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Lockdown: रमजान में खजूर के दाम में उछाल, और बढ़ने की आशंका, ये है वजह

Lockdown: रमजान में खजूर के दाम में उछाल, और बढ़ने की आशंका, ये है वजह

रमजान के दौरान खजूर की कीमतों में इजाफा

रमजान के दौरान खजूर की कीमतों में इजाफा

दरअसल, रोजा खोलने के दौरान खजूर का सेवन करने के पीछे रिवाज के साथ है वैज्ञानिक कारण भी है. लेकिन, इस बार कोरोनावायरस के संक्रमण ने खजूर के बाजार को भी गर्म कर दिया है.

लखनऊ. रमजान (Ramazan) के मुबारक महीने की शुरुआत के साथ ही रोजे भी शुरु हो गए हैं. ऐसे में इफ्तारी के लिए खजूर (Dates) खरीदना रोज़ेदारों के लिए मुसीबत बन गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि खजूर के दाम में 10 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ये बढ़ोतरी हर श्रेणी के खजूर के दामों में हो गई है. थोक व्यापारियों का कहना है कि अगले हफ्ते खजूर की कीमतों में और भी उछाल देखने को मिल सकता है.

दरअसल, रोजा खोलने के दौरान खजूर का सेवन करने के पीछे रिवाज के साथ है वैज्ञानिक कारण भी है. लेकिन, इस बार कोरोनावायरस के संक्रमण ने खजूर के बाजार को भी गर्म कर दिया है. खजूर की सबसे हल्की वेरायटी चटाई वाली खजूर से लेकर अजुआ खजूर के दाम में बढ़ोतरी हो गई है. चटाई वाली खजूर इससे पहले 70-80 रूपये प्रति किलो के भाव से बिकती थी लेकिन, अब इसका रेट 120 रूपये तक जा पहुंचा है. ये सबसे सस्ती खजूर होती है जो बोरे में भरकर आती है. इसी तरह कीमिया वेरायटी की खजूर की कीमत पहले 120 रूपये थी जो अब 150 रूपये तक जा पहुंची है. क्राउन खजूर की कीमत में भी प्रति किलो 20 रूपये का इजाफा हो गया है. मदीना की अजुआ खजूर की तो वैसे पहले ही मुंहमांगी कीमत मिलती थी लेकिन, बाजार में इस बार इसकी उपलब्धता नहीं के बराबर है.

दुबई के गल्फ फूड एक्सपो में दिया गया ऑर्डर नहीं मिला

लखनऊ के थोक खजूर व्यापारी खालिज आज़मी ने बताया कि फरवरी के महीने में वे दुबई के गल्फ फूड एक्सपो में गए थे, वहां उन्होंने 250 टन खजूर का ऑर्डर दिया था. इसे लखनऊ पहुंचना था लेकिन, कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन से खजूर की सप्लाई नहीं हो सकी.

फरवरी के महीने में ही स्टॉक न की जाती खजूर तो होती और मुश्किल

लखनऊ के एक दूसरे थोक खजूर व्यापारी मोहम्मद रईस ने बताया कि गनीमत ये रही कि हर साल की तरह इस साल भी फरवरी के महीने में खजूर का स्टॉक कर लिया गया था. गल्फ कण्ट्रीज में अगस्त सितम्बर में खजूर की फसल तैयार होती है. इसे इम्पोर्ट करते-करते नया साल आ ही जाती है. ऐसे में खजूर का स्टॉक फरवरी में आ गया था जिसे कोल्ड स्टोरेज में रख दिया गया था. इसकी वजह से बाजार में खजूर की आवक तो है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसकी सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है. यही वजह है कि कीमतों में उछाल देखा जा रहा है. उन्होने ये आशंका जाहिर की कि यदि लॉकडाउन की अवधि और लम्बी होती है तो कीमतें अगले हफ्ते तक और बढ़ेंगी. लॉकडाउन की वजह से मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई और गुजरात तक पहुंची खजूर देश के दूसरे हिस्सों में समय से नहीं पहुंच पायी.

खजूर को लेकर रोज़ेदारों में क्या है मान्यता

मान्यता है कि खजूर पैगम्बर मोहम्मद साहब को बहुत पसंद थी. इसीलिए शाम को रोजा खोलते समय रोज़ेदारों का पहला आहार खजूर होती है. इसके बाद ही वे कुछ खाते हैं. हालांकि विधान ये भी है कि यदि खजूर किसी दिन उपलब्ध न हो तो सादे पानी से भी रोजा खोला जा सकता है.

क्वीक एनर्जी का बड़ा जरिया है खजूर

यूपी के रीजनल फूड रिसर्च और एनालिसिस सेंटर के निदेशक डॉ. एस के चौहान ने बताया कि खजूर शरीर को तुरंत उर्जा देती है. इसमें भरपूर मात्रा में शुगर होती है जिससे शरीर को क्वीक एनर्जी मिलती है. इसके साथ ही विटामिन सी और कार्बोहाइड्रेट भी बड़ी मात्रा होती है.

सबसे उन्नत अजुआ खजूर की क्या है मान्यता

ये खजूर की सबसे उनन्त वेरायटी होती है. इसे बहुत पाक़ भी माना जाता है. अजुआ खजूर सउदी अरब के सिर्फ मदीना शहर में ही फलती है. वो भी बहुत कम मात्रा में. इसीलिए दुनियांभर में इसकी मुंहमांगी कीमत मिलती है. थोक व्यापारी मोहमम्द रईस ने बतायाकि अजुआ खजूर इन दिनों 2200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है और वो भी कुछ खास ठिकानों पर ही.

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Tags: Lockdown, Lockdown. Covid 19, Lucknow news

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