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UP में कम नहीं हो रहा डेंगू का डंक, लखनऊ सहित राज्य भर में हजारों लोग बीमार

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 31, 2019, 1:06 PM IST
UP में कम नहीं हो रहा डेंगू का डंक, लखनऊ सहित राज्य भर में हजारों लोग बीमार
राजधानी लखनऊ में कई जगह डेंगू की रोकथाम के लिए प्रयास जारी हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है.

सरकार ने हालांकि दावा किया है कि दवाएं और इलाज मुहैया कराया जा रहा है लेकिन लखनऊ को छोड़ कर बाकी जगहों पर हालात बहुत अच्छे दिखाई नहीं देते हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राजधानी लखनऊ (Lucknow) समेत प्रदेश भर में डेंगू (Dengue) को लेकर बुरा हाल है. मौसमी बुखार और डेंगू के हजारों मरीज अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. स्थित ये है कि लखनऊ के सभी सरकारी अस्पताल (Government Hospital) डेंगू के मरीजों से भर चुके हैं. सरकार ने हालांकि दावा किया है कि दवाएं और इलाज मुहैया कराया जा रहा है लेकिन लखनऊ को छोड़ कर बाकी जगहों पर हालात बहुत अच्छे दिखाई नहीं देते हैं. शासन और निदेशालय में बैठे अफसर सिर्फ खानापूर्ति के लिए कागजों पर कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं. सिर्फ लखनऊ की बात करें तो यहां अस्पतालों में 600 से ज्यादा डेंगू और वायरल बुखार के मरीज भर्ती हैं.

लखनऊ में तीन लोगों की हो चुकी है मौत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक डेंगू से लखनऊ में तीन लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन हकीकत में यह आंकड़ा इससे ज्यादा है. माना जाता है कि दिवाली के त्योहार के बाद डेंगू के मरीजों की संख्या कम हो जाती है लेकिन अभी तक मरीजों की संख्या में बहुत ज्यादा परिवर्तन दिखाई नहीं दे रहा है.

कई अफसर, पुलिसकर्मी भी डेंगू बुखार के शिकार

डेंगू के प्रकोप का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश सरकार के तेज तर्रार और सीनियर आईएएस अफसर नवनीत सहगल से लेकर कुछ सीनियर पीसीएस अफसर तक इस साल डेंगू के शिकार हो गए. लखनऊ के आधा दर्जन थानों के सिपाही और दो दारोगा को भी डेंगू बुखार हो गया. ऐसा नहीं है कि डेंगू के आमद का वक्त विभागीय अधिकारियों को मालूम नहीं है. सबको पता है कि बरसात के बाद शुरू होने वाला डेंगू हर साल हजारों लोगों को अपने चपेट में लेता है. बावजूद इसके इससे लड़ने की तैयारियां अमल में नहीं लाई जातीं.

2009 में 100 लोगों की हुई थी मौत

बता दें कि डेंगू का मच्छर दिन में काटता है और लोगों को अपना शिकार बनाता है. नगर निगम डेंगू के नाम पर हर साल करोड़ों की फॉगिंग करवाता है, साथ ही एंटी लार्वा का भी छिड़काव होता है लेकिन हालात साल दर साल एक जैसे होते हैं. सरकारें आती हैं और जाती हैं लेकिन डेंगू का प्रकोप बदस्तूर बना रहता है. साल 2009 को याद करें तो लखनऊ में डेंगू और बुखार से 100 लोगों की मौत हुई थी. सरकारी स्तर पर इस साल 12 विभागों की एक संयुक्त टीम बना कर सरकार ने डेंगू के खिलाफ अभियान चलाया. इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, ग्राम्य विकास विभाग, शिक्षा विभाग, उद्यान विभाग को विशेष निर्देश दिए गए थे. सरकारी कोशिशों के बाद भी इस साल डेंगू और मौसमी बुखार को लेकर बहुत परिवर्तन दिखाई नहीं देता है.
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हफ्ते भर में मरीज कम होंगे: सीएमओ लखनऊ

जानकार मानते हैं कि सरकारी कोशिशों के साथ आम जनता में जागरुकता का होना भी जरूरी है. डेंगू को लेकर सरकार लगातार भ्रांतियां दूर करने की भी कोशिश कर रही है. स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि एक हफ्ते के भीतर हालांकि डेंगू के मरीजों की संख्या कम हो जाएगी लेकिन सवाल बदस्तूर वही है कि आखिर साल दर साल आने वाली इस समस्या का हल क्या है? लखनऊ के सीएमओ डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा कि लखनऊ को कुल आठ जोन में बांटकर हम लोग एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ को नोडल इंचार्ज बनाए हुए हैं. एंटी लार्वा का छिड़काव लगातार हो रहा है, साथ ही फांगिग भी हो रही है. उम्मीद है कि एक हफ्ते में मरीजों की संख्या तेजी से कम होगी.

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First published: October 31, 2019, 12:22 PM IST
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