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UP में बच्चा चोरी की अफवाह व हिंसा पर DGP एक्शन में, रासुका लगाने के निर्देश

भीड़ हिंसा पर एक्शन में डीजीपी ओपी सिंह
भीड़ हिंसा पर एक्शन में डीजीपी ओपी सिंह

डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) ने अफवाह और हिंसा फैलाने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बच्चा चोरी (Child Lifter Gang) की अफवाह और उन्मादी भीड़ का तांडव (Mob Lynching) जानलेवा हो गया है. पिछले एक महीने में सूबे के 22 से ज्यादा जिलों में बच्चा चोरी की अफवाह पर निर्दोषों की पिटाई के 51 मामले सामने आए हैं. जिसके बाद सूबे पुलिस मुखिया ओपी सिंह (DGP OP Singh)ने बच्चा चोरी की अफवाह और भीड़ की हिंसा पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. डीजीपी ओपी सिंह ने अफवाह और हिंसा फैलाने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

डीजीपी ने बुधवार को सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को मामले में गंभीरता बरतने का निर्देश भी दिया. साथ ही कहा कि बच्चा चोरी की अफवाह से हुई हिंसा से जुड़े मुकदमों में 15 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल की जाएगी. पुलिस को अस्पताल, रेलवे व बस स्टेशन और बड़े बाजार में ग्रुप पेट्रोलिंग के भी निर्देश दिए हैं. डीजीपी ने जनता से अपील भी की है कि अगर किसी भी तरह का शक होता है तो तत्काल पोलकी को सूचित किया जाए. जनता कानून को अपने हाथों में न ले. हालांकि बुधवार को कानपुर देहात समेत कई जिलों में पुलिस की टीम बच्चा चोरी की अफवाह को लेकर मुनादी भी करती नजर आई.

अब तक एक की मौत, 35 घायल



बच्चा चोरी की अफवाह और भीड़ का तांडव बुधवार को भी जारी रहा. उधर मंगलवार को संभल जिले के चंदौसी में अपने बीमार भतीजे को अस्पताल ले जा रहे दो भाइयों पर भीड़ ने बच्चा चोर के शक में हमला बोल दिया. इस हमले में एक की मौत हो गई जबकि दूसरा अस्पताल में भाई जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. उधर बुधवार को फ़तेहपुर में बच्चा चोरी के शक में सैकड़ों ग्रामीणों ने एक मेडिकल टीम पर हमला बोल दिया. उन्हें बचाने पहुंची पुलिस पर भी ग्रामीणों ने हमला बोल दिया., इस हमले में एक दरोगा समेत तीन लोग घायल हैं. अब तक प्रदेश में भीड़ की हिंसा से एक की मौत हो चुकी है जबकि 35 लोग घायल हैं.
mob lynching
यूपी में जारी है भीड़ हिंसा


सबसे ज्यादा मामले मेरठ में

बच्चा चोरी की सबसे ज्यादा अफवाह मेरठ मंडल से आई है. यहां 19 मामले सामने आए हैं, जहां लोग भीड़ का शिकार हुए. इसके अलावा 12 केस आगरा, कानपुर में सैट, बरेली में चार, लखनऊ व गोरखपुर में दो-दो, संभल, रायबरेली, फतेहपुर, मुजफ्फरनगर व शामली में एक-एक मामले सामने आए हैं.
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