लखनऊ: बीजेपी दफ्तर के सामने आत्मदाह करने वाली महिला की अस्‍पताल में मौत, जानें पूरा मामला

महिला 90 फीसदी तक जल गई थी.
महिला 90 फीसदी तक जल गई थी.

भाजपा के प्रदेश कार्यालय लखनऊ ( BJP State Office) के गेट पर आग लगाकर आत्मदाह (Suicide) का प्रयास करने वाली महिला की अस्‍पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 11:22 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में बीजेपी प्रदेश कार्यालय के गेट पर मंगलवार को आग लगाकर आत्मदाह (Suicide) का प्रयास करने वाली महिला की अस्‍पताल में मौत हो गई है.  महिला 90 फीसदी तक जल चुकी थी और उसका इलाज सिविल अस्पताल के बर्न यूनिट में चल रहा था. सिविल अस्पताल के प्रबंधन का कहना है कि चिकित्सकों ने महिला को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. साथ ही कहा कि वह गंभीर हालत में सिविल अस्पताल आई थी.

ये है पूरा मामला
घटना हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला अंजना तिवारी यूपी के महाराजगंज के रहने वाली है. जिसकी शादी अखिलेश तिवारी (35) से हुई थी. बताया जा रहा है कि शादी के कुछ दिनों बाद दोनों के बीच तलाक हो गया था. इसक बाद महिला ने धर्म परिवर्तन कर आसिफ नाम के युवक से शादी रचाई थी. शादी के बाद आसिफ रजा सऊदी चला गया था. महिला के मुताबिक आसिफ के परिजन उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने बीजेपी के गेट नंबर 2 पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली. इस बीच मामले में लखनऊ पुलिस ने पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक को हिरासत में लिया है. आलोक को कांग्रेस पार्टी से जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस को मामले में साजिश की आशंका है. सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल पर आलोक की लोकेशन मिल रही थी. ये भी कहा जा रहा है कि आलोक महिला के संपर्क में भी था.


सीएम योगी से मिलने आई थी लखनऊ


महिला का कहना था कि महराजगंज थाने में उसने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इंसाफ के लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती थी, लेकिन मुलाकात न होने से निराश होकर महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है. जहां महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है. सिविल अस्पताल पर डीसीपी, एडीसीपी इंस्पेक्टर हजरतगंज समेत तमाम पुलिस के अधिकारी मौजूद है. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'लव जिहाद' और धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर संज्ञान लिया है.
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