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यूपी को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक भी अब मिनटों में कर सकेंगे कैश का लेन-देन

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 6, 2019, 12:34 PM IST
यूपी को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक भी अब मिनटों में कर सकेंगे कैश का लेन-देन
up co-operative बैंक के ग्राहक भी अब RTGS/NIFT की सुविधा के दायरे में bank(प्रतीकात्मक फोटो)

उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक वर्ष 2014 से ICICI बैंक की स्पॉन्सरशिप (Sponsorship) अर्थात इनडायरेक्ट मेम्बरशिप के माध्यम से ग्राहकों को RTGS/NEFT की सुविधा उपलब्ध करा रहा था लेकिन अब ये लेनदेन डायरेक्ट हो सकेगा. ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (Prime Minister Kisan Samman Nidhi) योजना के अन्तर्गत 2 लाख 19 हजार 626 किसानों के खाते में 51.39 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का को-ऑपरेटिव बैंक (Uttar Pradesh Co-operative Bank) के ग्राहकों को तोहफा. अब को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक भी RTGS और NIFT की सुविधाओं का लाभ सीधे उठाते हुए कैश का ट्रांजेक्शन कर सकेंगे. को-ऑपरेटिव बैंक को IFSC कोड मिल चुका है. इसकी शुरुआत करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवर्तन को स्वीकार करना ही प्रकृति है. उन्होंने कहा तकनीक से जुड़कर ही सहकारिता को गति दी जा सकती है.

 RTGS/ NIFT की सुविधा मिली
उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक की केंद्रीय भुगतान प्रणाली की सीधी सदस्यता प्राप्त करने के पश्चात यह सुविधा प्रारम्भ की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों (Uttar Pradesh Co-operative Bank and District Cooperative Bank) की कुल 1,287 शाखाओं में RTGS और NIFT की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वयं का प्लेटफ़ॉर्म विकसित करना एक जनोपयोगी प्रयास है. उन्होंने कहा कि इससे खाताधारकों को गुणवत्तापरक सुविधा प्राप्त हो सकेगी.

सहकारिता आंदोलन से पीएम मोदी का सपना होगा साकार

सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रोक्योरमेन्ट पालिसी को अपनाया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिया जा रहा है. यह लाभ उनके खाते में RTGS के माध्यम से डायरेक्ट भेज दिया जाता है. उन्होंने कहा कि किसानों को फसली ऋण माफी (Crop loan waiver) में को-ऑपरेटिव बैंक ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया. सीएम ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सपना देखा है उसे सहकारिता आंदोलन से पूरा किया जा सकता है.

सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सपा-बसपा सरकार को भी निशाने पर लिया और कहा कि सहकारिता आंदोलन दुर्भाग्य का शिकार हो चुका था, लेकिन पिछले ढाई साल में सहकारिता ने लोगों का विश्वास जीता है.
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि सीएम के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक बैंक ने अच्छा कार्य किया है. वर्तमान सरकार द्वारा को-ऑपरेटिव तंत्र को मजबूत करने का काम किया जा रहा है. IFSC कोड के अस्तित्व में आ जाने से उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक को स्वयं के कार्य का क्रेडिट मिलेगा और किसानों की उन्नति हो सकेगी.
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 ‘रूपे किसान क्रेडिट कार्ड’
गौरतलब है कि प्रदेश में शीर्ष बैंक के रूप में उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक (Uttar Pradesh Co-operative Bank) एवं इसकी 27 शाखाओं तथा केंद्रीय बैंक के रूप में 50 जिला सहकारी बैंकों की 1,260 शाखाओं, कुल 1287 शाखाओं के माध्यम से कृषि एवं सहवर्ती क्रियाकलापों के लिए अल्प व मध्यकालीन ऋण प्रदान किया जा रहा है. राज्य के 16.88 लाख कृषकों को ‘रूपे किसान क्रेडिट कार्ड’ (Rupay Kisan Credit Card) वितरित किए गए हैं. वर्ष 2018-19 में प्रदेश के किसानों को 5,163 करोड़ रुपए से अधिक का अल्पकालीन ऋण तथा 33.71 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया गया है.

‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (Prime Minister Kisan Samman Nidhi) योजना के अन्तर्गत 2 लाख 19 हजार 626 किसानों के खाते में 51.39 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए. उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक वर्ष 2014 से ICICI बैंक की स्पॉन्सरशिप (Sponsorship) अर्थात इनडायरेक्ट मेम्बरशिप के माध्यम से ग्राहकों को RTGS/NEFT की सुविधा उपलब्ध करा रहा था.

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First published: November 6, 2019, 12:34 PM IST
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