UP: ताबड़तोड़ एनकाउंटर भी नहीं रोक पा रहे अपराध, विपक्ष ने उठाए सरकार पर सवाल

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार के गठन के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात का ऐलान किया था कि प्रदेश में अपराधियों के लिए दो ही जगह है- या तो वे जेल में होंगे या फिर इस दुनिया में नहीं होंगे.

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 17, 2019, 10:52 PM IST
UP: ताबड़तोड़ एनकाउंटर भी नहीं रोक पा रहे अपराध, विपक्ष ने उठाए सरकार पर सवाल
सूबे के विपक्षी दल सरकार और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. खासकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव यह कहते नजर आ रहे हैं कि सूबे में अपराधी बेलगाम हैं और सरकार निष्क्रिय.
Amit Tiwari
Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 17, 2019, 10:52 PM IST
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार के गठन के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात का ऐलान किया था कि प्रदेश में अपराधियों के लिए दो ही जगह है-या तो वे जेल में होंगे या फिर इस दुनिया में नहीं होंगे. लेकिन लगता है कि बेखौफ बदमाश और लाचार पुलिस उनके इस कथन पर पलीता लगाने में जुटी है. यूपी पुलिस के दावे और 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत हो रही मुठभेड़ भी आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाने नाकाम साबित हो रही हैं. यही वजह है कि सूबे के विपक्षी दल सरकार और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव यह कहते नजर आ रहे हैं कि सूबे में अपराधी बेलगाम हैं और सरकार निष्क्रिय. वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी बीजेपी सरकार पर हमला बोला है.

फिल्मी स्टाइल में भागा तीन लाख का इनामी
अगर पिछले एक सप्ताह की बात करें तो विपक्ष के इन आरोपों को बल मिलता दिख रहा है कि यूपी की मित्र पुलिस अपराध रोकने में नाकाम है. इस महीने की ही बात करें तो इसकी शुरुआत सबसे बड़ी आपराधिक वारदात से ही शुरू हुई. 3 जुलाई को मुजफ्फरनगर में मिर्जापुर से पेशी पर आए एक लाख के इनामी कुख्यात बदमाश रोहित साडू को पुलिस अभिरक्षा से फिल्मी स्टाइल में उनके सहयोगी छुड़ा ले गए. ये बात दीगर है कि सोमवार रात रोहित और उसके साथी राकेश को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया.

एनकाउंटर का मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. लगातार एनकाउंटर होते रहे और बेखौफ बदमाश अपने मंसूबों को अंजाम देते रहे. इस बीच उन्नाव, बाराबंकी, मऊ, इटावा से जेल में कैदियों की मौजमस्ती का वीडियो भी वायरल हुआ. जिसमें पुलिस की तरफ से यह दलील दी गई कि पुलिस को बदनाम करने के लिए ये साजिश रची गई. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या जेल में अलग साम्राज्य चलता है? या पैसे देकर कोई भी फाइव स्टार होटल की सुविधा ले सकता है.



वहीं कांग्रेस की पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर सरकार पर हमला किया है. प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा राज में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि दिन दहाड़े हत्याओं का दौर जारी है.


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एक तरफ एनकाउंटर, दूसरी तरफ वारदात
एक तरफ एनकाउंटर चल रहे थे, दूसरी तरफ हत्याएं, बलात्कार और लूट की घटनाएं हो रही थीं. पुलिस के आला अधिकारी कार्रवाई की दलील देते दिखे. गाजियाबाद में मुठभेड़, सीतापुर में मुठभेड़, शामली में मुठभेड़, मेरठ में मुठभेड़ सहित कई जगह से ऐसी खबरें आईं. लेकिन एनकाउंटर के बाद भी वारदातों की बात करें तो यह लिस्ट लंबी है और विपक्षी दलों का आरोप मजबूत नजर आता है.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक किशोरी के साथ गैंगरेप किया गया है. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. उससे पूछताछ की जा रही है. फिलहाल, पीड़िता को मेडिकल कराने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

अपराध की लंबी फेहरिस्त
अगर 17 जुलाई से अपराधों की बात करें तो ये फेहरिस्त काफी लम्बी है. पहली घटना बुधवार की ही ले लें तो सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र के मूर्तिया गांव में जमीनी विवाद में एक ही पक्ष के 9 लोगों की हत्या कर दी गई. यह आकस्मिक हुई घटना नहीं थी. इसके लिए तहसील में शिकायत भी की गई थी. आज की इस घटना से साफ है कि अगर कार्रवाई हुई होती तो इसे टाला जा सकता था.

इससे पहले राजधानी के पॉश इलाके गोमतीनगर में बुधवार को ही एक हॉस्पिटल मैनेजर की हत्या कर दी गई और पुलिस टाल-मटोल करती रही. विश्वजीत सिंह पुंडीर एक संपन्न परिवार से थे.

शाम तक संभल से खबर आई कि अपराधियों ने कैदियों को ले जा रही गाड़ी पर हमला किया, इस हमले में दो पुलिसकर्मियों को मारकर अपराधी तीन बदमाशों को छुड़ा ले गए.

इससे पहले 16 जुलाई को राजधानी लखनऊ में साउथ सिटी के एक वकील पर युवती ने कार से अपहरण के बाद होटल में बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया. 16 जुलाई को प्रतापगढ़ में सुबह बेखौफ बदमाशों ने जेठवारा इलाके में अधिवक्ता ओम मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई. कत्ल के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आ पाई.

इससे पहले 15 जुलाई को अयोध्या में सपा नेता अखिलेश यादव की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी. इस मामले में भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं. यह इस महीने हुई पहली या आखिरी वारदात नहीं थी. मिर्जापुर, मेरठ, बागपत, लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी समते कई अन्य जिलों में आपराधिक वारदातों ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठा दिए हैं.

एक्शन में गाजियाबाद पुलिस! 36 घंटे में 5 एनकाउंटर से अपराधियों में दहशत



बढ़ती आपराधिक वारदातों के बीच पुलिस भी एक्शन में नजर आई. 13 जुलाई को गाजियाबाद जिले की पुलिस पूरे एक्शन मोड में नजर आई. गाजियाबाद पुलिस ने 36 घंटे में पांच मुठभेड़ के बाद 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पहली मुठभेड़ थाना मुरादनगर की है. जहां मोनू नाम के बदमाश को गोली लगी. मोनू ने बीते दिनों मुरादनगर अपने साथियों के साथ ट्रक लूटकर ड्राइवर की हत्या कर दी थी. दूसरी मुठभेड़ लोनी के बंथला नहर के पास हुई. जहां 27 जून कोल्ड्र ड्रिंक व्यापारी को बंधक बनकर लूट की गई थी. बदमाशों के मुकेश और नीटू है. पुलिस की तीसरी मुठभेड़ में मुकेश और नीटू को गोली लगी. इनमें से कई बदमाश लूट के आरोपी थे और 25-25 हजार रुपये के इनामी भी.

इससे पहले 12 जुलाई को खबर आई यूपी के बुलंदशहर से. अपने दादा-दादी के पास रहने आई दिल्ली की नाबालिग छात्रा से दो युवकों ने चाकू की नोक पर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

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First published: July 17, 2019, 10:01 PM IST
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