर्फ नीलेश

NEET Solver Gang: नीट सॉल्वर गैंग के सरगना पीके (PK) की तलाश में पहुंची पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पीके उर्फ नीलेश अपनी पहचान लोगों के बीच बतौर डॉक्टर देता था और रईस की जिंदगी जीता था.

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पटना. यूपी में नीट परीक्षा (NEET 2021) के दौरान सॉल्वर गैंग का मामला सामने आने के बाद उसके सरगना की तलाश के लिए यूपी पुलिस (UP Police) ने बिहार पुलिस के साथ रविवार को पटना से लेकर छपरा तक एक साथ छापेमारी की. हालांकि इस दौरान सॉल्वर गैंग (NEET Solver Gang) का सरगना पीके उर्फ नीलेश सिंह पुलिस के गिरफ्त में नहीं आ सका. छापेमारी के पहले ही पीके पटना और छपरा दोनों जगह से फरार हो गया. दबिश के दौरान पीके की तस्वीर पुलिस को जरूर हाथ लगी है.

नीट परीक्षा में धांधली के दौरान उजागर हुई सॉल्वर गैंग के मास्टर माइंड पीके उर्फ नीलेश सिंह पटना के पाटलिपुत्र में रहता है. महंगी गाड़ियों और रहन-सहन में विलासिता की जिंदगी जीने वाला पीके अपनी कॉलोनी के लोगों को अपना परिचय डॉक्टर के रूप में देता था. उसने यहां चार मंजिला आलीशान मकान बनवाया है. वह महंगी गाड़ियों का भी शौकीन रहा है. पुलिस की छापेमारी के बाद पीके की असलियत उजागर होने से आसपास के लोग काफी हैरान हैं. बिहार के छपरा जिले के सेंधवा गांव में पीके के पैतृक आवास पर जब पुलिस गई तब उसे यह जानकारी मिली कि स्थानीय लोग उसे एक बिजनेसमैन के रूप में जानते हैं.

सॉल्वर गैंग के सदस्य एक सिम का उपयोग सप्ताह भर से ज्यादा नहीं किया करते थे. इस बात की जानकारी वाराणसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार के किए गए गैंग के सदस्य विकास कुमार महतो और राजू कुमार ने पुलिस को दी है. सॉल्वर गैंग के इन दोनों महत्वपूर्ण सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सभी सदस्य फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड का उपयोग करते थे और बातचीत के लिए मुख्य तौर पर व्हाट्सएप मैसेज और कॉल का ही सहारा लिया जाता था.

पुलिस को इन दोनों ने बताया कि गिरोह के अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड मंगवाने के लिए हमेशा एयर कुरियर सर्विस का इस्तेमाल किया जाता था. इसका मुख्य मकसद  था कि कुरियर कंपनी का डिलीवरी बॉय कभी उनके ठिकाने तक नहीं आ पाता था. कुरियर सॉल्वर गैंग के सदस्य कुरियर कंपनी जाकर ही ले लेते थे.

UP Assembly Election: वेस्ट यूपी में किसान वोट बैंक को मैनेज करने में जुटी बीजेपी, जाटों के बाद अब गुर्जरों को साधने की कोशिश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजा मिहिर भोज की मूर्ति का करेंगे अनावरण

UP Political News: अलीगढ़ में जाट राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर जहां जाट वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिश हुई, अब वहीं गुर्जरों को साधने की कोशिश है.

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लखनऊ. जैसे जैसे यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों का वोट मैनेजमेंट भी दिखने लगा है. कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) से परेशान बीजेपी (BJP) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को साधने के लिए नया रास्ता अख्तियार कर लिया है. अलीगढ़ में जाट राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर जहां जाट वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिश हुई, अब वहीं गुर्जरों को साधने की कोशिश है. दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा के दादरी मे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के 12 फुट की प्रतिमा का अनावरण सीएम योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी है.यह प्रतिमा सम्राट मिहिर भोज के नाम पर बने पीजी कॉलेज में लगी है. दो साल पहले ये प्रतिमा तैयार की गयी थी पर कोरोना की वजह से अनावरण नहीं हो पाया था.

वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि ये बीजेपी का नया दांव है. सीएम योगी आदित्यनाथ जब खुद मूर्ति का अनावरण करेंगे तो गुर्जर समाज में एक संदेश जाएगा जो कि बड़ा वोक बैंक है. और बीजेपी संदेशों की राजनीति में माहिर हैं. गौरतलब है कि राजा मिहिर भोज को धर्मरक्षक राजा के तौर पर देखा जाता है और गुर्जर उनको अपना पूर्वज मानते हैं.

22 सितंबर को मुख्यमंत्री कर सकते हैं मूर्ति का अनावरण
दरअसल, किसान आंदोलन के बाद से पश्चिमी यूपी का सियासी समीकरण गड़बड़ा गया है, जिसको दुरुस्त करने के लिए बीजेपी के दिग्गज रात दिन एक किए हुए हैं. इसी के तहत ये भी तैयारी की गई है. कहा जा रहा है कि 22 सितंबर को सीएम मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण कर सकते हैं. विपक्षियों का मानना है कि मूर्ति का अनावरण गलत नहीं है, लेकिन सवाल बीजेपी के समय को लेकर जरुर उठता है.

