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देवरिया कांड: जांच पूरी, रिपोर्ट तैयार, कई पर गाज गिरा सकती है योगी सरकार

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 7, 2018, 5:10 PM IST
देवरिया कांड: जांच पूरी, रिपोर्ट तैयार, कई पर गाज गिरा सकती है योगी सरकार
योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने निर्देश पर मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने जांच दल को देवरिया भेजा था. जांच दल ने शेल्टर होम से मुक्त कराई गईं बच्चियों के बयान दर्ज किए हैं.

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देवरिया के मां विंध्यवासिनी शेल्टर होम में बच्चियों के साथ देह व्यापार के खुलासे के मामले में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ रीता बहुगुणा जोशी समेत दो सदस्यीय जांच टीम को शाम 6 बजे तलब किया है. प्रमुख सचिव समाज कल्याण रेणुका कुमार और एडीजी महिला हेल्पलाइन अंजू गुप्ता के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय जांच टीम मामले में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगी. कहा जा रहा है कि रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी. यह भी कहा जा रहा है कि मामले में कई अन्य लोगों पर भी गाज गिर सकती है.

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने जांच दल को देवरिया भेजा था. जांच दल ने शेल्टर होम से मुक्त कराई गईं बच्चियों के बयान दर्ज किए. साथ ही उनका मेडिकल भी करवाया गया था. जांच टीम ने मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई का भी परिक्षण किया है. हालांकि सभी की निगाह लड़कियों के मेडिकल टेस्ट पर है, जिसे अभी तक गोपनीय रखा गया है.

मामले में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के देवरिया मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह मामले में मुख्य आरोपी संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के गोरखपुर स्थित वृद्धाश्रम को पुलिस ने सील कर दिया है. वहीं पुलिस ने आरोपी की पुत्री कंचन लता त्रिपाठी को देवरिया में हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

देवरिया के एसपी रोहन पी कनय के अनुसार, कंचन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उधर जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट में प्रशासन की लापरवाही और कई खामिया पाई गईं है. इसमें लड़कियों की मेडिकल जांच में शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई है.

देवरिया के मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह से अब तक 20 लड़कियों के गायब होने की बात सामने आ रही है. मामले में पता चला है कि संरक्षण गृह की तरफ से जिला प्रशासन को 43 लड़कियां होने की जानकारी दी गई थी. 2017 में संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने बताया था कि यहां 43 लड़कियां थीं.


वहीं पुलिस की छापेमारी में अब तक 23 लड़कियां ही बरामद हुई हैं. रिपोर्ट के आधार पर 20 लड़कियां गायब मानी जा रही हैं. लेकिन ये कौन हैं, इनका नाम और पता क्या है? इस पर निलंबित किए गए पूर्व डीपीओ भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं. पुलिस पूछताछ में निलंबित डीपीओ गायब लड़कियों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे सके. अब पता चला है कि निलंबित डीपीओ सौंपी गई लड़कियों की पत्रावली खोज रहे हैं.

उधर मामले में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि शेल्टर होम से 23 बच्चे मिले हैं. बाकी गायब बच्चों का रिकॉर्ड्स से टैली करवाकर पता लगाया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि मंडल स्तर पर सरकार बड़े बाल गृह खोलेगी. सरकार केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के सुझावों पर भी अमल करेगी. बीजेपी की सरकार जिम्मेदार एनजीओ को काम सौंप रही है.

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First published: August 7, 2018, 4:36 PM IST
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