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COVID-19: जानिए सांसद और विधायक निधि से कितने दिनों में स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगे पैसे? क्या है पूरी प्रक्रिया?
Lucknow News in Hindi

Manish Kumar | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 24, 2020, 5:28 PM IST
COVID-19: जानिए सांसद और विधायक निधि से कितने दिनों में स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगे पैसे? क्या है पूरी प्रक्रिया?
सांसद साक्षी महाराज ने कोरोना वायरस को लेकर 25 लाख रुपए की सहायता का ऐलान किया है.

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्री सहित तमाम विधायक और सांसदों ने जिला प्रशासन को चिट्ठी लिखी है कि उनकी निधि का लाखों रुपया स्वास्थ्य विभाग को दिया जाए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं उतनी मुकम्मल नहीं है, जिस अनुपात में हमारी जनसंख्या है. यही वजह है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण से लड़ने के लिए जिले स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को आनन-फानन में बढ़ाने की जरूरत आन पड़ी है. इन सुविधाओं के लिए हर जिले में एक बड़ी धनराशि चाहिए. इसी के मद्देनजर जिले से संबंधित विधायक (MLA) और सांसद (MP) अपनी निधि से एक बड़ा अमाउंट स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर करने के लिए पुरजोर तरीके से लग गए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्री सहित तमाम विधायक और सांसदों ने जिला प्रशासन को चिट्ठी लिखी है कि उनकी निधि का लाखों रुपया स्वास्थ्य विभाग को दिया जाए.

आखिर क्या है इसकी प्रक्रिया?
विकास कार्यों के लिए सांसदों की अलग सांसद निधि और विधायकों की विधायक निधि होती है, जो इन्हें अपने 5 साल के कार्यकाल में खर्च करनी होती है. विधायक अपनी निधि से किस विकास कार्य के लिए, कितना पैसा देगा? इसका पत्र वह मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को जबकि सांसद अपनी सांसद निधि से दी जाने वाली धनराशि की चिट्ठी संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) को भेजता है. दोनों ही दशा में चिट्ठी को सीडीओ कार्यालय को ही फॉरवर्ड की जाती है क्योंकि सीडीओ कार्यालय में ही प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर एक अफसर तैनात होता है. ये अफसर ही विधायक और सांसद निधि का पूरा खाता मेंटेन करता है.

पैसा दिए जाने की मौलिकता पर विचार करने के बाद फाइल को अनुमोदन के लिए फिर से जिलाधिकारी के पास भेजा जाता है. जिला अधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद संबंधित विभाग से उसके बैंक खाते की डिटेल मांगी जाती है और फिर पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते हैं.



उदाहरण के तौर पर यदि किसी विधायक ने अपनी विधायक निधि से स्वास्थ्य विभाग को 25 लाख रुपए देने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को चिट्ठी लिखी है तो मुख्य विकास अधिकारी इसका अनुमोदन जिलाधिकारी से लेगा और उसके बाद जिले के सीएमओ से स्वास्थ्य विभाग का खाता नंबर लेकर पैसे को विधायक निधि से सीएमओ के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

स्वास्थ्य विभाग को पैसा मिलने में कितना समय लगेगा?
जानकारों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया को 1 दिन में पूरा किया जा सकता है, यानी जिलाधिकारी तत्पर होकर काम करें तो आज जिन विधायकों व सांसदों ने चिट्ठी लिखी है, आज के आज ही स्वास्थ्य विभाग के खाते में पैसे ट्रांसफर हो सकते हैं.

पैसे की नहीं होगी कमी
अभी तक की मिली जानकारी के मुताबिक मंत्री सतीश द्विवेदी और कपिल देव अग्रवाल ने 25-25 लाख रुपए स्वास्थ्य विभाग को देने के लिए चिट्ठी लिखी है. सांसद साक्षी महाराज ने भी 25 लाख देने के लिए उन्नाव के जिलाधिकारी को चिट्ठी लिखी है. इसके अलावा शिवपाल यादव ने 5 लाख जबकि सगड़ी से विधायक वंदना सिंह ने 15 लाख रुपए स्वास्थ्य विभाग को देने के लिए जिला प्रशासन को चिट्ठी लिखी है. यह संख्या समय के साथ और बढ़ती जा रही है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए यूपी में कम से कम पैसों की तो कमी आड़े नहीं आएगी.

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First published: March 24, 2020, 5:23 PM IST
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