राम मंदिर डील के आरोप में मौलाना नदवी के खिलाफ अमरनाथ मिश्रा ने दी तहरीर

अमरनाथ का कहना है कि मौलाना नदवी अयोध्या का इस्लामीकरण करना चाहते हैं. वह अयोध्या को नए मक्का मदीना बनाना चाहते हैं. इसीलिए जब उन्होंने हमसे प्रस्ताव मांगा था तो साथ में 5000 करोड़ रुपये, 2 एकड़ ज़मीन और राज्यसभा की सीट मांगी थी.

News18Hindi
Updated: February 15, 2018, 11:38 AM IST
राम मंदिर डील के आरोप में मौलाना नदवी के खिलाफ अमरनाथ मिश्रा ने दी तहरीर
अयोध्या सदभावना समन्वय समिति के महासचिव अमरनाथ मिश्रा (File Photo)
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Updated: February 15, 2018, 11:38 AM IST
अयोध्या विवाद में सुलह को लेकर डील के आरोप में अयोध्या सदभावना समन्वय समिति के महासचिव अमरनाथ मिश्रा ने मौलाना सलमान नदवी के खिलाफ लखनऊ के हसनगंज थाने में तहरीर दी है. अमर नाथ मिश्रा का आरोप है कि मौलाना सलमान नदवी ने अपने सुझाव के बदले पांच हज़ार करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी.  अमरनाथ के अनुसार मौलाना नदवी ने इस मुलाकात में हमसे कहा हिंदु पक्षकारों की तरफ से जो प्रस्ताव हों वह हमें लिखकर दे दें, इन प्रस्तावों पर बोर्ड की होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी.

अमरनाथ के मुताबिक उन्होंने यह प्रस्ताव मौलाना नदवी को लिखकर दे दिया था. मौलाना ने यह प्रस्ताव मीडिया में लीक कर दिया, जिससे बोर्ड मौलाना से नाराज़ हुआ. मौलाना को इस प्रस्ताव पर पहले बोर्ड में डिस्कस करना चाहिए था. यही नहीं मौलाना इस बैठक से पहले श्रीश्री रविशंकर से मिलने बंगलुरु भी गए थे. अमरनाथ के अनुसार मौलाना से उनकी 4 फरवरी की मुलाकात के दौरान इमाम कौंसिल के महासचिव हाजी मसरूर खान भी मौजूद थे.

अमरनाथ का कहना है कि मौलाना नदवी अयोध्या का इस्लामीकरण करना चाहते हैं. वह अयोध्या को नए मक्का मदीना बनाना चाहते हैं. इसीलिए जब उन्होंने हमसे प्रस्ताव मांगा था तो साथ में 5000 करोड़ रुपये, 2 एकड़ ज़मीन और राज्यसभा की सीट मांगी थी. अमरनाथ ने इस मसले में मुख्यत: पांच आरोप लगाए हैं. इसमें सबसे पहला आरोप है कि मौलाना नदवी ने राम जन्मभूमि पर अपना पक्ष बदलने की एवज में पांच हज़ार करोड़ रुपये मांगे. दूसरे उन्होंने 200 एकड़ ज़मीन मांगी.

तीसरे मौलाना ने उनसे राज्य सभा की सीट देने की भी मांग की.चौथे,मौलाना नदवी ने अपना यह प्रस्ताव सबसे पहले श्रीश्री रविशंकर के सामने रखा था. पांचवे, इस प्रस्ताव की एवज में श्रीश्री रविशंकर के दफ्तर से यह जवाब आया कि अयोध्या मसला केवल सदृभाव या सौहार्द से ही सुलझ सकता है. इसे किसी सौदे या डील से नहीं सुलझाया जा सकता.

उधर मौलाना नदवी ने अमरनाथ के सारे आरोपों को खारिज़ करते कहा कि वह अमरनाथ या हाजी मसरूर खान को नहीं जानते हैं. मौलाना नदवी के अनुसार अमरनाथ झूठ बोल रहे हैं. नदवी ने इस परे मामले को साजिश करार दिया. नदवी ने इन आरोपों को लगाने वाले अमरनाथ पर कानूनी कार्रवाई करने से भी मना कर दिया. मौलाना नदवी अपनी इस बात को कहकर कार्यक्रम से उठकर चले गए.

दूसरी तरफ जब इस सिलसिले में इमाम कौंसिल के महासचिव हाजी मसरूर खान से बात की गई तो उन्होंने अमरनाथ के आरोपो की तस्दीक करते हुए कहा कि उनके सामने मौलाना नदवी ने अमरनाथ से 5 हज़ार करोड़ रुपये मांगे थे.

अमरनाथ अयोध्या सदभावना समन्वय समिति के महासचिव हैं. इस समिति को श्रीश्री रविशंकर की पहल पर बनाया गया था. इस समिति का मुख्य काम इस विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझाने की कवायद करना है. हालांकि अमरनाथ पहले श्रीश्री रविशंकर के करीबी माने जाते थे लेकिन अब वह श्रीश्री रविशंकर के विश्‍वासपात्रों में शुमार नहीं होते हैं. अमरनाथ अस्सी और नब्बे के दशक की शुरूआत में कांग्रेस के समर्थक रहे हैं.

अमरनाथ का इस विवाद के दो अहम पक्षकार राम जन्म भूमि न्यास और र्निमोही अखाड़े से तकनीकी तौर पर कोई संबंध नहीं रहा है. लेकिन उन्हें इस मसले में एक अहम किरदार माना जाता है. अमरनाथ के घर पर श्रीश्री रविशंकर ने कई अहम बैठकें की थीं. ज्ञात हो कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने नदवी को सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है हालांकि, नदवी ने दावा किया है कि बोर्ड से अलग होने का फैसला उन्होंने खुद किया है.
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