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Coronavirus Vaccine: यूपी के दो शहरों में होगा क्लिनिकल ट्रायल, योगी सरकार से मिली मंजूरी

Coronavirus Vaccine: यूपी के दो शहरों में होगा क्लिनिकल ट्रायल, योगी सरकार से मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

Coronavirus Vaccine Trial: क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trial) के लिए लखनऊ के पीजीआई (PGI) और गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज को अधिकृत किया गया है.

  • News18Hindi
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. यूपी के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) के क्लीनिकल ट्रायल को हरी झंडी दे है. अब उत्तर प्रदेश के 2 शहरों में कोरोना वायरस वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trial) किया जाएगा. क्लिनिकल ट्रायल के लिए लखनऊ के पीजीआई और गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज को अधिकृत किया गया है. भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई कोविड वैक्सीन का तीसरा फेस में इन दोनों शहरों में ह्यूमन ट्रायल (Human Trial) किया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को इसकी अनुमति दे दी है.

न्यूज 18 से चर्चा करते हुए BRD मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गणेश कुमार ने कोरोना वायरस के क्लीनिकल ट्रायल के आदेश की पुष्टि की है उन्होंने कहा कि बुधवार को ही क्लीनिकल ट्रायल को लेकर एक पत्र उनको मिला है. क्लिनिकल ट्रायल से पहले एथिकल कमेटी बनाई जाती है. कमेटी में डॉक्टर, समाजसेवी और वकील भी शामिल होते हैं. एथिकल कमेटी के रिकमेंडेशन पर ही ह्यूमन ट्रायल किया जाता है. क्लिनिकल ट्रायल उसी व्यक्ति पर किया जाता है जिसको पहले विषय वस्तु के बारे में जानकारी दे दी जाती है. उस व्यक्ति की सहमति पहले ली जाती है. उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति पर क्लीनिकल ट्रायल किया जाता है उसको वैक्सीन के बारे में पूरी जानकारी होती है. क्लिनिकल ट्रायल के विभिन्न चरण होते हैं जिसको डॉक्टरों की एक्सपर्ट टीम बहुत सूक्ष्म स्तर तक विश्लेषण करती है. शरीर में होने वाले बदलाव और उस वैक्सीन के असर को भी बहुत सूक्ष्म स्तर तक देखा जाता है.

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48 कोरोना मरीजों की मौत

इधर, राजधानी लखनऊ के चार प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों  की जांच और इलाज में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. शहर के चार निजी अस्पतालों में कुल 48 कोरोना संक्रमित मरीज रेफर या डायरेक्ट एडमिट किए गए थे. लेकिन इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई. अब इस मामले में डीएम अभिषेक प्रकाश ने चारों निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा. नोटिस में जिलाधिकारी ने कहा है कि इसमें लापरवाही बरतने वाली निजी अस्पतालों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. मालूम हो कि चरक अस्पताल में 10 संक्रमित भेजे गए थे. सभी ने कुछ दिनों में ही दम तोड़ दिया. इसके अलावा चंदन हॉस्पिटल में रेफर किये गए 11 कोरोना संक्रमित मरीजों की भी मौत कुछ दिनों में हो गई. अपोलो हॉस्पिटल में 17 संक्रमित भेजे गए थे. यहां भी सभी की कुछ दिनों में मौत हो गई. मेयो हॉस्पिटल में 10 मरीज भेजे गए और सभी की जान चली गई.

आपके शहर से (लखनऊ)

Tags: CM Yogi Adityanath, Corona Cases, Corona vaccine news, COVID 19, Government of Uttar Pradesh

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