जितिन प्रसाद ने ब्राम्हणों को मिले असलहों की गिनती पर UP सरकार को घेरा, बोले- खतरे में है पूरा समुदाय
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जितिन प्रसाद ने ब्राम्हणों को मिले असलहों की गिनती पर UP सरकार को घेरा, बोले- खतरे में है पूरा समुदाय
यूपी में ब्राह्मण राजनीति जोर पर है.

कांग्रेस के दिग्‍गज नेता जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) ने ब्राम्हणों को मिले असलहों की गिनती को लेकर सूबे की योगी आदित्‍यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) पर जमकर निशाना साधा है.

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  • Last Updated: August 31, 2020, 5:22 PM IST
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लखनऊ. कानपुर शूटआउट के बाद उत्‍तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति (Brahmin Politics) को लेकर जमकर हलचल देखने को मिल रही है. यही नहीं, कांग्रेस, बसपा और समाजवादी पार्टी ने ब्राम्हणों के बहाने सूबे की योगी आदित्‍यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) पर जमकर निशाना साधा है. जबकि कांग्रेस के दिग्‍गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद (Jitin Prasad)  ने एक बार फिर यूपी सरकार को निशाने पर लिया है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है. उन्‍होंने ब्राम्हणों को मिले असलहों की गिनती के मुद्दे पर सरकार को घेरा है. आपको बता दें कि कांग्रेस के लिहाज से जितिन प्रसाद यूपी में बड़े ब्राम्हण चेहरे हैं.

जितिन प्रसाद ने कही ये बात
कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने ट्वीट किया, ' क्या भाजपा विधायक द्वारा अपनी ही सरकार से प्रश्न करना यह दर्शाता है कि ब्राह्मण समुदाय खतरे में है. या फिर सरकार चुनिंदा रूप से एक समुदाय को टार्गेट करने के लिए एक शीर्ष गणना करने की कोशिश कर रही है. क्या इरादे हैं?'

बीजेपी MLA देवमणि द्विवेदी ने उठाया था सवाल
बता दें कि सुल्तानपुर के लम्भुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने 16 अगस्त को यूपी विधानसभा के प्रधान सचिव को सवाल उठाते हुए एक नोट भेजा था. इस नोट में गृह विभाग से यह जानकारी मांगी गई थी कि पिछले तीन सालों में कितने ब्राह्मणों की हत्या हुई. कितने हत्यारे गिरफ्तार हुए? कितने आरोपियों को सजा हुई? ब्राह्मणों को सुरक्षा देने के लिए सरकार की क्या योजना है? क्या सरकार ब्राह्मणों को शास्त्र लाइसेंस प्रदान करेगी? कितने ब्राह्मणों ने शास्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया है? और उनमें से कितनों को लाइसेंस जारी किया गया है?



यूपी में कांग्रेस के ही निशाने पर हैं प्रसाद
आपको बता दें कि हाल ही में देश के 23 शीर्ष कांग्रेस नेताओ ने सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पत्र लिखकर संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बड़ा बदलाव किये जाने की मांग की है, उसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व मौजूदा राज्यसभा सदस्य राजबब्बर भी शामिल थे. इन दोनों नेताओं की मांग से यूपी कांग्रेस में भी दो फाड़ देखने को मिल रहा है. यही नहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री को लेकर पिछले कुछ दिनों से जमकर हंगामा मचा हुआ है. यूपी कांग्रेस के अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्‍लू के निशाने पर प्रसाद आ चुके हैं, तो कई नेता उन्‍हें पार्टी से बाहर करने का बयान भी दे चुके हैं.

हालांकि प्रसाद ने कहा कि यह पत्र कभी भी नेतृत्व परिवर्तन की मंशा से नहीं लिखा गया. पत्र पर हस्ताक्षर करने के कारण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पत्र यह सुझाव देने के मकसद से लिखा गया कि कैसे पार्टी को फिर से खड़ा किया जाए और मजबूती दी जाए तथा संगठन को प्रेरित करने के लिए आत्ममंथन किया जाए.
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