योगी आदित्यनाथ को मजबूत करेंगे शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया, ये है एक्शन प्लान

यूपी चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ के पक्ष में प्रचार करने सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज जाएंगे. (File)

BJP Plan for UP Assembly election 2022: यूपी के चुनाव के लिए एमपी भाजपा ने पूरी तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मजबूत करने के लिए प्रदेश से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उमा भारती , केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर नेता यूपी जाएंगे.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे चुनावी मोड और मूड में है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के पक्ष में प्रचार करने के लिए प्रदेश से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), उमा भारती , केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और वीरेंद्र कुमार जैसे नेता जाएंगे. इन नेताओं को मिशन यूपी (Mission UP) में जुटने का टारगेट दे दिया गया है.

यूपी विधानसभा की ऐसी सीटें जो मध्य प्रदेश की सीमा से लगी हुई हैं, वहां असर रखने वाले प्रदेश के नेताओं की ड्यूटी लगाई जाएगी. इस मामले में शिवराज सरकार के मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि पार्टी ने यूपी के चुनाव में पहले भी मध्य प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारी दी थी. अब फिर जहां पार्टी ड्यूटी लगाई जाएगी, वहां पार्टी को मजबूत किया जाएगा. यूपी के चुनाव में प्रदेश के नेता असरदार साबित होंगे और भाजपा मजबूत होगी.

सिंधिया और सीएम शिवराज को जिम्मेदारी

गौरतलब है कि, यूपी के चुनाव को लेकर बीजेपी को ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड के बड़े नेताओं पर ज्यादा भरोसा है. यही कारण है कि 2019 के कांग्रेस के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी ने यूपी के लिए चुना है. जातिगत समीकरणों को साधने के लिए केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के चेहरे का भी इस्तेमाल होगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रचार के तौर तरीकों का भी पार्टी यूपी चुनाव में इस्तेमाल करेगी.

नरोत्तम मिश्रा ने किया था कई सीटों पर प्रचार

बता दें यूपी में 2017 के चुनाव में भी प्रदेश के नेताओं ने प्रभावी भूमिका निभाई थी. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कानपुर के अलावा बुंदेलखंड की कई सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया था. पार्टी की कोशिश है कि झांसी-आगरा बेल्ट की कई सीटों पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चेहरे का इस्तेमाल किया जाए.

एमपी कांग्रेस कर रही प्रियंका गांधी को मजबूत

कांग्रेस यूपी के चुनाव में प्रियंका गांधी को मजबूत करने की तैयारी में जुटी है. इसे लेकर कमलनाथ गोपनीय तरीके से बैठक कर रहे हैं. ग्वालियर-चंबल के कांग्रेस नेताओं को प्रियंका गांधी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि यूपी के चुनाव में प्रियंका गांधी पार्टी का चेहरा होंगी और उनके साथ पूरी पार्टी खड़ी नजर आएंगी.

UPTET 2021 : यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर है ये अपडेट, जानिए कब हो सकती है आयोजित


UPTET 2021 : यूपी में युवा यूपीटेट के जल्द आयोजन की मांग कर रहे हैं.

UPTET 2021 : यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा कोरोना महामारी के चलते 2020 में नहीं हो सकी थी. इसके बाद इसके लिए आयोजन की कोशिश जुलाई महीने में की गई. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर की वजह से संभव नहीं हो सका था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 21:50 IST
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नई दिल्ली. UPTET 2021 : उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है. यूपीटेट 2021 का आयोजन 28 नवंबर को हो सकता है. परीक्षा का यह प्रस्ताव यूपी परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने सरकार को भेजा है. इससे पहले 19 दिसंबर के लिए प्रस्ताव भेजा गया था. लेकिन बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने यह कहकार प्रस्ताव को लौटा दिया था कि इसे और पहले आयोजित किया जाएगा. ऐसे में नियामक प्राधिकारी ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नई तिथि प्रस्तावित की है. इस पर मुहर लगने के बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय परीक्षा के आयोजन की तैयारी शुरू कर देगा.

यूपी में कोरोना महामारी के कारण टीईटी का आयोजन 2020 में नहीं हो सका था. ऐसे में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवा अब जल्द से जल्द टीईटी के आयोजन की मांग कर रहे हैं.

पहले जुलाई में होना था यूपीटेट

बता दें कि यूपीटेट के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले 18 मई से एक जून तक होनी थी. जबकि परीक्ष 25 जुलाई को होनी थी. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने इस प्रक्रिया को बाधित कर दिया था. अब यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने नई तारीख प्रस्तावित की है.

