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मुलायम-अखिलेश के खिलाफ CBI जांच बंद करने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

मुलायम-अखिलेश के खिलाफ CBI जांच बंद करने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

आय से अधिक संपत्ति मामले में बढ़ सकती हैं मुलायम अखिलेश की मुश्किलें

आय से अधिक संपत्ति मामले में बढ़ सकती हैं मुलायम अखिलेश की मुश्किलें

वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि सीबीआई ने साक्ष्यों को दबाते हुए यादव परिवार के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं दर्ज करने में मदद की.

    समाजवादी पार्टी (सपा) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में सीबीआई (CBI) के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती दी गई है जिसमें जांच बंद करने की सिफारिश की गई थी. वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि सीबीआई ने साक्ष्यों (सबूतों) को दबाते हुए यादव परिवार (Yadav Family) के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं दर्ज करने में मदद की.

    याचिका में चतुर्वेदी ने कहा है कि सीबीआई ने इसी साल मई में शीर्ष कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया था कि उसे मुलायम और अखिलेश के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे. इसलिए उसने सात अगस्त 2013 को जांच बंद कर दी. याचिका में यह भी कहा गया है कि सीबीआई ने यह भी दावा किया कि उसने सीवीसी को अक्टूबर 2013 में इस मामले की रिपोर्ट भी सौंपी है.

    अखबार अमर उजाला के अनुसार चतुर्वेदी ने कोर्ट को बताया कि उसकी आरटीआई याचिका का जवाब देते हुए सीवीसी ने पांच जुलाई को स्पष्ट किया कि ऐसी कोई रिपोर्ट सीबीआई की ओर से नहीं मिली है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ने शीर्ष कोर्ट में गलत बयान पेश किया है और सीबीआई जांच को कानूनन गलत भी ठहराया.

    'गैरकानूनी ढंग से 100 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की' 

    याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि सीबीआई को सही जांच रिपोर्ट पेश करने और 2007 और 2013 के आदेश के बाद उठाए गए कदम के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए जाएं. याचिका में आरोप लगाया गया कि 1999 से 2005 के बीच मुलायम सिंह ने यूपी का मुख्यमंत्री रहते हुए गैरकानूनी ढंग से 100 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है. साथ ही सीबीआई ने इस जांच में जरूरत से अधिक समय लिया.

    2005 में याचिका दायर कर उठाया था मामला

    चतुर्वेदी ने 2005 में मुलायम, अखिलेश और डिंपल यादव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आय से अधिक मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में सीबीआई को भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत यादव परिवार के खिलाफ जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था. इस पर मुलायम सिंह यादव ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी जिसे दिसंबर 2012 में शीर्ष कोर्ट ने खारिज कर सीबीआई को जांच की जिम्मेदारी थी.

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    Tags: Akhilesh yadav, Lucknow news, Mulayam Singh Yadav, Supreme Court, Up news in hindi

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