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UP में अब तक करीब 100 प्रवासी मजदूरों में Corona संक्रमण की पुष्टि, हजारों हाई रिस्क पर

यूपी की सीमा से गुजरने वाले प्रवासी मजदूरों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है. (फाइल फोटो)
यूपी की सीमा से गुजरने वाले प्रवासी मजदूरों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है. (फाइल फोटो)

लखनऊ के CMO डॉ नरेंद्र अग्रवाल कहते हैं, "अब तक सिर्फ राजधानी लखनऊ में 12 से ज़्यादा कोरोना पॉजिटिव केस प्रवासी मज़दूर के रूप में मिले हैं. अभी यह संख्या और ज्यादा हो सकती है क्योंकि मज़दूरों की चेन हिस्ट्री को ढूढना थोड़ा मुश्किल हो रहा है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) की मानें तो अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से उत्तर प्रदेश (Utar Pradesh) में 10 लाख से ऊपर प्रवासी मजदूर (Migrant Laborers) वापस अपने घरों को आ चुके हैं. इन्हें सकुशल घर पहुंचाने की तमाम कवायदों के बीच सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितों (Corona Infected) की संख्या प्रवासी मजदूरों के आने से तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है. अब तक उत्तर प्रदेश में 100 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. स्थानीय जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने माना है कि प्रवासी मजदूरों की वजह से लगातार परेशानियां बढ़ रही हैं.

लखनऊ के CMO डॉ नरेंद्र अग्रवाल कहते हैं, "अब तक सिर्फ राजधानी लखनऊ में 12 से ज़्यादा कोरोना पॉजिटिव केस प्रवासी मज़दूर के रूप में मिले हैं. अभी यह संख्या और ज्यादा हो सकती है क्योंकि मज़दूरों की चेन हिस्ट्री को ढूढना थोड़ा मुश्किल हो रहा है." उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें साफ दिखाई देती हैं.

प्रतापगढ़ में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित मजदूर मिले



स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा तैयार करने वाली एजेंसी का मानना है कि अब तक जिन जिलों में आये प्रवासी मज़दूरों में कोरोना संक्रमण मिला है. उनमें बस्ती जिले में 12 कोरोना पॉजिटिव मज़दूर, रायबरेली में 2, प्रयागराज में 3, फर्रुखाबाद में 4, चित्रकूट में 2, बलिया में 3, कानपुर देहात में 4, उन्नाव में 4, कुशीनगर में 3, बांदा में 10 , अमेठी में 4, सीतापुर में 5, गोंडा में 3 और सबसे ज़्यादा प्रतापगढ़ में 15 प्रवासी मज़दूरों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. स्वास्थ्य विभाग के पुष्ट सूत्र इस बात की तरफ भी आशंका व्यक्त करते हैं कि यह आंकड़ा दिन ब दिन बढ़ रहा है.
क्या कहते हैं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद प्रवासी मजदूरों की आमद से चिंतित दिखाई देते हैं. हालांकि एक मझे हुए प्रशासनिक अधिकारी की तरह वो कहते हैं, "बाहर से आने वाले सभी प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन किया जा रहा है, जहां पर उनकी थर्मल स्कैनिंग भी हो रही है. इसके बाद रैपिड और पूल टेस्ट के तहत ही इनकी जांच की जाएगी. किसी भी पूल टेस्ट में अगर कोई पॉजिटिव निकलता है तो उस ग्रुप में शामिल सभी की जांच अलग-अलग होगी. "

अमित मोहन प्रसाद आगे कहते हैं कि अभी प्रवासी मजदूरों के आंकड़े के बारे में कुछ भी बोलना जल्दबाजी होगा. हालांकि इस दौरान निगरानी समितियों और मोहल्ला समितियों की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है.

पिछले 2 दिनों में ज्यादा खतरनाक हुए हालात

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर विकासिन्दू अग्रवाल की तरफ से जारी होने वाले राज्य स्तरीय डेटा को जब हम देखते हैं तो पता चलता है कि पिछले 2 दिनों में उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है. पिछले 1 हफ्ते से राज्य में लगातार प्रवासी मजदूर भी आ रहे हैं अगर हम शनिवार के आंकड़े की बात करें तो उस दिन 203 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई थी. जिसमे रामपुर में 19, मेरठ 27, लखनऊ 10, सहारनपुर 10 और संभल में 11 कोरोना संक्रमित थे जिसमे प्रवासी मज़दूरों भी शामिल हैं.

रविवार को 208 कोरोना के केस मिले, जिसमें प्रतापगढ़ 17, लखीमपुर 10, पीलीभीत 8, हापुड़ 11, सिद्धार्थनगर 8, गाजीपुर 8, सीतापुर 8, अंबेडकरनगर 7 कोरोना संक्रमित शामिल हैं. इस जिलों के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो यहां पर कोरोना मरीजों की संख्या बेहद सीमित थी लेकिन प्रवासी मजदूरों के आने के बाद यहां पर भी संख्या तेजी से बढ़ी है.

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