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UP Politics: सतीश मिश्रा ने कराया BSP में आजाद भारत पार्टी का विलय, कही ये बड़ी बात

सतीश मिश्रा ने आजाद भारत पार्टी का कराया बीएसपी में विलय.

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : BSP के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के लखनऊ कार्यालय पर आजाद भारत पार्टी का बहुजन समाज पार्टी में विलय हो गया. विलय के साथ ही बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज, सोनकर समाज, निषाद, कश्यप समाज के लोगों ने बीएसपी की सदस्यता ली.

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लखनऊ. बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) के लखनऊ कार्यालय पर आजाद भारत पार्टी (Azad Bharat Party) का बहुजन समाज पार्टी में विलय हो गया. इस विलय के साथ ही हजारों की संख्या में वाल्मीकि समाज, सोनकर समाज, निषाद, कश्यप समाज के साथ युवा कार्यकर्ताओं ने बसपा की सदस्यता ले ली. उन्होंने बसपा को और भी मजबूत करने के लिए पूर्व मंत्री नकुल दुबे के नेतृत्व में सतीश चंद्र मिश्र से मुलाकात कर बसपा पार्टी को 2022 में चुनाव जिताने और मायावती को पांचवी बार मुखयमंत्री बनाने का संकल्प लिया.

सतीश चंद्र मिश्रा ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि…भाजपा सरकार से हर समाज के लोग प्रताड़ित हैं. चाहे वह कश्यप समाज हो, वाल्मीकि समाज हो, निषाद समाज हो या सोनकर समाज हो. बहन मायावती की नजर में सभी समाज के लोग सर्वप्रथम हैं और सर्वप्रथम रहेंगे. उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में अगर सर्व समाज हम लोगों के साथ कंधा मिलाकर चलें तो मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती. उन्होंने कहा बहन जी कभी भी यह नहीं सोचती हैं कि हमें किस समाज ने कितना वोट दिया. बहन जी सर्व समाज का विकास करने का काम करती हैं.

2007 में बहन जी की बहुमत की सरकार बनी तो तुरंत ही 1 लाख 10 हजार लोगों को तत्काल प्रभाव से नौकरियां दी गई थीं. दलित, शोषित और वंचित समाज के मान सम्मान के लिए बहन जी ने बहुत सी बातें सुनी और मुकदमे भी झेले, लेकिन कभी पीछे नहीं हटी. उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका के वाशिंगटन में अब्राहम लिंकन का भी स्मारक देखा हूं, लेकिन हमारे प्रदेश के स्मारकों के सामने पूरे विश्व के स्मारक छोटे दिखते हैं. इन महान हस्तियों के स्मारकों का महत्व सौ दो सौ साल बाद भी लोगों को जरूर समझ में आएगा. बहन मायावती के लखनऊ में विकास करने के बाद लोग भूल भुलैया और इमामबाड़ा जाना भूल गए और अंबेडकर पार्क और बाबा साहब अम्बेडकर और कांशीराम के स्मारकों को देखने के लिए आते हैं. महान हस्तियों के स्मारकों और पार्कों के लिए मायावती ने 110 मुकदमे झेले हैं. सभी विपक्षी पार्टियों ने स्मारकों और पार्कों के लिए विरोध किया वो चाहते थे कि इन महापरूषों के स्मारक और पार्क नहीं बने.

UPPCL AO Result 2021: यूपी अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इन स्टेप्स से करें चेक

UPPCL AO Result 2021: यूपी अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है.

UPPCL AO Result 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कुल 30 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसके लिए फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस वैकेंसी के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट का आयोजन मार्च 2021 में किया था.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 20:04 IST
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नई दिल्ली. UPPCL AO Result 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अकाउंट ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने आधिकारिक वेबसाइट upenergy.in पर विजिट करके अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. बता दें कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कुल 30 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसके लिए फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है.

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस वैकेंसी के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट का आयोजन मार्च 2021 में किया था. परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2020 से शुरू हुई थी जबकि आवेदन की लास्ट डेट 29 जुलाई 2020 थी. कोरोना वायरस की बढ़ते प्रभाव के चलते यूपीसीएल परीक्षा 6 महीने की देऱी से मार्च 2021 में आयोजित की गई थी. परीक्षा के 4 महीने बाद 17 अगस्त 2020 को रिजल्ट जारी किए गए थे. वहीं अब अब इस वैकेंसी के लिए फाइनल रिजल्ट घोषित किए गए हैं.

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इन स्टेप्स से देखें रिजल्ट

  • रिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थी सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upenergy.in पर विजट करें.
  • इसके बाद वेबसाइट पर दिए गए VACANCY/RESULTS के टैब पर क्लिक करें.
  • अब यहां रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.
  • यहां पर अपना यूजर आईडी और पासवर्ड सबमिट करके लॉग इन करें.
  • स्क्रीन पर आपका रिजल्ट आ जाएगा.
  • सबसे लास्ट में रिजल्ट को डाउनलोड कर लें और प्रिंट कर लें.
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