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अक्षय तृतीया पर अकेले लखनऊ में ही सौ करोड़ से ज्यादा का सर्राफा व्यापार प्रभावित, कारोबारी परेशान

अक्षय तृतीया पर अकेले लखनऊ में ही सौ करोड़ से ज्यादा का सर्राफा व्यापार प्रभावित, कारोबारी परेशान

अक्षय तृतीया पर अकेले लखनऊ में ही सौ करोड़ से ज्यादा का सर्राफा व्यापार प्रभावित (फाइल फोटो)

अक्षय तृतीया पर अकेले लखनऊ में ही सौ करोड़ से ज्यादा का सर्राफा व्यापार प्रभावित (फाइल फोटो)

शहर के बड़े सर्राफा कारोबारी जुगल किशोर ज्वैलर्स के मालिक राजन रस्तोगी ने बताया कि लगभग 400 लोग उनके लिए काम करते हैं. उनकी तनख्वाह देनी पड़ रही है लेकिन मार्केट (Market) बन्द होने से आमदनी ठप है.

लखनऊ. अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के पावन पर्व पर सोने चांदी खरीदने की वैसी ही मान्यता है जैसी मान्यता धनतेरस में होती है. बड़े पैमाने पर लोग अक्षय तृतीया के दिन गहने और सिक्के खरीदते हैं. सिर्फ लखनऊ की ही बात करें तो लगभग सौ करोड़ का कारोबार हर साल इस दिन होता है. लेकिन कोरोना वायरस (Coronavirus) ने इस साल न सिर्फ व्यापारियों बल्कि ग्राहकों के मनोरथ पर भी पानी फेर दिया है. रविवार 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया से काफी पहले ही लॉकडाउन हो गया था. मार्केट बन्द थी. ऐसे में व्यापारियों ने गहनों की बिक्री के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की थी लेकिन, ये काम न आ सकी. फन मॉल के नजदीक स्थित हर्षाहाईमल शैमलाल ज्वैलर्स के मालिक अंकुर आनन्द ने बताया कि ऑनलाइन 30 से 35 लोगों ने अभी तक खरीद की है. हालांकि पूरा पेमेण्ट नहीं मिल पाया है क्योंकि लोगों तक खरीदी गयी ज्वैलरी पहुंच नहीं पा रही है. ये खरीद भी उन ग्राहकों ने की है जो सालों से ऐसा करते आये हैं.

इसी तरह शहर के बड़े सर्राफा कारोबारी जुगल किशोर ज्वैलर्स के मालिक राजन रस्तोगी ने बताया कि शहर में उनकी तीन दूकानें हैं. सभी को मिलाकर कुल 250 तक ऑनलाइन डिमाण्ड आयी है. कुछ ग्राहकों ने गहने तो कुछ ने सिक्के बुक किये हैं. पुराने और जान पहचान वाले ग्राहकों ने ही ऑनलाइन खरीद की है. किसी नये व्यक्ति की ओर से कोई ऑनलाइन बुकिंग या खरीद नहीं की गयी है. खरीद के बाद पूरे अमाउण्ट का थोड़ा हिस्सा ही ऑनलाइन पेमेण्ट के जरिये मिला है. उन्होंने बताया कि लगभग 400 लोग उनके लिए काम करते हैं. उनकी तनख्वाह देनी पड़ रही है लेकिन, मार्केट बन्द होने से आमदनी ठप है.

सिर्फ लखनऊ में 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित
लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन के सचिव प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि अक्षय तृतीया के मौके पर गहने या सिक्के को घर ले जाने का रिवाज है इसीलिए ऑनलाइन व्यवस्था काम नहीं कर पायी. जिन लोगों ने ऑनलाइन खरीद भी की उन तक माल पहुंच नहीं सकता है. ऐसे में कुछ लोगों ने धार्मिक बाध्यता को देखते हुए खरीद कर ली है. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि लखनऊ में 1500 पंजीकृत दुकानें हैं. इसके अलावा छोटी मोटी दुकानों को जोड़ लिया जाये तो ये संख्या 4000 तक पहुंचती है. हर साल 100 करोड़ के आसपास कारोबार होता था. अक्षय तृतीया पर तीन दिन खरीददारी चललती है. एक दिन पहले से और एक दिन बाद तक. इस बार तो पिछले साल के मुकाबले और ज्यादा खरीरदारी की उम्मीद थी. यानी 100 करोड़ से कहीं ज्यादा क्योंकि सोने का रेट पिछले साल के मुकाबले काफी हाई है लेकिन, ऐसा हो न सका. उन्होंने ये भी कहा कि लोगों को खरीददारी न कर पाने की वजह से मन मसोसकर रहना पड़ा है.

अक्षय तृतीया पर गहने खरीदने की क्या है मान्यता
भोपाल के मशहूर ज्योतिषाचार्य आचार्य राजेश ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी काम किया जाता है उसमें कई गुणा बढ़ोतरी होने की मान्यता है. यही वजह है कि लोग इस दिन सोने-चांदी की खरीददारी करते हैं जिससे भविष्य में संपन्नत बनी रहे. साथ ही इस दिन दान करने का भी विधान है. इस दिन किया गया काम कभी नष्ट नहीं होता है इसीलिए इसे अशक्षय तृतीया कहते हैं. आचार्य राजेश ने बताया कि इसी दिन से औपचारिक तौर पर विवाद करने की शुरुआत भगवान परशुराम ने की थी. इससे पहले विवाह कर्म अस्तित्व में नहीं था. यही वजह है कि अक्षय तृतीया के दिन बड़े पैमाने पर सामूहिक विवाह कराये जाते हैं जिससे कन्यादान का पुण्य मिल सके. इस दिन सभी लोगों को अपने घरों के आगे 11 दीपक जलाने चाहिए. इससे बच्चों की सुरक्षा होती है.

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Tags: Business, Buy gold this Akshaya Tritiya, Jewellery companies, Lockdown, Lucknow news, UP news, Uttar pradesh news

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