यूपी के इस गांव की दलित महिलाओं ने कभी नहीं देखा और सुना क्या होता है टॉयलेट
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यूपी के इस गांव की दलित महिलाओं ने कभी नहीं देखा और सुना क्या होता है टॉयलेट
पल्हर‍िया गांव की फोटो.

बताया जाता है क‍ि यहां के अध‍िकतर ऐसे लोग हैं जो अभी तक शौचालय देखे भी नहीं हैं. इस गांव में लगभग 250 घर हैं. यहां की आबादी 1326 है. ज‍िसमें 900 के करीब दलित बिरादरी के लोग रहते हैं.

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  • Last Updated: February 19, 2018, 10:13 AM IST
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यूपी के सीतापुर ज‍िले में दल‍ितों का एक ऐसा गांव हैं, जहां के लोग शौचालय से महरूम हैं. आज भी यहां की मह‍िलाएं और पुरुष शौच के ल‍िए खेतों में जाते हैं. बताया जाता है क‍ि यहां के अध‍िकतर ऐसे लोग हैं जो अभी तक शौचालय देखे भी नहीं हैं. इस गांव में लगभग 250 घर हैं. यहां की आबादी 1326 है. ज‍िसमें 900 के करीब दलित बिरादरी के लोग रहते हैं. फिलहाल मामला जिले के अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद इस गांव में जल्द ही इस गांव को शौच मुक्त करने आश्वासन मिला है.

सर्वजनिक शौचालय पर पूर्व प्रधान का कब्जा

मामला प‍िसावा ब्लॉक के पल्हर‍िया गांव का है. जहां की कहानी सुनकर आप भी चौंक जाएंगे. क्योकि इस गांव के लोगों को शौचालय या टॉयलेट शब्द का क्या अर्थ होता है इनको नहीं मालूम. आजादी के बाद से इस गांव में सिर्फ एक सर्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ वो मायावती के कार्यकाल, लेकिन महज 6 महीने के प्रधान बने शिव चरण का उसपर कब्जा है. ऐसा हम नहीं कह रहे है. ये आरोप है गांव के वर्तमान प्रधान सालिग राम का.



नहीं मालूम क्या होता है शौचालय



बता दें कि इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद इस गांव में आज तक एक भी शौचालय नहीं बना है. यहां महिलाएं और पुरुष शौच के ल‍िए खेतों में जाते हैं. हमेशा महिलाओं के डर लगा रहता है कि कोई अनहोनी घटना न हो जाए. इसलिए ये महिलाएं  झुंड बनाकर शौच के ल‍िए जाती हैं. हमारी मुलाकात गांव की एक महिला से हुई उसने बताया कि शौचालय का नाम तो सुना है, लेकिन कभी देखा नहीं. क्योकि इस गांव में एक भी शौचालय नहीं है.

सीतापुर के मुख्य विकास अधिकारी देव कृष्ण त‍िवारी की फोटो.


गांव में सिर्फ एक सर्वजनिक शौचालय

पल्हर‍िया गांव के वर्तमान प्रधान सालिग राम ने न्यूज18 हिंदी से बातचीत में बताया कि मुझे महज 2 साल हुए है प्रधान बने. गांव में शौचालय के निर्माण को लेकर जिले के डीएम से लेकर सीडीओ तक से मुलाकात कर चुके है. लेकिन आजतक इस गांव में एक भी शौचालय नहीं हैं. वहीं गांव में एक सर्वजनिक शौचालय का निर्माण मायावती के शासन काल में हुआ था. लेकिन उसपर पूर्व प्रधान शिव चरण का कब्जा है. जो गांव के किसी भी महिला को इस्तेमाल करने नहीं देते.

जल्द बनेगा शौच मुक्त गांव: सीडीओ

इस अनोखे मामले पर जिले के मुख्य विकास अधिकारी देव कृष्ण त‍िवारी ने कहा, ओडीएफ के तहत ज‍िले के सभी गांवों में शौच मुक्त किया जा रहा है.  उन्होंने बताया कि आपके माध्यम से मेरे संज्ञान में मामला आया है. जांच के बाद जल्द ही इस गांव को पहली प्राथमिकता के आधार पर ओडीएफ योजना में शामिल कर लिया जाएगा. जल्द ही पल्हर‍िया गांव में टॉयलेट का निर्माण करवाया जाएगा. जिससे इस गांव को शौच मुक्त बनाया जा सके.

गौरतलब है कि यूपी में योगी सरकार प्रदेश के सभी जिलों को शौच मुक्त कराने के लिए स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण की लागत 12 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी है. नगर विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस राशि में केंद्र और राज्य सरकार 4-4 हजार रुपए देंगे, वहीं बाकी के 12 हजार रुपए संबंधित नगर निकाय को खर्च करने होंगे.

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