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योगी सरकार का बड़ा फैसला, विधायक निधि से खरीद सकेंगे COVID-19 से लड़ने के लिए जरूरी सामान
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: March 26, 2020, 10:42 PM IST
योगी सरकार का बड़ा फैसला, विधायक निधि से खरीद सकेंगे COVID-19 से लड़ने के लिए जरूरी सामान
सीएम योगी आदित्यनाथ

इस शासनादेश के बाद जितने भी विधायकों (MLA) ने अपनी निधि से इस बीमारी (COVID-19) से लड़ने के लिए उपकरणों की खरीद के लिए पैसा देने का पत्र लिखा है उन सभी की निधि से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के खाते में पैसा ट्रांसफर हो सकेगा.

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लखनऊ. महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने एक बड़ा फैसला करते हुए विधायक निधि (Legislative fund) से स्वास्थ्य उपकरण (Health Equipment) इत्यादि खरीदने से संबंधित शासनादेश जारी किया. दरअसल प्रदेश के तमाम विधायकों ने अपनी विधायक निधि से स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को पैसा देने का ऐलान किया.

इस बाबत उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और जिला अधिकारी को पत्र भी लिख दिया लेकिन विधायक निधि को खर्च करने के नियमों में इस बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी साजो-सामान खरीदने की कोई व्यवस्था पहले से मौजूद नहीं थी. यही वजह रही कि विधायकों द्वारा पत्र लिखने के बावजूद किसी भी जिले में सीएमओ के खाते में विधायक निधि का पैसा अभी तक ट्रांसफर नहीं हो पाया था. लेकिन अब ऐसा करना संभव होगा. योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए विधायक निधि को दिए जाने वाले नियमों में संशोधन कर दिया है. बता दें कि इस संशोधन के सन्दर्भ में ग्राम्य विकास विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है. अब कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के खाते में विधायक निधि से पैसा ट्रांसफर किया जा सकेगा.

क्या-क्या खरीदे जाएंगे विधायक निधि से
नया शासनादेश जारी करते हुए उसमें तमाम बिंदुओं का जिक्र किया गया है. मसलन विधायक निधि को खर्च किए जाने के नियमों में यह संशोधन सिर्फ वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए ही लागू होगा. इसके अलावा इसमें यह भी बताया गया है कि कौन-कौन से साजो-सामान खरीदने में इस निधि का उपयोग किया जा सकता है. शासनादेश के मुताबिक थर्मल कैमरा, पर्सनल प्रोटेक्शन उपकरण, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों के लिए थर्मल इमेजिंग स्कैनर और कैमरा, इसके साथ ही कोरोना परीक्षण किट, वेंटीलेटर, मास्क भी विधायक निधि से जाने वाले पैसे से खरीदा जा सकेगा. शासनादेश के मुताबिक जिले का मुख्य चिकित्सा अधिकारी या वहां के मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को इसका अधिकार होगा. ग्राम्य विकास विभाग (Rural development department) के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने संशोधन का शासनादेश जारी कर दिया है. अब जितने भी विधायकों ने अपनी निधि से इस बीमारी से लड़ने के लिए उपकरणों की खरीद के लिए पैसा देने का पत्र लिखा है उन सभी की निधि से मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खाते में पैसा ट्रांसफर हो सकेगा.



बता दें कि बड़ी संख्या में सांसदों ने भी अपनी सांसद निधि से कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पैसे देने का ऐलान किया है लेकिन सांसद निधि से पैसा अभी सीएमओ के खाते में जा सकेगा या नहीं इस पर धुंध छाई है. नियोजन विभाग के एक कर्मचारी ने News 18 को बताया कि सांसद निधि के खर्च करने के नियमों में बदलाव का अधिकार केंद्र सरकार को है. बता दें कि विधायक निधि के तहत हर विधायक को हर साल 2 करोड़ रुपये अपने क्षेत्र के विकास के लिए दिए जाते हैं. विधायक निधि खर्च करने की गाइडलाइंस में जिन मदों में पैसा खर्च करने का प्रावधान है उसी के तहत विधायक के रिकमंडेशन पर जिला प्रशासन पैसे रिलीज करता है.

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First published: March 26, 2020, 10:42 PM IST
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