Babri Demolition Case : बचाव पक्ष की लिखित बहस दाखिल, मौखिक बयान के लिए मंगलवार तक का समय

अदालत को फैसला करने में सीबीआई के 351 गवाहों और अन्य दस्तावेजों पर गौर करना है.

अदालत को फैसला करने में सीबीआई के 351 गवाहों और अन्य दस्तावेजों पर गौर करना है.

विशेष न्यायधीश एसके यादव ने बचाव पक्ष के वकील से कहा कि अगर वह मौखिक रूप से कुछ कहना चाहते हैं तो मंगलवार तक कह सकते हैं, वरना उनके अवसर समाप्त हो जाएंगे.

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लखनऊ. अयोध्या के बाबरी विध्वंस केस (Babri Demolition Case) में सोमवार को बचाव पक्ष द्वारा लिखित बहस दाखिल की गई. इस मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani), प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (Kalyan Singh), पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी (Murali Manohar Joshi), पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) व साक्षी महाराज (Sakshi Maharaj) सहित 32 आरोपी हैं.

मौखिक बयान के लिए मंगलवार तक का समय

विशेष न्यायधीश एसके यादव ने बचाव पक्ष के वकील से कहा कि अगर वह मौखिक रूप से कुछ कहना चाहते हैं तो मंगलवार तक कह सकते हैं, वरना उनके अवसर समाप्त हो जाएंगे. इससे पहले अदालत ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की थी कि बार-बार समय दिए जाने के बाद भी बचाव पक्ष लिखित बहस दाखिल नहीं कर रहा है. सीबीआई की विशेष अदालत को उच्चतम न्यायालय ने सितंबर महीने तक मामले की सुनवाई पूरी करने व निर्णय करने को कहा है. अदालत को फैसला करने में सीबीआई के 351 गवाहों और अन्य दस्तावेजों पर गौर करना है. सीबीआई पहले ही 400 पृष्ठों की लिखित बहस दाखिल कर चुकी है.

आडवाणी दर्ज करा चुके हैं बयान
इस मामले में पूर्व गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने सीबीआई की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना बयान दर्ज करा दिया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सीबीआई के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया. उन्होंने अपने बयान में कहा, 'मैं निर्दोष हूं. मैं किसी भी घटना में शामिल नहीं था.' कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए आडवाणी ने कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार के इशारे पर मुझे साजिशन फंसाया गया है.

सारे आरोपों से जोशी कर चुके हैं इनकार

इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष भाजपा के दिग्‍गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराया था. उन्होंने कोर्ट से खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि घटना के वक्त वह मौके पर मौजूद नहीं थे. यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और मुझे फर्जी तरीके से फंसाया गया है. इसके अलावा जोशी ने सीबीआई के सभी आरोपों को सिरे से नकाराते हुए गवाहों के बयान को भी झूठा बताया है.



वीडियो कैसेट से हुई छेड़छाड़

भाजपा के दिग्‍गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने कोर्ट से यह भी कहा कि सबूत के तौर पर पेश वीडियो कैसेट से छेड़छाड़ हुई है, जबकि योजना के तहत कैसेट को जांच में शामिल किया गया है. इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कल्याण सिंह राम जन्मभूमि स्थल गए थे और उन्‍होंने वहां मंदिर निर्माण का संकल्प नहीं दोहराया था. वहीं, जोशी ने उस वक्त के समाचार पत्रों की खबरों का भी खंडन किया. उन्‍होंने कोर्ट से कहा कि वह अपनी बेगुनाही के सबूत समय आने पर पेश करेंगे.

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