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Coronavirus: लॉकडाउन का फैसला पर्यावरण संतुलन के लिये भी वरदान साबित हो रहा है...
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: March 24, 2020, 9:40 PM IST
Coronavirus: लॉकडाउन का फैसला पर्यावरण संतुलन के लिये भी वरदान साबित हो रहा है...
covid-19 से जंग- लॉकडाउन के चलते सड़कों पर पसरा सन्नाटा

पीएम मोदी (PM Modi) ने आज यानि मंगलवार की रात 12 बजे से तीन हफ्ते के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) का निर्देश जारी कर दिया है. पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. ध्रुवसेन सिंह का कहना है कि पर्यावरण संतुलन के लिये भी ये लॉकडाउन खासा उपयोगी है

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लखनऊ. देश-दुनिया में लगातार बढ़ रहे कोराना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के चलते मचे हड़कंप के बीच हिन्दुस्तान में अब तक कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित मरीजों की संख्या 500 के आंकड़े तक पहुंचने के साथ जहां पूरे देश में अब तक 10 लोगों की मौत (Death) हो चुकी है. और तीन हफ़्तों के लिए पूरे देश को लॉकडाउन किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में भी कोराना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 34 तक पहुंच गया है. जिसके चलते कोरोना वायरस को रोकने के लिये देश-प्रदेश की सरकारों द्वारा अपने स्तर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है.

तीन हफ्ते के लिए पूरा देश लॉकडाउन
जिसके तहत पीएम मोदी (PM Modi) के आह्वान पर बीते 22 मार्च को पूरे देश में न सिर्फ जनता कर्फ्यू (Public curfew) लगाया गया. फिलहाल पीएम मोदी ने आज यानि मंगलवार की रात 12 बजे से तीन हफ्ते के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) का निर्देश जारी कर दिया है. ऐसे में ये लॉकडाउन न सिर्फ कोरोना वायरस को रोकने में सबसे सार्थक उपाय साबित होगा बल्कि बीते कई दशकों से मानव जनित कारणों के चलते देश-प्रदेश में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से जलवायु परिवर्तन पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को रोकने में भी खासा अहम साबित हो रहा है.

News 18 से बात करते हुए पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. ध्रुवसेन सिंह कहते हैं कि कोरोना वायरस को रोकने के लिये पूरे विश्व के अधिकांश शहरों को लॉकडाउन कर दिया गया है. इन शहरों में इमरजेंसी सेवाओं के अतिरिक्त सभी प्रकार के वाहनों, औद्योगिक इकाइयों और अंधाधुंध निर्माणों के साथ सरकारी और निजी संस्थानों को भी बंद कर दिया गया है. जिसके चलते जल, थल और वायु प्रदूषण में बड़े स्तर पर गिरावट आई है. और साथ ही पर्यावरण संतुलन के लिये भी ये लॉकडाउन खासा उपयोगी साबित हो रहा है.



लॉकडाउन को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. ध्रुवसेन सिंह बताते हैं कि अगर इस तरह का लॉकडाउन एक नियमित अंतराल पर लागू कर दिया जाय तो ये कोरोना (COVID-19) जैसे खतरनाक जानलेवा वायरस और ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले नुकसान को रोकने समेत पर्यावरण संरक्षण (Environment protection) के लिये बेहद कारगर उपाय साबित होगा. क्योंकि कोराना जैसे जानलेवा वायरस और पर्यावरण संरक्षण जैसी बड़ी चुनौती से निपटने के लिये सरकार द्वारा अपनाये जाने वाले उपायों में से ये अब तक का सबसे कारगर और प्रभावी उपाय है.

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First published: March 24, 2020, 9:40 PM IST
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