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'इंसेफेलाइटिस से मौतों पर UP की जनता को गुमराह कर रहे हैं सीएम योगी'
Gorakhpur News in Hindi

Ajayendra Rajan | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 24, 2018, 2:05 PM IST
'इंसेफेलाइटिस से मौतों पर UP की जनता को गुमराह कर रहे हैं सीएम योगी'
सीएम योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू.

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि सरकार की ये बाजीगरी कांग्रेस पार्टी नहीं चलने देगी. हम पूरे प्रदेश में जेई और एईएस से हुई मौतों और सरकार के खेल को उजागर करेंगे. इसे लेकर सदन से सड़क तक आंदोलन करेंगे.

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कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि सीएम योगी जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एईएस से हुई मौतों के आंकड़ों से गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. अजय कुमार के अनुसार नेशनल वेक्टर वार्ड डिजीज कंट्रोल रूम के अनुसार, गोरखपुर में ही इस साल अब तक 268 की मौत हो चुकी है, वहीं सीएम योगी कह रहे हैं कि सिर्फ 6 मौत हुई हैं.

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बता दें पिछले दिनों यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान अपने दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार द्वारा किए काम गिनाए. इस दौरान सीएम ने कहा कि 40 वर्ष से इंसेफेलाइटिस का गोरखपुर और पूर्वांचल में कहर था. हर साल करीब 500 मरीज आते थे और 100-150 मरते थे. इस बार केवल 86 मरीज आए और 6 की मौत हुई.

इस पर कांग्रेस के विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू सवाल खड़े कर रहे हैं. न्यूज 18 से बातचीत में अजय कुमार बताते हैं कि उन्होंने विधानसभा में भी साफ कहा कि मुख्यमंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस से सिर्फ 6 की मौत होने की बात कही लेकिन उनके पास जो आंकड़े हैं. उसके अनुसार गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ही 948 मरीजों में से 268 बच्चों की मौत एक साल के अंदर हो गई है.

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उन्होंने कहा कि पूर्वांचल 38 जिलों से जुड़ा है. इस साल नेशनल वेक्टर वार्ड डिजीज कंट्रोल रूम में आंकड़े दर्ज हैं. उसमें 2874 मरीजों की संख्या दर्ज है. केवल गोरखपुर में 948 लोगों की भर्ती हुई और 268 की मौत हुई है. पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2016 की बात करें तो 26.16 प्रतिशत, 2017 में 22.69 प्रतिशत और 2018 में 28 प्रतिशत.

अजय कुमार लल्लू कहते हैं कि सरकार जवाबदेही से बचने के लिए आंकड़ों में हेराफेरी कर रही है. यही नहीं वह बीमारी के नामों में भी खेल कर रही है. एई और जेईएस का नाम बदलकर इन्होंने एक्यूट फेराइबल कर दिया है. उन्होंने कहा कि बहराइच में भी बुखार से रहस्यमय मौतें हुईं. अंदेशा है कि वह भी एई और जेईएस के कारण हुई.तस्वीरों में देखिए बुलंदशहर में कैसे हो रही है 'शराबी आलू' की खेती

उन्होंने कहा कि स्थिति ये है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रोज जारी होने वाला बुलेटिन रोक दिया गया है. वहां मीडिया तक को घुसने की इजाजत नहीं है. अगर से सही हैं, पाक साफ हैं तो इस तरह की तानाशाही क्यों की जा रही है.

अजय कुमार लल्लू कहते हैं कि सरकार की ये बाजीगरी कांग्रेस पार्टी नहीं चलने देगी. हम पूरे प्रदेश में जेई और एईएस से हुई मौतों और सरकार के खेल को उजागर करेंगे. इसको लेकर सदन से सड़क तक आंदोलन करेंगे.

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वैसे मसले पर सदन में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कांग्रेस के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 17 दिसंबर 2018 तक एईएस के 2972 मरीज आए, जबकि 17 दिसंबर 2017 तक इसी अवधि में 4650 मरीज आए थे. पिछले साल दिसंबर तक 674 रोगियों के विपरीत इस साल 17 दिसंबर तक 317 मरीज ही आए. एईएस से मृत्यु दर 12.45 प्रतिशत से गिरकर 5.69 प्रतिशत और जेई से मृत्यु दर 11.72 प्रतिशत से गिरकर 4.42 प्रतिशत भी रह गई है.

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First published: December 24, 2018, 12:53 PM IST
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